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डीएम से मदद मांगने पहुंचे प्रौढ़ को पुलिस कर्मियों ने पीटा
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सुल्तानपुर। गंभीर रूप से बीमार पत्नी को मात्र एक दिन और जिला अस्पताल में रखने की गुहार लगाने जिलाधिकारी के पास जा रहे पति को आवास पर तैनात पुलिस व होमगार्ड के जवानों ने पीट दिया।
सूचना पर पहुंचे ईगल पर तैनात पुलिसकर्मी और नगर कोतवाली पुलिस ने भी उसे नहीं बक्शा। डीएम आवास के सामने ही उसे जीप पर लादकर दो पुलिसकर्मियों ने लात-घूसों से पीटा।
इस पर एक सिपाही से रहा नहीं गया और उसने पिटाई कर रहे दोनों सिपाहियों को ऐसा करने से मना किया। इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसे लेकर कोतवाली पहुंचे और लॉकअप में डालकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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पत्नी को जल्द से जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले जाने की धमकी दी। पुलिसकर्मियों की धमकी से सहमा पति दोपहर बाद अस्पताल पहुंचा और पत्नी को लेकर घर चला गया।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के गौरा (शफीपुर) निवासी हरिश्याम की पत्नी महारानी मल्टीपल न्यूरो फाइबो मेटोसिस बीमारी से पीड़ित है। 25 अगस्त को महारानी की हालत बिगड़ने पर पति हरिश्याम 26 अगस्त को उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा।
चिकित्सकों ने महारानी को भर्ती करने के थोड़ी देर बाद ही डिस्चार्ज भी कर दिया। हरिश्याम ने चिकित्सकों से हाथ जोड़कर कहा कि साहब थोड़ा आराम हो जाएगा तो पत्नी को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाएगा।
इस पर चिकित्सकों ने उसकी बात मान ली। इस दौरान न्यू इमरजेंसी विंग में तैनात चिकित्सक और अन्य स्टाफ ने जल्द महारानी को लखनऊ ले जाने की बात कही। रविवार को जिला अस्पताल प्रशासन की चेतावनी मिलने के बाद हरिश्याम जिलाधिकारी सी इंदुमती से मिलने उनके आवास पहुंच गया।
हरिश्याम को आवास पर तैनात पुलिस व होमगार्ड के जवानों ने अंदर बुलाकर बैठने को कहा। करीब आधा घंटा बीतने के बाद भी जब वह डीएम से नहीं मिल सका तो जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
इस पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने उसे आवास के अंदर ही पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही सबसे पहले ईगल पर तैनात सिपाही राहुल गिरी पहुंचा और हरिश्याम को खींचकर बाइक पर बैठा लिया।
इस दौरान उसके हाथ से पत्नी के इलाज के पर्चे सड़क पर गिरकर बिखर गए। हरिश्याम पर्चे उठाने की मन्नत करने लगा। इस पर दूसरे सिपाही ने पर्चे उठाकर हरिश्याम को दे दिये।
इस बीच मौका पाकर हरिश्याम बाइक से कूदकर डीएम आवास के सामने स्थित शापिंग मॉल के सामने पहुंच गया। ईगल के सिपाही ने कोतवाली नगर फोन करके और सिपाहियों को बुला लिया।
कुछ ही देर में जीप से कोतवाली पुलिस पहुंची। कोतवाली का पेशकार नेकर और शर्ट में पहुंचा और हरिश्याम पर रौब गालिब करने लगा। इस दौरान दो सिपाहियों ने हरिश्याम को खींचकर जीप में लाद लिया और लात-घूसों से पीटने लगे।
हरिश्याम की चीख और रोने की आवाज सुनकर कोतवाली के ही एक अन्य सिपाही ने पिटाई कर रहे दोनों सिपाहियों को डांटते हुए रोका। इसके बावजूद पुलिसकर्मी हरिश्याम को लेकर कोतवाली पहुंचे और लॉकअप में डाल दिया।
