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Sultanpur News: शहर में जीआईएस सर्वे के आधार पर लगेगा गृहकर
Thu, 23 Jan 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:35 AM IST
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सुल्तानपुर। नगर पालिका क्षेत्र में अब नए सिरे से गृहकर लगेगा। इसके लिए जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के तहत सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए सर्वे से जहां नए भवन टैक्स के दायरे में आएंगे, वहीं पुराने भवनों पर वास्तविक टैक्स लगेगा।
नगर पालिका क्षेत्र करीब 16 किलोमीटर के दायरे में फैला है। 1985 के बाद से शहर का सीमा विस्तार नहीं हुआ, लेकिन शहर के चारों तरफ आबादी बढ़ती गई। मौजूदा समय में पांचोपीरन, टेढुई, लोलेपुर, नकराही, अमहट, चुनहा, अहिमाने समेत कई ग्राम पंचायतें शहर में तब्दील हो गई हैं। बाहर से आने वाले लोगों ने शहर के चारों तरफ गांवों की जमीन खरीदकर मकान बनवा लिए हैं। इन स्थानों पर लोगों को नगर पालिका की सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। अभी नगर पालिका क्षेत्र में कुल 22,583 आवास दर्ज हैं। नए भवन अब तक सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं हो सके हैं।
जल्द ही नगरीय क्षेत्र के सभी आवासीय, व्यावसायिक भवनों और अर्द्धनिर्मित प्लाटों का जीआईएस सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद प्रति वर्ग फीट के आधार पर मूल्यांकन कर नए सिरे से टैक्स लागू होगा। जीआईएस सर्वे में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और डेटा अधिग्रहण तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद जिन संपत्तियों पर गृहकर नहीं लगा था, उन पर लगाया जाएगा।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने बताया कि जीआईएस सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही शहर के भवनों का सर्वे करवाया जाएगा।
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नगर पालिका क्षेत्र करीब 16 किलोमीटर के दायरे में फैला है। 1985 के बाद से शहर का सीमा विस्तार नहीं हुआ, लेकिन शहर के चारों तरफ आबादी बढ़ती गई। मौजूदा समय में पांचोपीरन, टेढुई, लोलेपुर, नकराही, अमहट, चुनहा, अहिमाने समेत कई ग्राम पंचायतें शहर में तब्दील हो गई हैं। बाहर से आने वाले लोगों ने शहर के चारों तरफ गांवों की जमीन खरीदकर मकान बनवा लिए हैं। इन स्थानों पर लोगों को नगर पालिका की सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। अभी नगर पालिका क्षेत्र में कुल 22,583 आवास दर्ज हैं। नए भवन अब तक सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं हो सके हैं।
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जल्द ही नगरीय क्षेत्र के सभी आवासीय, व्यावसायिक भवनों और अर्द्धनिर्मित प्लाटों का जीआईएस सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद प्रति वर्ग फीट के आधार पर मूल्यांकन कर नए सिरे से टैक्स लागू होगा। जीआईएस सर्वे में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और डेटा अधिग्रहण तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जीआईएस सर्वे पूरा होने के बाद जिन संपत्तियों पर गृहकर नहीं लगा था, उन पर लगाया जाएगा।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने बताया कि जीआईएस सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही शहर के भवनों का सर्वे करवाया जाएगा।