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Sultanpur News: ओटीपी में उलझी रजिस्ट्री, आधार सत्यापन न होने से बैरंग वापस
Thu, 05 Feb 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:08 AM IST
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जयसिंहपुर उप निबंधक कार्यालय में बैनामा कराते लोग। संवाद
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जयसिंहपुर। दिल्ली से जमीन का बैनामा करने आए संतोष कुमार ने बताया कि वह बुधवार को बैनामा कराने जयसिंहपुर तहसील के निबंधक कार्यालय पहुंचे। कुछ देर तक नेटवर्क की समस्या रही, फिर पता चला कि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, पूरा दिन बीत गया, लेकिन रजिस्ट्री का आवेदन नहीं हो सका।
जयसिंहपुर तहसील में बुधवार को लोगों की भीड़ लगी हुई थी, यहां तकनीकी खामियों से रजिस्ट्री प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित रही। ओटीपी न आने, नेटवर्क की सुस्त गति और आधार डाटा में त्रुटियों के कारण करीब चार लोग बिना बैनामा कराए मायूस लौटे। जिले के पांच उपनिबंधक कार्यालयों में सोमवार को कुल 96 आवेदन आए, जबकि 83 रजिस्ट्री हो सकी। तकनीकी कारणों से 13 लोग बिना रजिस्ट्री कराए वापस हुए। इसी तरह मंगलवार को जिले में कुल 104 आवेदन आए, जिसमें से 89 लोगों की रजिस्ट्री हो सकी, जबकि 15 लोग मायूस लौटे। बुधवार को जयसिंहपुर समेत अन्य तहसीलों में भी यही स्थिति देखने को मिली।
जिले के पांचों उप निबंधक कार्यालयों में भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू की गई आधार आधारित ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है। हालापुर के प्रवेश कुमार वर्मा बुधवार को भाई के नाम रजिस्ट्री करने आए थे। बताया कि आधार सत्यापन के बाद अंगूठे की स्कैनिंग में काफी वक्त लग रहा था। नेटवर्क बार-बार बाधित होने से ओटीपी समय पर नहीं पहुंच सका। आधे घंटे तक इंतजार के बाद भी मोबाइल पर संदेश नहीं आया, जिससे रजिस्ट्री आगे नहीं बढ़ सकी।
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छीतेपट्टी की निर्मला भी ओटीपी न मिलने से निराश लौटीं। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई, जिनके आधार कार्ड में पुराना या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे लोगों का ओटीपी जनरेट ही नहीं हो सका। आधार और पैन कार्ड में नाम या अन्य विवरण में मामूली अंतर भी रजिस्ट्री में बाधा बन गई। कई क्रेता-विक्रेता को तकनीकी कारणों से अगली तारीख लेनी पड़ी।
घट गई बैनामे की संख्या
जयसिंहपुर उप निबंधक कार्यालय प्रभारी ठाकुर प्रसाद गौतम ने बताया कि आधारकार्ड से बैनामेदार के सत्यापन के लिए नई मशीन लग गई है। अब आधार से लिंक मोबाइल के सत्यापन के बाद ही बैनामा हो रहा है। औसतन रोजाना 12-14 बैनामा होता था, लेकिन आधार सत्यापन शुरू होने के बाद यह संख्या 9 से 10 हो गई है।
नई व्यवस्था से खत्म होगा फर्जीवाड़ा
नई व्यवस्था से फर्जीवाड़ा पूरी तरह खत्म होगा। अब कोई दूसरा व्यक्ति भू-स्वामी की जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर सकेगा, और विवादों में कमी आएगी। हालांकि तकनीकी कारणों से अपेक्षित संख्या में बैनामे नहीं हो सके, जल्द ही सुधार हो जाएगा।
- धर्मेंद्र कुमार चौधरी, एआईजी स्टांप
क्या सुधरे तो मिले राहत
ओटीपी फेल पर वैकल्पिक सत्यापन की व्यवस्था हो
उप निबंधक कार्यालय में आधार अपडेट काउंटर खोले जाएं
