{"_id":"624dd9785a17202da2761530","slug":"five-tons-of-garbage-being-thrown-in-the-open-sultanpur-news-lko6249188148","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुले में फेंका जा रहा पांच टन कचरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुले में फेंका जा रहा पांच टन कचरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। नगर निकाय को कचरा मुक्त करने की योजना दोस्तपुर नगर पंचायत में परवान नहीं चढ़ सकी है। फिरोजपुर कलां वार्ड में 33.67 लाख की लागत से बन रहे एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) का निर्माण अधूरा होने से करीब पांच टन कचरा खुले में फेंका जा रहा है। नगर पंचायत के विभिन्न स्थानों पर खुले में कचरा फेंके जाने से प्रदूषण फैल रहा है।
दोस्तपुर टाउन एरिया में 11 वार्ड हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी करीब 12,500 है। मौजूदा समय में नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों से करीब पांच टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। टाउन एरिया का यह कचरा बभनैया पूरब, मुड़िला रोड समेत अन्य स्थानों पर सड़क के किनारे फेंका जा रहा है। इससे प्रदूषण फैलने के साथ ही संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ा है।
दोस्तपुर टाउन एरिया से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मार्च 2020 में फिरोजपुर कलां समसपुर वार्ड में एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके लिए 33.67 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। यहां टीन शेड व चैंबर बनाकर छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
कार्य पूरा न होने से खुले में रोज पांच टन कचरा फेंका जा रहा है। इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है। नगर पंचायत के रजनीश सिंह, आनंद प्रकाश, कमल नयन, संजय पाठक व दरोगा पांडेय समेत अन्य लोगों ने एमआरएफ सेंटर का निर्माण जल्द पूरा करवाने की मांग की है।
टाउन एरिया के फिरोजपुर कलां वार्ड में निर्माणाधीन सेंटर में विभिन्न वार्डों से कचरा इकट्ठा करके उसे वाहन से लाने की योजना थी। सेंटर में सूखे व गीले कचरे को अलग किया जाना था। इस सेंटर में सीएंडडी वेस्ट (मकानों से निकला मलबा), प्लास्टिक, कागज, बॉटल, कांच व धातु आदि 13 तरह के कचरे का निस्तारण किया जाना था।
कचरे से प्लास्टिक को अलग करने के लिए एक मशीन लगनी थी। यह भी अभी नहीं लग सकी है। इसके बाद प्लास्टिक को काटने के लिए प्लास्टिक शेडर भी नहीं लगाया गया है। इस मशीन से प्लास्टिक को अलग करके रिसाइकिल के लिए भेजने की व्यवस्था होनी थी। गीले कचरे से खाद बनाई जानी थी। प्रतिदिन करीब पांच टन कचरे का निस्तारण एमआरएफ सेंटर में किया जाना था। यह योजना सेंटर का निर्माण पूरा न होने से साकार नहीं हो सकी है। (संवाद)
दोस्तपुर नगर पंचायत के फिरोजपुर कलां वार्ड में एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराने वाली संस्था के ठेकेदार से वार्ता नहीं हो पा रही है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई। जल्द ही उच्चाधिकारियों को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उच्च स्तर पर निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र प्रताप, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत दोस्तपुर
विज्ञापन
दोस्तपुर टाउन एरिया में 11 वार्ड हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी करीब 12,500 है। मौजूदा समय में नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों से करीब पांच टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। टाउन एरिया का यह कचरा बभनैया पूरब, मुड़िला रोड समेत अन्य स्थानों पर सड़क के किनारे फेंका जा रहा है। इससे प्रदूषण फैलने के साथ ही संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ा है।
विज्ञापन
दोस्तपुर टाउन एरिया से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मार्च 2020 में फिरोजपुर कलां समसपुर वार्ड में एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके लिए 33.67 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। यहां टीन शेड व चैंबर बनाकर छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
कार्य पूरा न होने से खुले में रोज पांच टन कचरा फेंका जा रहा है। इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है। नगर पंचायत के रजनीश सिंह, आनंद प्रकाश, कमल नयन, संजय पाठक व दरोगा पांडेय समेत अन्य लोगों ने एमआरएफ सेंटर का निर्माण जल्द पूरा करवाने की मांग की है।
टाउन एरिया के फिरोजपुर कलां वार्ड में निर्माणाधीन सेंटर में विभिन्न वार्डों से कचरा इकट्ठा करके उसे वाहन से लाने की योजना थी। सेंटर में सूखे व गीले कचरे को अलग किया जाना था। इस सेंटर में सीएंडडी वेस्ट (मकानों से निकला मलबा), प्लास्टिक, कागज, बॉटल, कांच व धातु आदि 13 तरह के कचरे का निस्तारण किया जाना था।
कचरे से प्लास्टिक को अलग करने के लिए एक मशीन लगनी थी। यह भी अभी नहीं लग सकी है। इसके बाद प्लास्टिक को काटने के लिए प्लास्टिक शेडर भी नहीं लगाया गया है। इस मशीन से प्लास्टिक को अलग करके रिसाइकिल के लिए भेजने की व्यवस्था होनी थी। गीले कचरे से खाद बनाई जानी थी। प्रतिदिन करीब पांच टन कचरे का निस्तारण एमआरएफ सेंटर में किया जाना था। यह योजना सेंटर का निर्माण पूरा न होने से साकार नहीं हो सकी है। (संवाद)
दोस्तपुर नगर पंचायत के फिरोजपुर कलां वार्ड में एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराने वाली संस्था के ठेकेदार से वार्ता नहीं हो पा रही है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई। जल्द ही उच्चाधिकारियों को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उच्च स्तर पर निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र प्रताप, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत दोस्तपुर