{"_id":"5e1b536a8ebc3e87e4331ae9","slug":"private-companies-grab-one-and-a-half-million-rupees-from-power-corporation-sultanpur-news-lko502708055","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्रेंचाइजियों ने हड़पा पावर कॉर्पोरेशन का पौने दो करोड़ रुपया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्रेंचाइजियों ने हड़पा पावर कॉर्पोरेशन का पौने दो करोड़ रुपया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। पावर कॉर्पोरेशन में राजस्व वसूली के लिए रखी गईं एजेंसियाें ने सरकार को जमकर चूना लगाया है। उपभोक्ताओं से बिलों की वसूली करने के बाद इन कंपनियों ने पावर कॉर्पोरेशन का करीब पौने दो करोड़ रुपया हड़प लिया है। रसीद व राजस्व नहीं जमा होने के बाद हुई छानबीन मेें विद्युत वितरण मंडल ने एक वर्ष पहले नोटिस जारी की। नोटिस के बाद भी पैसा जमा नहीं होने पर विद्युत वितरण मंडल अब प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
पावर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली का कार्य वर्ष 2014 में एजेंसियाें को दिया था। टेंडर के माध्यम से जिले में कई फ्रेंचाइजियों को उपकेंद्र वार उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली का कार्य सौंपा गया था।
विद्युत वितरण के अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014 से 2017 के बीच नामित फ्रेंचाइजियों ने उपभोक्ताओं से अधिकांश विद्युत बिलों की वसूली कर ली। उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली करने के बाद छह फ्रेंचाइजियों ने वसूली गई धनराशि दबाकर बैठ गईं।
विज्ञापन
फ्रेंचाइजियों ने तो विद्युत वितरण में रसीद जमा की और न ही वसूली गई करोड़ों की धनराशि। राजस्व वसूली प्रभावित होने के बाद जब वर्ष 2018 में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अनूप चंद्रा ने इसकी छानबीन शुरू की तो बड़ा खुलासा सामने आया।
पता चलता कि नामित छह से अधिक एजेंसियां (फ्रेंचाइजियां) उपभोक्ताओं से वसूली गई करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि को दबाकर बैठ गई हैं। सरकारी धनराशि के गबन की जानकारी मिलते ही तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने फ्रेंचाइजियों ने नोटिस जारी करते हुए इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी।
उनका तबादला होते ही बाद के विद्युत वितरण के अधिकारियों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। इधर मौजूदा अधीक्षण अभियंता की ओर से छानबीन शुरू करते ही मामला फिर खुला है। पता चला है कि छह फ्रेंचाइजियों ने पावर कॉर्पोरेशन का करीब पौने दो करोड़ रुपया कई वर्ष से अभी भी दबाए बैठी हैं।
फ्रेंचाइजियों की ओर से धनराशि नहीं जमा किए जाने पर अधीक्षण अभियंता ने सख्त रुख अपनाया है। अधीक्षण अभियंता ने फ्रेंचाइजियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने का निर्देश दिया है। खुलासे के बाद विद्युत वितरण खंडों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई करने को लेकर वितरण खंड के अधिकारी सकते में आ गए हैं।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। पैसा दबाकर बैठने वाली फ्रेंचाइजियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी। राजस्व वसूली की तरह उसकी वसूली करवाई जाएगी। शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
विज्ञापन
पावर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली का कार्य वर्ष 2014 में एजेंसियाें को दिया था। टेंडर के माध्यम से जिले में कई फ्रेंचाइजियों को उपकेंद्र वार उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली का कार्य सौंपा गया था।
विज्ञापन
विद्युत वितरण के अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014 से 2017 के बीच नामित फ्रेंचाइजियों ने उपभोक्ताओं से अधिकांश विद्युत बिलों की वसूली कर ली। उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों की वसूली करने के बाद छह फ्रेंचाइजियों ने वसूली गई धनराशि दबाकर बैठ गईं।
विज्ञापन
फ्रेंचाइजियों ने तो विद्युत वितरण में रसीद जमा की और न ही वसूली गई करोड़ों की धनराशि। राजस्व वसूली प्रभावित होने के बाद जब वर्ष 2018 में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अनूप चंद्रा ने इसकी छानबीन शुरू की तो बड़ा खुलासा सामने आया।
पता चलता कि नामित छह से अधिक एजेंसियां (फ्रेंचाइजियां) उपभोक्ताओं से वसूली गई करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि को दबाकर बैठ गई हैं। सरकारी धनराशि के गबन की जानकारी मिलते ही तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने फ्रेंचाइजियों ने नोटिस जारी करते हुए इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी।
उनका तबादला होते ही बाद के विद्युत वितरण के अधिकारियों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। इधर मौजूदा अधीक्षण अभियंता की ओर से छानबीन शुरू करते ही मामला फिर खुला है। पता चला है कि छह फ्रेंचाइजियों ने पावर कॉर्पोरेशन का करीब पौने दो करोड़ रुपया कई वर्ष से अभी भी दबाए बैठी हैं।
फ्रेंचाइजियों की ओर से धनराशि नहीं जमा किए जाने पर अधीक्षण अभियंता ने सख्त रुख अपनाया है। अधीक्षण अभियंता ने फ्रेंचाइजियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने का निर्देश दिया है। खुलासे के बाद विद्युत वितरण खंडों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई करने को लेकर वितरण खंड के अधिकारी सकते में आ गए हैं।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। पैसा दबाकर बैठने वाली फ्रेंचाइजियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी। राजस्व वसूली की तरह उसकी वसूली करवाई जाएगी। शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।