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ट्रेनिंग के लिए ई-मेल आईडी देने को तैयार नहीं गुरुजन
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सुल्तानपुर। ब्लॉक स्तर पर चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सभी शिक्षकों की ई-मेल आईडी राज्य परियोजना कार्यालय से मांगी गई है। ई-मेल आईडी से ही शिक्षकों को प्रशिक्षण का फीडबैक देना होगा लेकिन शिक्षक अपनी ई-मेल आईडी व फोन नंबर नहीं देना चाहते हैं। उन्हें कहीं न कहीं यह भय सता रहा है कि उनके ई-मेल आईडी देने पर प्रेरणा एप में उसका उपयोग हो सकता है।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एकीकृत सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (निष्ठा) सभी ब्लॉकों पर पांच दिवसीय होने हैं। इसके लिए की-रिसोर्स पर्सन चुने गए हैं, जो संबंधित विषयों में प्रशिक्षण देंगे। इस प्रशिक्षण के लिए सभी शिक्षकों से उनकी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर मांगे गए हैं।
ई-मेल आईडी दर्ज कराने का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण सामग्री उनके मेल पर सीधे भेजी जा सके और प्रशिक्षण के बाद फीडबैक भी ई-मेल के जरिए प्राप्त किया जा सके। सभी ब्लॉकों से 150-150 शिक्षकों की सूची मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के साथ मांगी गई है।
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ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया जा सके। खंड शिक्षाधिकारी सूची एकत्र कर रहे हैं लेकिन शिक्षक ई-मेल आईडी देने से कतरा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि उनकी ई-मेल आईडी का प्रयोग प्रेरणा के लिए किया जा सकता है।
ब्लॉक स्तर पर होने वाली ट्रेनिंग के लिए पहले केआरपी को प्रतिदिन 1000 रुपये मानदेय देने की बात कही जा रही थी लेकिन अब प्रशिक्षकों को मानदेय नहीं मिलेगा। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने प्रशिक्षण में दिए जाने वाले धनराशि में प्रतिभागियों के नाश्ता, भोजन, स्टेशनरी, स्वच्छता, फोटोग्राफी आदि का जिक्र किया है लेकिन मानदेय वाला कॉलम हटा दिया गया है।
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समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एकीकृत सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (निष्ठा) सभी ब्लॉकों पर पांच दिवसीय होने हैं। इसके लिए की-रिसोर्स पर्सन चुने गए हैं, जो संबंधित विषयों में प्रशिक्षण देंगे। इस प्रशिक्षण के लिए सभी शिक्षकों से उनकी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर मांगे गए हैं।
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ई-मेल आईडी दर्ज कराने का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण सामग्री उनके मेल पर सीधे भेजी जा सके और प्रशिक्षण के बाद फीडबैक भी ई-मेल के जरिए प्राप्त किया जा सके। सभी ब्लॉकों से 150-150 शिक्षकों की सूची मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के साथ मांगी गई है।
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ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया जा सके। खंड शिक्षाधिकारी सूची एकत्र कर रहे हैं लेकिन शिक्षक ई-मेल आईडी देने से कतरा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि उनकी ई-मेल आईडी का प्रयोग प्रेरणा के लिए किया जा सकता है।
ब्लॉक स्तर पर होने वाली ट्रेनिंग के लिए पहले केआरपी को प्रतिदिन 1000 रुपये मानदेय देने की बात कही जा रही थी लेकिन अब प्रशिक्षकों को मानदेय नहीं मिलेगा। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने प्रशिक्षण में दिए जाने वाले धनराशि में प्रतिभागियों के नाश्ता, भोजन, स्टेशनरी, स्वच्छता, फोटोग्राफी आदि का जिक्र किया है लेकिन मानदेय वाला कॉलम हटा दिया गया है।