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गड़बड़ी

Mon, 29 Oct 2018 12:02 AM IST
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:02 AM IST
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गड़बड़ी
कागजों पर प्रशिक्षण देकर 34 लाख रुपये डकारे
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सुल्तानपुर। पंचायतराज विभाग में प्रशिक्षण के मद में करीब 34 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है।


ग्राम पंचायत समितियों के प्रशिक्षण के लिए शासन से मिली धनराशि अधिकांश मामलों में कागजों पर प्रशिक्षण कराकर बंदरबांट कर ली गई।


ब्लॉकों में धनराशि कागजी खानापूर्ति करते हुए संस्था को धनराशि भुगतान कर दी गई। प्रकरण सामने आने के बाद अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।


ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना बनाने (जीपीडीपी) के लिए शासन ने पंचायतराज विभाग को करीब 34 लाख रुपये आवंटित किए थे।


धनराशि मिलने के बाद पंचायतराज विभाग ने पहले तो जिले से एक पंचायत उद्योग के जरिए प्रशिक्षण कराने की कोशिश की।


बाद में बवाल होने के बाद धनराशि ब्लॉकों में एडीओ पंचायतों के खाते में भेज दी। धनराशि खाते में भेजते हुए ग्राम पंचायतों की तीन समितियों का प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया गया।


सूत्रों की मानें तो प्रशिक्षण का दायित्व फिर पंचायत उद्योग को ही दिया गया। धनराशि मिलने के बाद अधिकांश ग्राम पंचायतों की समितियों का प्रशिक्षण एडीओ पंचायतों ने कागजों पर करा डाला।
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प्रशिक्षण की खानापूरी करके बिल तैयार कर पंचायत उद्योग को भुगतान कर दिया गया। अधिकांश जगह कागजी प्रशिक्षण कराकर करीब 34 लाख रुपये का बंदरबांट कर लिया गया।
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प्रभारी डीपीआरओ पन्नालाल का कहना है कि, प्रकरण उनके कार्यकाल का नहीं है। इसकी जानकारी करके रिपोर्ट मांगी जाएगी।


पंचायतराज विभाग में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना बनाने के लिए शासन से प्रशिक्षण के मद में करीब 34 लाख रुपये धनराशि मिली थी। इस धनराशि को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है।


तत्कालीन डीपीआरओ ने तत्कालीन डीएम की संस्तुति पर बिना प्रशिक्षण कराए एक पंचायत उद्योग को एडवांस में 23 लाख रुपये भुगतान का आदेश जारी कर दिया था।


बाद में सहायक लेखाकार बृजेंद्र त्रिपाठी द्वारा चेक काटने से इंकार करने पर इसका खुलासा हुआ था। बवाल के बाद उस समय प्रकरण की जांच व कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।


बाद में सहायक लेखाकार को ही पंचायतराज विभाग से हटाकर इसमें लीपापोती कर दी गई। इसके बाद ये धनराशि ब्लॉकों में एडीओ पंचायतों के खाते में भेज दी गई।


मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम ने कहा कि, ब्लॉकों को धनराशि भेजकर प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया था। भुगतान की जानकारी नहीं है। गड़बड़ी की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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