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Sultanpur News: फ्लाईओवर दुरुस्त, गुजरने लगे भारी वाहन
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टांडा-बांदा हाईवे का लोहरामऊ क्रॉसिंग का ओवरब्रिज।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। टांडा-बांदा हाईवे के लोहरामऊ रेलवे क्रॉसिंग के फ्लाईओवर के टूटे तीन गर्डरों के मरम्मत का काम पूरा हो गया है। इसके बाद मरम्मत के लिए बंद रहे एक लेन के आवागमन को शनिवार शाम खोल दिया गया है। संचालन शुरू होने से वाहनों की कतार लगना बंद हो गई है। आवागमन सुगमता से हो रहा है।
टांडा-बांदा हाईवे पर पर शहर के पास लोहरामऊ रेलवे क्रॉसिंग पर स्थित फ्लाईओवर के तीन गर्डर करीब 15 दिन पहले टूट गए थे। गर्डर टूटने से छत की जाल बाहर आ गई थी। करीब एक पखवारे से एनएचएआई की ओर से तीनों गर्डरों की मरम्मत का काम चल रहा था। काम के दौरान मरम्मत वाली जगह पर दक्षिणी छोर पर एक लेन का आवागमन बैरियर लगाकर रोक दिया गया था। इसकी वजह से ब्रिज पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने लगी थी। रोक-रोक कर वाहनों को एक लेन से गुजारा जा रहा था। एनएचएआई की ओर से बृहस्पतिवार को तीनों टूटे गर्डरों व छत की मरम्मत कार्य पूरा करा दिया गया था।
इसके बाद तीन दिनों तक एक लेन पर वाहनों का आवागमन बंद रखा गया। शनिवार रात बैरियर हटाते हुए वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया। ब्रिज के दोनों लेन पर वाहनों का संचालन शुरू होने से कतार लगना बंद हो गई है। एनएचएआई के पीडी एसबी सिंह का कहना है कि फ्लाईओवर का मरम्मत कार्य पूरा करा दिया गया है। वाहनों का संचालन शुरू हो गया है।
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करीब 28 करोड़ से बना जर्जर ओवर ब्रिज
टांडा-बांदा हाईवे के लोहरामऊ रेलवे क्रॉसिंग का फ्लाईओवर करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से चार वर्ष पहले तैयार हुआ था। वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद अभी तक फ्लाईओवर करीब एक दर्जन बार विभिन्न जगहों पर टूट व धंस चुका है। करीब साल भर पहले ब्रिज की छत ही कुछ दूर में धंस गई थी। छत के नीचे का प्लास्टर भी टूटकर गिर गया था। अभी भी ब्रिज के दो गर्डर के पास प्लास्टर टूट हुआ है।
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टांडा-बांदा हाईवे पर पर शहर के पास लोहरामऊ रेलवे क्रॉसिंग पर स्थित फ्लाईओवर के तीन गर्डर करीब 15 दिन पहले टूट गए थे। गर्डर टूटने से छत की जाल बाहर आ गई थी। करीब एक पखवारे से एनएचएआई की ओर से तीनों गर्डरों की मरम्मत का काम चल रहा था। काम के दौरान मरम्मत वाली जगह पर दक्षिणी छोर पर एक लेन का आवागमन बैरियर लगाकर रोक दिया गया था। इसकी वजह से ब्रिज पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने लगी थी। रोक-रोक कर वाहनों को एक लेन से गुजारा जा रहा था। एनएचएआई की ओर से बृहस्पतिवार को तीनों टूटे गर्डरों व छत की मरम्मत कार्य पूरा करा दिया गया था।
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इसके बाद तीन दिनों तक एक लेन पर वाहनों का आवागमन बंद रखा गया। शनिवार रात बैरियर हटाते हुए वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया। ब्रिज के दोनों लेन पर वाहनों का संचालन शुरू होने से कतार लगना बंद हो गई है। एनएचएआई के पीडी एसबी सिंह का कहना है कि फ्लाईओवर का मरम्मत कार्य पूरा करा दिया गया है। वाहनों का संचालन शुरू हो गया है।
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करीब 28 करोड़ से बना जर्जर ओवर ब्रिज
टांडा-बांदा हाईवे के लोहरामऊ रेलवे क्रॉसिंग का फ्लाईओवर करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से चार वर्ष पहले तैयार हुआ था। वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद अभी तक फ्लाईओवर करीब एक दर्जन बार विभिन्न जगहों पर टूट व धंस चुका है। करीब साल भर पहले ब्रिज की छत ही कुछ दूर में धंस गई थी। छत के नीचे का प्लास्टर भी टूटकर गिर गया था। अभी भी ब्रिज के दो गर्डर के पास प्लास्टर टूट हुआ है।