{"_id":"6127bd418ebc3e7a157ea2ea","slug":"trains-are-stopped-from-covid-pandemic-passangers-are-suffering-sultanpur-news-lko5928391119","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमित ट्रेनें न चलने से सैकड़ों यात्री हो रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमित ट्रेनें न चलने से सैकड़ों यात्री हो रहे परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। स्थानीय स्टेशन से होकर गुजरने वाली नियमित ट्रेन वरुणा एक्सप्रेस, मेेमू व पैसेंजर गाड़ियों का संचालन कोविड काल में बंद होने से करीब एक हजार दैनिक यात्रियों को लखनऊ-वाराणसी जाने-आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर रेलवे को काफी नुकसान पहुंचा है। विभाग को प्रतिमाह 10.35 लाख का घाटा हो रहा है।
कोविड काल में रूट की प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था। यह समय रेलवे के लिए काफी नुकसानदायक रहा। इस दौरान जो घाटा हुआ, उससे रेलवे अभी तक उबर नहीं पाया है। नियमित रूप से संचालित होने वाली ट्रेनों से प्रतिदिन जो राजस्व मिलता था।
वह कोविड काल से बंद हो गया है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से सबसे अधिक राजस्व वरुणा एक्सप्रेस, मेमू, सुल्तानपुर-लखनऊ पैसेंजर, सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर से होता था। पिछले दिनों सिर्फ सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन का संचालन बहाल किया गया था लेकिन उससे मिलने वाला राजस्व नाम मात्र का है।
विज्ञापन
सुल्तानपुर से लखनऊ व वाराणसी के बीच चलने वाली नियमित ट्रेनों से करीब 1,000 यात्री प्रतिदिन लखनऊ से वाराणसी के बीच यात्रा करते थे। जो अब गंतव्य तक जाने के लिए अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं। जो उनके लिए काफी खर्चीला साबित हो रहा है। नियमित रूप से चलने वाली वरुणा एक्सप्रेस, मेमू, सुल्तानपुर-लखनऊ व सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से रेलवे को प्रतिदिन लगभग 34,500 रुपये व प्रतिमाह करीब 10.35 लाख रुपये की आय होती थी।
कोविड काल के दौरान इन ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को हर महीने 10.35 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि वरुणा एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं होने से रेलवे को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वरुणा एक्सप्रेस से प्रतिदिन 600 लोग करते थे सफर
लखनऊ से वाराणसी के बीच प्रतिदिन चलने वाली वरुणा एक्सप्रेस का संचालन बंद होने से रेलवे को प्रतिमाह नौ लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से सिर्फ वरुणा एक्सप्रेस से प्रतिदिन करीब 600 यात्री दैनिक यात्रा करते थे।
इस ट्रेन के संचालन से सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से रेलवे को प्रतिदिन 30,000 रुपये व प्रतिमाह नौ लाख रुपये की आय होती थी। वहीं मेमू, सुल्तानपुर-वाराणसी व सुल्तानपुर लखनऊ-पैसेंजर से प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 200-300 थी। मेमू व पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से रेलवे को प्रतिदिन करीब 4,500 रुपये की आय होती थी।
लंबी दूरी की ट्रेनों में नहीं मिलती सीट
व्यापारी राजीव मिश्र बताते हैं कि कोविड काल में प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद होने से नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। लंबी दूरी की ट्रेनों में दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को जगह ही नहीं मिल पाती है।
निजी फर्म में काम करने वाले संजय जायसवाल कहते हैं कि उन्हें काम के सिलसिले में अक्सर लखनऊ जाना पड़ता है। कम दूरी के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों में तत्काल सेंकंड सीटिंग नहीं मिल पाती है। इसके लिए कई दिन पहले से रिजर्वेशन कराना पड़ता है। ऐसे में लखनऊ जाने के लिए बसों व अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यदि नियमित ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया जाय तो हमें काफी सुविधा मिलेगी।
वरुणा एक्सप्रेस चलाने को मेनका गांधी ने बोर्ड को लिखा पत्र
