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20 साल पहले लंभुआ में शुरू हुआ था दुर्गा पूजा महोत्सव
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सुल्तानपुर। दो दशक पहले तक स्थानीय कस्बे में दुर्गा पूजा का नामोनिशान नहीं था। शिव मंदिर के सामने प्रतीक स्वरूप मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती थी।
हालांकि, 20 साल पहले एक युवक ने कस्बे में इस उत्सव को भव्य तरीके से मनाने की शुरुआत की। युवक की पहल अब भव्य रूप ले चुकी है। नतीजा यह कि कस्बे के सभी मार्गो पर इस समय 16 पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हैं। भव्य पंडाल श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।
कस्बे में कई दशक से श्रीकृष्ण बरही समारोह मनाया जाता रहा है। जिले में लंभुआ की श्रीकृष्ण बरही का खासा नाम रहा है। दो दिवसीय श्रीकृष्ण बरही समारोह कस्बे की पहचान बन चुका था।
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भव्य कार्यक्रम और पंडाल में खर्च की वजह से नवरात्र में दुर्गापूजा की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया। करीब 20 साल पहले कस्बे के सत्य प्रकाश बरनवाल ने शिव मंदिर के सामने जन सहयोग से शारदीय नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना कराई।
उसी मोहल्ले के जगत नारायण मिश्र का भी खासा योगदान रहा। इसके अलावा कस्बे के कई धार्मिक प्रवृत्ति वाले लोगों ने सत्य प्रकाश के इस पहल का स्वागत किया। इस बार शारदीय नवरात्र में कुल 16 पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना कस्बे में की गई है।
कस्बे के मुख्य मार्ग के अलावा सर्वोदय कॉलेज मार्ग, चौकिया मार्ग, दियरा मार्ग पर आकर्षक झांकियों के पंडाल सजाए गए हैं। स्थापना के साथ ही पंडालों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। उसी दिन से रोजाना कस्बा समेत आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भीड़ उत्सव में शामिल होने पहुंच रही है।
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हालांकि, 20 साल पहले एक युवक ने कस्बे में इस उत्सव को भव्य तरीके से मनाने की शुरुआत की। युवक की पहल अब भव्य रूप ले चुकी है। नतीजा यह कि कस्बे के सभी मार्गो पर इस समय 16 पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हैं। भव्य पंडाल श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।
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कस्बे में कई दशक से श्रीकृष्ण बरही समारोह मनाया जाता रहा है। जिले में लंभुआ की श्रीकृष्ण बरही का खासा नाम रहा है। दो दिवसीय श्रीकृष्ण बरही समारोह कस्बे की पहचान बन चुका था।
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भव्य कार्यक्रम और पंडाल में खर्च की वजह से नवरात्र में दुर्गापूजा की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया। करीब 20 साल पहले कस्बे के सत्य प्रकाश बरनवाल ने शिव मंदिर के सामने जन सहयोग से शारदीय नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना कराई।
उसी मोहल्ले के जगत नारायण मिश्र का भी खासा योगदान रहा। इसके अलावा कस्बे के कई धार्मिक प्रवृत्ति वाले लोगों ने सत्य प्रकाश के इस पहल का स्वागत किया। इस बार शारदीय नवरात्र में कुल 16 पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना कस्बे में की गई है।
कस्बे के मुख्य मार्ग के अलावा सर्वोदय कॉलेज मार्ग, चौकिया मार्ग, दियरा मार्ग पर आकर्षक झांकियों के पंडाल सजाए गए हैं। स्थापना के साथ ही पंडालों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। उसी दिन से रोजाना कस्बा समेत आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भीड़ उत्सव में शामिल होने पहुंच रही है।