नेटवर्क और सर्वर क्षमता बढ़ाई जाए, बैकअप इंटरनेट मिले
शुरुआती दिनों में तकनीकी लचीलापन अपनाया जाए
बायोमीट्रिक के लिए अतिरिक्त मशीन व स्टाफ तैनात हों
रजिस्ट्री से पहले जन जागरूकता अभियान चलाया जाए
बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगों को प्राथमिकता काउंटर मिले
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जयसिंहपुर तहसील में बुधवार को लोगों की भीड़ लगी हुई थी, यहां तकनीकी खामियों से रजिस्ट्री प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित रही। ओटीपी न आने, नेटवर्क की सुस्त गति और आधार डाटा में त्रुटियों के कारण करीब चार लोग बिना बैनामा कराए मायूस लौटे। जिले के पांच उपनिबंधक कार्यालयों में सोमवार को कुल 96 आवेदन आए, जबकि 83 रजिस्ट्री हो सकी। तकनीकी कारणों से 13 लोग बिना रजिस्ट्री कराए वापस हुए। इसी तरह मंगलवार को जिले में कुल 104 आवेदन आए, जिसमें से 89 लोगों की रजिस्ट्री हो सकी, जबकि 15 लोग मायूस लौटे। बुधवार को जयसिंहपुर समेत अन्य तहसीलों में भी यही स्थिति देखने को मिली।
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जिले के पांचों उप निबंधक कार्यालयों में भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू की गई आधार आधारित ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है। हालापुर के प्रवेश कुमार वर्मा बुधवार को भाई के नाम रजिस्ट्री करने आए थे। बताया कि आधार सत्यापन के बाद अंगूठे की स्कैनिंग में काफी वक्त लग रहा था। नेटवर्क बार-बार बाधित होने से ओटीपी समय पर नहीं पहुंच सका। आधे घंटे तक इंतजार के बाद भी मोबाइल पर संदेश नहीं आया, जिससे रजिस्ट्री आगे नहीं बढ़ सकी।
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छीतेपट्टी की निर्मला भी ओटीपी न मिलने से निराश लौटीं। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई, जिनके आधार कार्ड में पुराना या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे लोगों का ओटीपी जनरेट ही नहीं हो सका। आधार और पैन कार्ड में नाम या अन्य विवरण में मामूली अंतर भी रजिस्ट्री में बाधा बन गई। कई क्रेता-विक्रेता को तकनीकी कारणों से अगली तारीख लेनी पड़ी।
घट गई बैनामे की संख्या
जयसिंहपुर उप निबंधक कार्यालय प्रभारी ठाकुर प्रसाद गौतम ने बताया कि आधारकार्ड से बैनामेदार के सत्यापन के लिए नई मशीन लग गई है। अब आधार से लिंक मोबाइल के सत्यापन के बाद ही बैनामा हो रहा है। औसतन रोजाना 12-14 बैनामा होता था, लेकिन आधार सत्यापन शुरू होने के बाद यह संख्या 9 से 10 हो गई है।
नई व्यवस्था से खत्म होगा फर्जीवाड़ा
नई व्यवस्था से फर्जीवाड़ा पूरी तरह खत्म होगा। अब कोई दूसरा व्यक्ति भू-स्वामी की जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर सकेगा, और विवादों में कमी आएगी। हालांकि तकनीकी कारणों से अपेक्षित संख्या में बैनामे नहीं हो सके, जल्द ही सुधार हो जाएगा।
- धर्मेंद्र कुमार चौधरी, एआईजी स्टांप
क्या सुधरे तो मिले राहत
ओटीपी फेल पर वैकल्पिक सत्यापन की व्यवस्था हो
उप निबंधक कार्यालय में आधार अपडेट काउंटर खोले जाएं
नेटवर्क और सर्वर क्षमता बढ़ाई जाए, बैकअप इंटरनेट मिले
शुरुआती दिनों में तकनीकी लचीलापन अपनाया जाए
बायोमीट्रिक के लिए अतिरिक्त मशीन व स्टाफ तैनात हों
रजिस्ट्री से पहले जन जागरूकता अभियान चलाया जाए
बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगों को प्राथमिकता काउंटर मिले