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Sultanpur News: यूरिया के लिए धक्कामुक्की, दो घंटे में खत्म हो गई तीन सौ बोरी
Wed, 27 Aug 2025 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 27 Aug 2025 01:26 AM IST
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बल्दीराय के बघौना समिति पर यूरिया लेने के लिए जुटे किसान।
सुल्तानपुर। साधन सहकारी समितियों पर जरूरत के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो पाने से यूरिया की किल्लत अभी भी बरकरार है। हफ्तों चक्कर काटने के बाद किसान मजबूरी में निजी दुकानों से महंगे दाम पर यूरिया की खरीदारी कर रहे हैं। उधर, कृषि विभाग का दावा है कि अभीतक 30,000 क्विंटल अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
धनपतगंंज क्षेत्र की मायंग समिति पर मंगलवार को 300 बोरी यूरिया पहुंची तो 500 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई। जल्दी खाद लेने के चक्कर में धक्कामुक्की भी हुई, दो घंटे में ही खाद खत्म हो गई। बड़ी संख्या में किसानों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। मायंग समिति के सचिव श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि 300 बोरी खाद बांट दी गई है। 400 बोरी का पैसा जमा किया है। अभी हमारी समिति के कमांड एरिया के काश्तकारों को 800 बोरी यूरिया की जरूरत है। बल्दीराय क्षेत्र के मीरपुर में 300, बघौना में 350, रैंचा में 300 व तिरहुंत में 200 बोरी खाद का वितरण मंगलवार को हुआ। मीरपुर में पुलिस व्यवस्था लगी रही। बघौना में बरसात में लाइन लगाए किसान भीगते रहे। सभी समितियों पर खाद खत्म हो जाने से बड़ी संख्या में किसान निराश होकर वापस गए।
साधन सहकारी समितियों पर पहुंची खाद
फोटो संख्या-17
भदैंया। हनुमानगंज, भपटा और बरुई समिति पर आठ दिनों के इंतजार के बाद मंगलवार को 400-400 बोरी यूरिया पहुंची। सचिव अनिल तिवारी ने बताया कि डीओसी नंबर आने के बाद दोपहर से यूरिया का वितरण किया जा रहा है। संवाद
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500 बोरी आई यूरिया, आधार से किया वितरण
कुड़वार। साधन सहकारी समिति भंड़रा में मंगलवार को यूरिया आने की सूचना पर सुबह से किसानों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। समिति के परिसर में कतार में लगकर यूरिया के लिए इंतजार में खड़े रहे। किसान राम प्रकाश तिवारी, विजय सिंह, अमरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने बताया कि धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। प्राइवेट दुकानों पर यूरिया महंगी मिलने के साथ गुणवत्तापूर्ण नहीं रहती है। संवाद
यूरिया के लिए भटक रहे किसान
कूरेभार। क्षेत्र के के पटना सैदखानपुर समिति पर मंगलवार को दूसरे दिन भी ताला बंद रहा। किसान मायूस होकर वापस लौट जा रहे हैं। धनजई गांव के किसान मनोज सिंह ने बताया कि अभी तक मुझे खाद नहीं मिली। किसान सुरेश सिंह ने बताया कि कभी इस समिति तो कभी उस समिति का चक्कर लगा रहा हूं। किसान धर्मेंद्र सरोज ने बताया कि छोटी खेती है, वह भी खाद के बिना बर्बाद हो जा रही है। संवाद
270 रुपये में दी जा रही यूरिया
शिवगढ़। भरखरे समिति पर मंगलवार को यूरिया का वितरण किया गया। किसान सोनू ने बताया कि आधार से 270 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद दी गई। सचिव क्षितिज सिंह ने बताया कि किसानों को सरकारी रेट पर खाद का वितरण किया जा रहा है।
किसानों ने बताई परेशानी
धनपतगंज क्षेत्र के डंड़वा निवासी इसराइल ने बताया कि कौन मारा मारी करे। निजी दुकान से 400 रुपये में एक बोरी यूरिया और साथ में एक किलो सल्फर ले लिया। सेमरौना गांव निवासी चंद्रशेखर ने कहा कि दो दिन भाग दौड़ करने के बाद मजबूरी में 400 रुपये में एक बोरी यूरिया प्राइवेट दुकान से ले लिया। साथ में जिंक भी लेनी पड़ी। वहीं, मायंग निवासी राजकरन ने बताया कि खाद नहीं मिली। वापस लौटना पड़ रहा है। संवाद