दोपहर दो बजे कोतवाली से छूटकर हरिश्याम जिला अस्पताल पहुंचा और रोते हुए अपनी पत्नी महारानी को ई-रिक्शा से लेकर घर चला गया।
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सूचना पर पहुंचे ईगल पर तैनात पुलिसकर्मी और नगर कोतवाली पुलिस ने भी उसे नहीं बक्शा। डीएम आवास के सामने ही उसे जीप पर लादकर दो पुलिसकर्मियों ने लात-घूसों से पीटा।
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इस पर एक सिपाही से रहा नहीं गया और उसने पिटाई कर रहे दोनों सिपाहियों को ऐसा करने से मना किया। इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसे लेकर कोतवाली पहुंचे और लॉकअप में डालकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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पत्नी को जल्द से जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले जाने की धमकी दी। पुलिसकर्मियों की धमकी से सहमा पति दोपहर बाद अस्पताल पहुंचा और पत्नी को लेकर घर चला गया।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के गौरा (शफीपुर) निवासी हरिश्याम की पत्नी महारानी मल्टीपल न्यूरो फाइबो मेटोसिस बीमारी से पीड़ित है। 25 अगस्त को महारानी की हालत बिगड़ने पर पति हरिश्याम 26 अगस्त को उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा।
चिकित्सकों ने महारानी को भर्ती करने के थोड़ी देर बाद ही डिस्चार्ज भी कर दिया। हरिश्याम ने चिकित्सकों से हाथ जोड़कर कहा कि साहब थोड़ा आराम हो जाएगा तो पत्नी को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाएगा।
इस पर चिकित्सकों ने उसकी बात मान ली। इस दौरान न्यू इमरजेंसी विंग में तैनात चिकित्सक और अन्य स्टाफ ने जल्द महारानी को लखनऊ ले जाने की बात कही। रविवार को जिला अस्पताल प्रशासन की चेतावनी मिलने के बाद हरिश्याम जिलाधिकारी सी इंदुमती से मिलने उनके आवास पहुंच गया।
हरिश्याम को आवास पर तैनात पुलिस व होमगार्ड के जवानों ने अंदर बुलाकर बैठने को कहा। करीब आधा घंटा बीतने के बाद भी जब वह डीएम से नहीं मिल सका तो जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
इस पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने उसे आवास के अंदर ही पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही सबसे पहले ईगल पर तैनात सिपाही राहुल गिरी पहुंचा और हरिश्याम को खींचकर बाइक पर बैठा लिया।
इस दौरान उसके हाथ से पत्नी के इलाज के पर्चे सड़क पर गिरकर बिखर गए। हरिश्याम पर्चे उठाने की मन्नत करने लगा। इस पर दूसरे सिपाही ने पर्चे उठाकर हरिश्याम को दे दिये।
इस बीच मौका पाकर हरिश्याम बाइक से कूदकर डीएम आवास के सामने स्थित शापिंग मॉल के सामने पहुंच गया। ईगल के सिपाही ने कोतवाली नगर फोन करके और सिपाहियों को बुला लिया।
कुछ ही देर में जीप से कोतवाली पुलिस पहुंची। कोतवाली का पेशकार नेकर और शर्ट में पहुंचा और हरिश्याम पर रौब गालिब करने लगा। इस दौरान दो सिपाहियों ने हरिश्याम को खींचकर जीप में लाद लिया और लात-घूसों से पीटने लगे।
हरिश्याम की चीख और रोने की आवाज सुनकर कोतवाली के ही एक अन्य सिपाही ने पिटाई कर रहे दोनों सिपाहियों को डांटते हुए रोका। इसके बावजूद पुलिसकर्मी हरिश्याम को लेकर कोतवाली पहुंचे और लॉकअप में डाल दिया।
दोपहर दो बजे कोतवाली से छूटकर हरिश्याम जिला अस्पताल पहुंचा और रोते हुए अपनी पत्नी महारानी को ई-रिक्शा से लेकर घर चला गया।