स्टेशन अधीक्षक, सुल्तानपुर बीएस मीना का कहना है कि कोविड काल में सुल्तानपुर से लखनऊ व वाराणसी के लिए वरुणा एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को नुकसान तो हो ही रहा है। दैनिक यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इन ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए रेलवे मुख्यालय को लगातार लिखा-पढ़ी की जा रही है। सांसद मेनका गांधी ने भी वरुणा एक्सप्रेस के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही ट्रेनों का संचालन बहाल हो जाएगा।
विज्ञापन
कोविड काल में रूट की प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था। यह समय रेलवे के लिए काफी नुकसानदायक रहा। इस दौरान जो घाटा हुआ, उससे रेलवे अभी तक उबर नहीं पाया है। नियमित रूप से संचालित होने वाली ट्रेनों से प्रतिदिन जो राजस्व मिलता था।
विज्ञापन
वह कोविड काल से बंद हो गया है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से सबसे अधिक राजस्व वरुणा एक्सप्रेस, मेमू, सुल्तानपुर-लखनऊ पैसेंजर, सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर से होता था। पिछले दिनों सिर्फ सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन का संचालन बहाल किया गया था लेकिन उससे मिलने वाला राजस्व नाम मात्र का है।
विज्ञापन
सुल्तानपुर से लखनऊ व वाराणसी के बीच चलने वाली नियमित ट्रेनों से करीब 1,000 यात्री प्रतिदिन लखनऊ से वाराणसी के बीच यात्रा करते थे। जो अब गंतव्य तक जाने के लिए अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं। जो उनके लिए काफी खर्चीला साबित हो रहा है। नियमित रूप से चलने वाली वरुणा एक्सप्रेस, मेमू, सुल्तानपुर-लखनऊ व सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से रेलवे को प्रतिदिन लगभग 34,500 रुपये व प्रतिमाह करीब 10.35 लाख रुपये की आय होती थी।
कोविड काल के दौरान इन ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को हर महीने 10.35 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि वरुणा एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं होने से रेलवे को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वरुणा एक्सप्रेस से प्रतिदिन 600 लोग करते थे सफर
लखनऊ से वाराणसी के बीच प्रतिदिन चलने वाली वरुणा एक्सप्रेस का संचालन बंद होने से रेलवे को प्रतिमाह नौ लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से सिर्फ वरुणा एक्सप्रेस से प्रतिदिन करीब 600 यात्री दैनिक यात्रा करते थे।
इस ट्रेन के संचालन से सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से रेलवे को प्रतिदिन 30,000 रुपये व प्रतिमाह नौ लाख रुपये की आय होती थी। वहीं मेमू, सुल्तानपुर-वाराणसी व सुल्तानपुर लखनऊ-पैसेंजर से प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 200-300 थी। मेमू व पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से रेलवे को प्रतिदिन करीब 4,500 रुपये की आय होती थी।
लंबी दूरी की ट्रेनों में नहीं मिलती सीट
व्यापारी राजीव मिश्र बताते हैं कि कोविड काल में प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद होने से नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। लंबी दूरी की ट्रेनों में दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को जगह ही नहीं मिल पाती है।
निजी फर्म में काम करने वाले संजय जायसवाल कहते हैं कि उन्हें काम के सिलसिले में अक्सर लखनऊ जाना पड़ता है। कम दूरी के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों में तत्काल सेंकंड सीटिंग नहीं मिल पाती है। इसके लिए कई दिन पहले से रिजर्वेशन कराना पड़ता है। ऐसे में लखनऊ जाने के लिए बसों व अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यदि नियमित ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया जाय तो हमें काफी सुविधा मिलेगी।
वरुणा एक्सप्रेस चलाने को मेनका गांधी ने बोर्ड को लिखा पत्र
स्टेशन अधीक्षक, सुल्तानपुर बीएस मीना का कहना है कि कोविड काल में सुल्तानपुर से लखनऊ व वाराणसी के लिए वरुणा एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को नुकसान तो हो ही रहा है। दैनिक यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इन ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए रेलवे मुख्यालय को लगातार लिखा-पढ़ी की जा रही है। सांसद मेनका गांधी ने भी वरुणा एक्सप्रेस के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही ट्रेनों का संचालन बहाल हो जाएगा।