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आज से दीवानी कोर्ट में सिविल व फौजदारी के केस की होगी सुनवाई
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सुल्तानपुर। कोरोना महामारी के कारण हाईकोर्ट के निर्देश पर सिविल मामलों की बंद चल रही सुनवाई सोमवार से फिर शुरू हो जाएगी।
दीवानी न्यायालय के कंप्यूटर अनुभाग में सिविल के नए वाद, फौजदारी के नए प्रार्थना पत्र और आवश्यक मामलों की सुनवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाएंगे।
फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में विदाई व विवाह विच्छेद (तलाक) से संबंधित नए वाद दायर किए जा सकेंगें। हालांकि, सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से ही होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों कोरोना महामारी के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए चार जून तक के लिए दीवानी न्यायालय को बंद कर दिया था। इससे सिविल मामले की सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई थी।
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केवल फौजदारी मामलों में जमानत प्रार्थना पत्र व वाहन रिलीज के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के जरिए हो रही थी। इससे वादकारियों को परेशानी हो रही थी। हाईकोर्ट ने सोमवार से दीवानी न्यायालय को खोलने का आदेश दिया है।
सोमवार से दीवानी न्यायालय के कंप्यूटर अनुभाग में सिविल के नए वाद, फौजदारी के नए प्रार्थना पत्र और आवश्यक मामलों की सुनवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाएंगे।
फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में विदाई (वैवाहिक संबंधों की पुर्नस्थापना) व तलाक (विवाह विच्छेद) से संबंधित नए वाद दायर किए जा सकेंगें।
हालांकि, सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से ही होगी। इसके लिए फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने पूर्व में जारी किए गए आदेश में संशोधन कर दिया।
उन्होंने सीमित न्यायिक कार्य करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी है। सोमवार व मंगलवार को स्वयं प्रधान न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी मुकदमों की सुनवाई करेंगे। नौ व 10 जून को अपर प्रधान न्यायाधीश तृतीय व 11 जून को अपर प्रधान न्यायाधीश चतुर्थ केस की सुनवाई करेंगे।
फैमिली कोर्ट में कार्य की अवधि सुबह साढ़े 10 से ढाई बजे निर्धारित की गई है। उन्होंने वकीलों व कर्मचारियों को कार्य समाप्त होने पर तत्काल कोर्ट परिसर छोड़ने का आदेश दिया है।
फैमिली कोर्ट में न्यायालयों के संचालन के लिए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को मिलाकर केवल 30 फीसदी कर्मचारी आएंगे। फैमिली कोर्ट में कार्यरत अहलमद अंबरीष दुबे ने बताया कि कार्य वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिटसी मीट एप के जरिये होगा।
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दीवानी न्यायालय के कंप्यूटर अनुभाग में सिविल के नए वाद, फौजदारी के नए प्रार्थना पत्र और आवश्यक मामलों की सुनवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाएंगे।
फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में विदाई व विवाह विच्छेद (तलाक) से संबंधित नए वाद दायर किए जा सकेंगें। हालांकि, सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से ही होगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों कोरोना महामारी के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए चार जून तक के लिए दीवानी न्यायालय को बंद कर दिया था। इससे सिविल मामले की सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई थी।
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केवल फौजदारी मामलों में जमानत प्रार्थना पत्र व वाहन रिलीज के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के जरिए हो रही थी। इससे वादकारियों को परेशानी हो रही थी। हाईकोर्ट ने सोमवार से दीवानी न्यायालय को खोलने का आदेश दिया है।
सोमवार से दीवानी न्यायालय के कंप्यूटर अनुभाग में सिविल के नए वाद, फौजदारी के नए प्रार्थना पत्र और आवश्यक मामलों की सुनवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाएंगे।
फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में विदाई (वैवाहिक संबंधों की पुर्नस्थापना) व तलाक (विवाह विच्छेद) से संबंधित नए वाद दायर किए जा सकेंगें।
हालांकि, सुनवाई वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से ही होगी। इसके लिए फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने पूर्व में जारी किए गए आदेश में संशोधन कर दिया।
उन्होंने सीमित न्यायिक कार्य करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी है। सोमवार व मंगलवार को स्वयं प्रधान न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी मुकदमों की सुनवाई करेंगे। नौ व 10 जून को अपर प्रधान न्यायाधीश तृतीय व 11 जून को अपर प्रधान न्यायाधीश चतुर्थ केस की सुनवाई करेंगे।
फैमिली कोर्ट में कार्य की अवधि सुबह साढ़े 10 से ढाई बजे निर्धारित की गई है। उन्होंने वकीलों व कर्मचारियों को कार्य समाप्त होने पर तत्काल कोर्ट परिसर छोड़ने का आदेश दिया है।
फैमिली कोर्ट में न्यायालयों के संचालन के लिए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को मिलाकर केवल 30 फीसदी कर्मचारी आएंगे। फैमिली कोर्ट में कार्यरत अहलमद अंबरीष दुबे ने बताया कि कार्य वीडीओ कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिटसी मीट एप के जरिये होगा।