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Sultanpur News: बंदियों से मुलाकात करने वालों को अब नहीं सताएगी तेज धूप
Fri, 10 May 2024 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 10 May 2024 12:29 AM IST
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सुल्तानपुर। जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात करने के लिए आने वाले लोगों को अभी तेज धूप में इंतजार करना पड़ता है। लेकिन आने वाले दिनों में मुलाकातियों के लिए छाया का इंतजाम हो रहा है। जेल प्रशासन वहां नए शेड का निर्माण करवा रहा है। यही नहीं कैदियों के लिए बड़ी संख्या में पीसीओ भी बढ़ाए गए हैं।
सुल्तानपुर जिला कारागार को जिन लोगों ने चंद महीने पहले देखा था, उन्हें यहां अनेक बदलाव नजर आएंगे। खासकर कैदियों और मुलाकातियों के लिए जेल मैनुअल के हिसाब से सारी सुविधाओं का नए सिरे से इंतजाम हो रहा है। इसी कड़ी में जेल के बाहर शेड का निर्माण करवाया जा रहा है। देर रात हो जाने पर इस इलाके में छाए अंधेरे को दूर करने के लिए अब कई लाइटें भी लगवा दी गई हैं, जिससे मुलाकातियों को बेहद सुविधा मिल रही है।
जेल की दीवारों पर जल्द ही आकर्षक पेंटिंग कराए जाने की तैयारी है। इसके अलावा 1100 से अधिक कैदी व विचाराधीन कैदियों के लिए अभी तक केवल छह पीसीओ थे, जिससे कैदियों को फोन के लिए लाइन लगानी पड़ती थी। अधीक्षक ने अब यहां 13 पीसीओ लगवा दिए हैं। इसके अलावा दो पीसीओ महिला बैरक और एक बच्चा बैरक भी लगवाई गई है। इससे अब बंदियों को लाइन नहीं लगानी पड़ती है।
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बंदियों को मिलने लगा शुद्ध पेयजल
यही नहीं जेल में लंबे समय से खराब चल रहे सेंटल वाटर फिल्टर सिस्टम को भी ठीक कराया गया है। जिससे अब सभी को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। खाने-पीने पर अब सीधे अधीक्षक की नजर रहती है। इसलिए खान-पान की गुणवत्ता भी बदली है।
सुरक्षा इंतजाम हुए कड़े
जिला कारागार में एक महीने पहले तक मैनुअल ही जांच की जाती थी। क्योंकि वहां मेटल डिटेक्टर तक नहीं था। किंतु अब जेल आने वाले हर शख्स को मेटल डिटेक्टर की जांच से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा जेल कर्मचारियों के लिए टॉर्च और डंडे जैसे अति आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है।
जेल मैनुअल के अनुसार देंगे सुविधाएं
जेल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। लेकिन साथ ही यह भी प्रयास हो रहे हैं कि कैदियों को जेल मैनुअल के हिसाब से सारी सुविधाएं मिलें। सारा फोकस इसी बात पर है।
- प्रांजिल अरविंद, अधीक्षक, जिला कारागार
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सुल्तानपुर जिला कारागार को जिन लोगों ने चंद महीने पहले देखा था, उन्हें यहां अनेक बदलाव नजर आएंगे। खासकर कैदियों और मुलाकातियों के लिए जेल मैनुअल के हिसाब से सारी सुविधाओं का नए सिरे से इंतजाम हो रहा है। इसी कड़ी में जेल के बाहर शेड का निर्माण करवाया जा रहा है। देर रात हो जाने पर इस इलाके में छाए अंधेरे को दूर करने के लिए अब कई लाइटें भी लगवा दी गई हैं, जिससे मुलाकातियों को बेहद सुविधा मिल रही है।
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जेल की दीवारों पर जल्द ही आकर्षक पेंटिंग कराए जाने की तैयारी है। इसके अलावा 1100 से अधिक कैदी व विचाराधीन कैदियों के लिए अभी तक केवल छह पीसीओ थे, जिससे कैदियों को फोन के लिए लाइन लगानी पड़ती थी। अधीक्षक ने अब यहां 13 पीसीओ लगवा दिए हैं। इसके अलावा दो पीसीओ महिला बैरक और एक बच्चा बैरक भी लगवाई गई है। इससे अब बंदियों को लाइन नहीं लगानी पड़ती है।
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बंदियों को मिलने लगा शुद्ध पेयजल
यही नहीं जेल में लंबे समय से खराब चल रहे सेंटल वाटर फिल्टर सिस्टम को भी ठीक कराया गया है। जिससे अब सभी को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। खाने-पीने पर अब सीधे अधीक्षक की नजर रहती है। इसलिए खान-पान की गुणवत्ता भी बदली है।
सुरक्षा इंतजाम हुए कड़े
जिला कारागार में एक महीने पहले तक मैनुअल ही जांच की जाती थी। क्योंकि वहां मेटल डिटेक्टर तक नहीं था। किंतु अब जेल आने वाले हर शख्स को मेटल डिटेक्टर की जांच से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा जेल कर्मचारियों के लिए टॉर्च और डंडे जैसे अति आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है।
जेल मैनुअल के अनुसार देंगे सुविधाएं
जेल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। लेकिन साथ ही यह भी प्रयास हो रहे हैं कि कैदियों को जेल मैनुअल के हिसाब से सारी सुविधाएं मिलें। सारा फोकस इसी बात पर है।
- प्रांजिल अरविंद, अधीक्षक, जिला कारागार