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डीएम की मौजूदगी में हुई मेडिकल कॉलेज की भूमि की रजिस्ट्री
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सुल्तानपुर। जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए शासन से हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को एक रुपये प्रतिवर्ष पर स्वास्थ्य विभाग के नाम पर प्रशासन ने दूबेपुर ब्लॉक क्षेत्र के दूबेपुर गांव की 15 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री सदर तहसील में कराई।
जिला अस्पताल के सीएमएस के नाम पर की गई रजिस्ट्री में सीएमओ और तहसीलदार गवाह बनाए गए। भूमि की रजिस्ट्री होने के समय जिलाधिकारी रहीं।
जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए समय समय पर जनप्रतिनिधि मांग उठाते रहे। सांसद मेनका गांधी ने मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई थी।
केंद्र से मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए हरी झंडी मिली थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने हाल ही में सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की थी।
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शासन से हरी झंडी मिलते ही जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई भूमि को स्वास्थ्य विभाग के नाम पर दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी थी। शुक्रवार को जिलाधिकारी सी. इंदुमती, सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. वीबी सिंह, एसडीएम रामजी लाल, तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी सदर तहसील में रजिस्ट्रार दफ्तर पहुंच गए।
एक रुपये प्रतिमाह की दर से दूबेपुर ब्लॉक में चिह्नित भूमि की जिला अस्पताल के सीएमएस के नाम पर रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री में बाकायदा सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी और तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव गवाह बनाए गए।
मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुल 22 एकड़ भूमि चिह्नित किया है। स्वास्थ्य विभाग के पास जिला अस्पताल में सात एकड़ भूमि पहले से मौजूद थी।
जरूरत के लिए 15 एकड़ भूमि की और आवश्यकता थी। इसके लिए सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने जिला प्रशासन से मांग की थी। जिला प्रशासन ने दूबेपुर ब्लॉक के दूबेपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग को 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी। इसी 15 एकड़ भूमि की शुक्रवार को सीएमएस के नाम पर रजिस्ट्री की गई।
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जिला अस्पताल के सीएमएस के नाम पर की गई रजिस्ट्री में सीएमओ और तहसीलदार गवाह बनाए गए। भूमि की रजिस्ट्री होने के समय जिलाधिकारी रहीं।
जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए समय समय पर जनप्रतिनिधि मांग उठाते रहे। सांसद मेनका गांधी ने मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई थी।
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केंद्र से मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए हरी झंडी मिली थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने हाल ही में सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की थी।
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शासन से हरी झंडी मिलते ही जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित की गई भूमि को स्वास्थ्य विभाग के नाम पर दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी थी। शुक्रवार को जिलाधिकारी सी. इंदुमती, सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. वीबी सिंह, एसडीएम रामजी लाल, तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी सदर तहसील में रजिस्ट्रार दफ्तर पहुंच गए।
एक रुपये प्रतिमाह की दर से दूबेपुर ब्लॉक में चिह्नित भूमि की जिला अस्पताल के सीएमएस के नाम पर रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री में बाकायदा सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी और तहसीलदार पीयूष श्रीवास्तव गवाह बनाए गए।
मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुल 22 एकड़ भूमि चिह्नित किया है। स्वास्थ्य विभाग के पास जिला अस्पताल में सात एकड़ भूमि पहले से मौजूद थी।
जरूरत के लिए 15 एकड़ भूमि की और आवश्यकता थी। इसके लिए सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने जिला प्रशासन से मांग की थी। जिला प्रशासन ने दूबेपुर ब्लॉक के दूबेपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग को 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी। इसी 15 एकड़ भूमि की शुक्रवार को सीएमएस के नाम पर रजिस्ट्री की गई।