जरूरत के हिसाब से करें यूरिया का छिड़काव
किसान अपने धान के खेत में जरूरत के हिसाब से ही यूरिया का छिड़काव करें। ज्यादा खाद के इस्तेमाल से पैदा होने वाला अनाज भी हानिकारक हो सकता है। इस बार लक्ष्य से अधिक यूरिया का आवंटन कराया गया है। - अंजनी कुमार, एआर कोऑपरेटिव।
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धनपतगंंज क्षेत्र की मायंग समिति पर मंगलवार को 300 बोरी यूरिया पहुंची तो 500 से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई। जल्दी खाद लेने के चक्कर में धक्कामुक्की भी हुई, दो घंटे में ही खाद खत्म हो गई। बड़ी संख्या में किसानों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। मायंग समिति के सचिव श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि 300 बोरी खाद बांट दी गई है। 400 बोरी का पैसा जमा किया है। अभी हमारी समिति के कमांड एरिया के काश्तकारों को 800 बोरी यूरिया की जरूरत है। बल्दीराय क्षेत्र के मीरपुर में 300, बघौना में 350, रैंचा में 300 व तिरहुंत में 200 बोरी खाद का वितरण मंगलवार को हुआ। मीरपुर में पुलिस व्यवस्था लगी रही। बघौना में बरसात में लाइन लगाए किसान भीगते रहे। सभी समितियों पर खाद खत्म हो जाने से बड़ी संख्या में किसान निराश होकर वापस गए।
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साधन सहकारी समितियों पर पहुंची खाद
फोटो संख्या-17
भदैंया। हनुमानगंज, भपटा और बरुई समिति पर आठ दिनों के इंतजार के बाद मंगलवार को 400-400 बोरी यूरिया पहुंची। सचिव अनिल तिवारी ने बताया कि डीओसी नंबर आने के बाद दोपहर से यूरिया का वितरण किया जा रहा है। संवाद
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500 बोरी आई यूरिया, आधार से किया वितरण
कुड़वार। साधन सहकारी समिति भंड़रा में मंगलवार को यूरिया आने की सूचना पर सुबह से किसानों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। समिति के परिसर में कतार में लगकर यूरिया के लिए इंतजार में खड़े रहे। किसान राम प्रकाश तिवारी, विजय सिंह, अमरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने बताया कि धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। प्राइवेट दुकानों पर यूरिया महंगी मिलने के साथ गुणवत्तापूर्ण नहीं रहती है। संवाद
यूरिया के लिए भटक रहे किसान
कूरेभार। क्षेत्र के के पटना सैदखानपुर समिति पर मंगलवार को दूसरे दिन भी ताला बंद रहा। किसान मायूस होकर वापस लौट जा रहे हैं। धनजई गांव के किसान मनोज सिंह ने बताया कि अभी तक मुझे खाद नहीं मिली। किसान सुरेश सिंह ने बताया कि कभी इस समिति तो कभी उस समिति का चक्कर लगा रहा हूं। किसान धर्मेंद्र सरोज ने बताया कि छोटी खेती है, वह भी खाद के बिना बर्बाद हो जा रही है। संवाद
270 रुपये में दी जा रही यूरिया
शिवगढ़। भरखरे समिति पर मंगलवार को यूरिया का वितरण किया गया। किसान सोनू ने बताया कि आधार से 270 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद दी गई। सचिव क्षितिज सिंह ने बताया कि किसानों को सरकारी रेट पर खाद का वितरण किया जा रहा है।
किसानों ने बताई परेशानी
धनपतगंज क्षेत्र के डंड़वा निवासी इसराइल ने बताया कि कौन मारा मारी करे। निजी दुकान से 400 रुपये में एक बोरी यूरिया और साथ में एक किलो सल्फर ले लिया। सेमरौना गांव निवासी चंद्रशेखर ने कहा कि दो दिन भाग दौड़ करने के बाद मजबूरी में 400 रुपये में एक बोरी यूरिया प्राइवेट दुकान से ले लिया। साथ में जिंक भी लेनी पड़ी। वहीं, मायंग निवासी राजकरन ने बताया कि खाद नहीं मिली। वापस लौटना पड़ रहा है। संवाद
जरूरत के हिसाब से करें यूरिया का छिड़काव
किसान अपने धान के खेत में जरूरत के हिसाब से ही यूरिया का छिड़काव करें। ज्यादा खाद के इस्तेमाल से पैदा होने वाला अनाज भी हानिकारक हो सकता है। इस बार लक्ष्य से अधिक यूरिया का आवंटन कराया गया है। - अंजनी कुमार, एआर कोऑपरेटिव।