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Sultanpur News: पशुपालकों को मुफ्त मिलेंगी चार गायें
Sat, 02 Aug 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:04 AM IST
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. धनपतगंज के बृहद गो-संरक्षण केंद्र महमूदपुर का निरीक्षण करते सीवीओ डॉ. अशोक कुमार तिवारी।
सुल्तानपुर। जिले के पशुपालकों को गोआश्रय केंद्रों से भी गायें मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत गोआश्रय स्थल से पशुपालकों को मुफ्त में गाय प्रदान की जाएगी। इसे पालने के लिए हर माह एक गाय पर 1500 रुपये दिए जाएंगे।
यदि एक पशुपालक एक साथ चार गायों का पालन करता है, तो उसे 6,000 रुपये प्रतिमाह मिल सकते हैं। इन पैसों से गाय के भरण–पोषण के काम में आसानी होगी।
पशुपालन विभाग की ओर से जिले में 49 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। इन स्थलों में 6044 नर और 5835 मादा मवेशी हैं। गोवंश प्राप्त करने के लिए पशुपालकों को अपने नजदीक के पशु चिकित्सालय जाना होगा। वहां के पशु चिकित्सा अधिकारी से आवेदन लेना होगा। विकास खंड अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से दस्तावेजों की जांच की जाएगी। फिर पशुपालक के आवेदन को अनुमोदन के लिए जिला स्तर पर भेजा जाएगा।
सत्यापन के बाद पशुपालक को गाय प्रदान की जाएगी। योजना के तहत पशुपालक किसान को सरकार की ओर से जो राशि प्रतिमाह दी जाएगी, उसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। इसके अलावा पशुओं की मॉनिटरिंंग लगातार की जाएगी।
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अब तक 2758 गोवंशों की हुई सुपुर्दगी
अक्तूबर 2023 में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गोवंश का पालन करने वाले पशुपालकों को प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। 1449 पशुपालकों को सुपुर्द 2758 गोवंश किए गए हैं। इन पशुपालकों को प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से महीने में भुगतान किया जाता है।
- डॉ. अशोक कुमार तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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यदि एक पशुपालक एक साथ चार गायों का पालन करता है, तो उसे 6,000 रुपये प्रतिमाह मिल सकते हैं। इन पैसों से गाय के भरण–पोषण के काम में आसानी होगी।
पशुपालन विभाग की ओर से जिले में 49 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। इन स्थलों में 6044 नर और 5835 मादा मवेशी हैं। गोवंश प्राप्त करने के लिए पशुपालकों को अपने नजदीक के पशु चिकित्सालय जाना होगा। वहां के पशु चिकित्सा अधिकारी से आवेदन लेना होगा। विकास खंड अधिकारी और पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से दस्तावेजों की जांच की जाएगी। फिर पशुपालक के आवेदन को अनुमोदन के लिए जिला स्तर पर भेजा जाएगा।
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सत्यापन के बाद पशुपालक को गाय प्रदान की जाएगी। योजना के तहत पशुपालक किसान को सरकार की ओर से जो राशि प्रतिमाह दी जाएगी, उसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। इसके अलावा पशुओं की मॉनिटरिंंग लगातार की जाएगी।
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अब तक 2758 गोवंशों की हुई सुपुर्दगी
अक्तूबर 2023 में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गोवंश का पालन करने वाले पशुपालकों को प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। 1449 पशुपालकों को सुपुर्द 2758 गोवंश किए गए हैं। इन पशुपालकों को प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से महीने में भुगतान किया जाता है।
- डॉ. अशोक कुमार तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।