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लर्निंग आउटकम परीक्षा में स्कूलों में कम पहुंचे प्रश्नपत्र
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सुल्तानपुर। लर्निंग आउटकम परीक्षा का दूसरा चरण अव्यवस्थाओं भरा रहा। कई विद्यालयों में प्रश्नपत्र ही कम पड़ गए। कहीं ब्लैकबोर्ड पर उतारकर परीक्षा कराई गई तो कहीं शिक्षकों को फोटो कॉपी कराकर प्रश्नपत्र बांटना पड़ा।
बच्चों के शैक्षिक स्तर जांचने के लिए बुधवार को जिले के 2347 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 12 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का दूसरा चरण आयोजित किया गया। इसके पहले आठ नवंबर को लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई थी। परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यालयों में प्रश्नपत्र कम पहुंचे।
जहां प्रश्नपत्र कम मिले थे, वहां शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न उतारकर परीक्षा कराई। कई स्कूलों में फोटो कॉपी कराकर प्रश्नपत्र बांटे गए। उल्लेखनीय है कि एनसीईआरटी की ओर से भेजे गए प्रश्नपत्रों का मुद्रण और वितरण डायट प्राचार्य की ओर से कराया गया था।
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प्रभारी डायट प्राचार्य सुनील बरनवाल ने बताया कि प्रश्नपत्र मुद्रण व पैकिंग का जिम्मा एक एजेंसी को दिया गया था। एजेंसी की ओर से ही पैकिंग में लापरवाही की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
भदैंया। परिषदीय विद्यालयों मे बुधवार से शुरू लर्निंग आउटकम परीक्षा में कई स्कूलों में छात्रों को प्रश्नपत्र ही कम पड़ गए। विकास खंड के गोमती नदी किनारे कुछमुछ प्राइमरी स्कूल में लर्निंग आउटकम परीक्षा का पांच प्रश्नपत्र कम होने से अव्यवस्था रही।
अभियाखुर्द प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन के नौ छात्र हैं जबकि मात्र पांच प्रश्नपत्र ही आने से चार कम रहा। जूनियर हाईस्कूल सलाहपुर में तो हद हो गई। 70 छात्रों के सापेक्ष 42 प्रश्नपत्र ही प्राप्त हुआ। इससे परीक्षा होते समय अफरा-तफरी मची रही।
खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि डायट से जितने प्रश्न पत्र प्राप्त हुए थे, उसे वितरित किया गया है। जहां पर प्रश्नपत्र कम है, वहां फोटोकॉपी या ब्लैकबोर्ड पर लिखाकर परीक्षा संपन्न कराने की व्यवस्था की गई।
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बच्चों के शैक्षिक स्तर जांचने के लिए बुधवार को जिले के 2347 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 12 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का दूसरा चरण आयोजित किया गया। इसके पहले आठ नवंबर को लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई थी। परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यालयों में प्रश्नपत्र कम पहुंचे।
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जहां प्रश्नपत्र कम मिले थे, वहां शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न उतारकर परीक्षा कराई। कई स्कूलों में फोटो कॉपी कराकर प्रश्नपत्र बांटे गए। उल्लेखनीय है कि एनसीईआरटी की ओर से भेजे गए प्रश्नपत्रों का मुद्रण और वितरण डायट प्राचार्य की ओर से कराया गया था।
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प्रभारी डायट प्राचार्य सुनील बरनवाल ने बताया कि प्रश्नपत्र मुद्रण व पैकिंग का जिम्मा एक एजेंसी को दिया गया था। एजेंसी की ओर से ही पैकिंग में लापरवाही की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
भदैंया। परिषदीय विद्यालयों मे बुधवार से शुरू लर्निंग आउटकम परीक्षा में कई स्कूलों में छात्रों को प्रश्नपत्र ही कम पड़ गए। विकास खंड के गोमती नदी किनारे कुछमुछ प्राइमरी स्कूल में लर्निंग आउटकम परीक्षा का पांच प्रश्नपत्र कम होने से अव्यवस्था रही।
अभियाखुर्द प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन के नौ छात्र हैं जबकि मात्र पांच प्रश्नपत्र ही आने से चार कम रहा। जूनियर हाईस्कूल सलाहपुर में तो हद हो गई। 70 छात्रों के सापेक्ष 42 प्रश्नपत्र ही प्राप्त हुआ। इससे परीक्षा होते समय अफरा-तफरी मची रही।
खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि डायट से जितने प्रश्न पत्र प्राप्त हुए थे, उसे वितरित किया गया है। जहां पर प्रश्नपत्र कम है, वहां फोटोकॉपी या ब्लैकबोर्ड पर लिखाकर परीक्षा संपन्न कराने की व्यवस्था की गई।
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