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संदिग्ध बुखार से तीन बच्चों की मौत
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सुल्तानपुर। बझना नगईपुर, सदरपुर और रवनिया गांव में दर्जनों बच्चे संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं। बुखार से पीड़ित दो बच्चियों समेत तीन बच्चों की शनिवार को मौत हो गई। इनमें एक बच्चे की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में देर रात मौत हो गई, वहीं एक बच्ची ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ पहुंचते ही दम तोड़ दिया। एक अन्य बच्ची की शहर के प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई स्वास्थ्य कर्मी गांव नहीं पहुंचा।
जयसिंहपुर क्षेत्र के बझना नगईपुर गांव में एक सप्ताह से बुखार से कई मासूम पीड़ित हैं। गांव के धीरज पांडेय की पुत्री परी (2) को एक सप्ताह से बुखार था। शनिवार को परी की हालात ज्यादा खराब होने पर परिवारीजनों ने उसे सुल्तानपुर शहर के डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिली। उसके जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परी की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। परिवारीजन सरकारी एंबुलेंस से परी को लेकर लखनऊ पहुंचे और पर्चा बनवा रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं। परी की मौत से जहां परिवार में कोहराम मचा है वहीं संदिग्ध बुखार से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध बुखार की चपेट में कई बच्चे हैं।
दूसरी घटना भी इसी क्षेत्र के सदरपुर गांव से जुड़ी है। गांव निवासी पिंटू की पांच वर्षीय पुत्री संध्या कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिवारीजनों ने संध्या को दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे राहत नहीं मिलने पर डॉक्टर ने ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। परिवारीजनों ने संध्या को लखनऊ न ले जाकर शहर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना इसी कोतवाली क्षेत्र के रवनियां गांव की है। गांव निवासी बैजनाथ पांडेय का डेढ़ वर्षीय पुत्र आनंद पांडेय बुखार से पीड़ित था। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
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जयसिंहपुर क्षेत्र के बझना नगईपुर गांव में एक सप्ताह से बुखार से कई मासूम पीड़ित हैं। गांव के धीरज पांडेय की पुत्री परी (2) को एक सप्ताह से बुखार था। शनिवार को परी की हालात ज्यादा खराब होने पर परिवारीजनों ने उसे सुल्तानपुर शहर के डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिली। उसके जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परी की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। परिवारीजन सरकारी एंबुलेंस से परी को लेकर लखनऊ पहुंचे और पर्चा बनवा रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं। परी की मौत से जहां परिवार में कोहराम मचा है वहीं संदिग्ध बुखार से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बताया कि संदिग्ध बुखार की चपेट में कई बच्चे हैं।
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दूसरी घटना भी इसी क्षेत्र के सदरपुर गांव से जुड़ी है। गांव निवासी पिंटू की पांच वर्षीय पुत्री संध्या कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिवारीजनों ने संध्या को दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे राहत नहीं मिलने पर डॉक्टर ने ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। परिवारीजनों ने संध्या को लखनऊ न ले जाकर शहर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना इसी कोतवाली क्षेत्र के रवनियां गांव की है। गांव निवासी बैजनाथ पांडेय का डेढ़ वर्षीय पुत्र आनंद पांडेय बुखार से पीड़ित था। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
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