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सीएचसी अमेठी में शुरू होगी न्यू बॉर्न सिंक यूनिट
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:34 AM IST
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अमेठी सीएचसी में हो सकेगा नवजात का बेहतर इलाज
गौरीगंज। अमेठी सीएचसी में जल्द ही नवजात के बेहतर इलाज की व्यवस्था होगी। डॉक्टर के अभाव में बंद पड़ी नवजात शिशु इकाई (न्यू बॉर्न सिक यूनिट) का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती करते हुए इकाई शुरू करने का निर्देश दिया है। इकाई शुरू होने से नवजात के इलाज के लिए लोगों को गैर जनपदों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
सीएचसी अमेठी में पिछले दिनों शिशुओं (नवजात) के इलाज के लिए एक वार्ड आरक्षित कर उसे न्यू बार्न सिक यूनिट बनाया गया था। यूनिट में नवजात के इलाज के लिए कई जरूरी उपकरण लगाने के साथ स्टॉफ नर्स व वार्ड आया की अलग से तैनाती की गई। बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो सका था। सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीकांत की पोस्टिंग करते हुए उन्हें यूनिट का संचालन शुरू कराने का निर्देश दिया है।
सीएमओ ने बताया कि यूनिट का संचालन शुरू हो जाने से क्षेत्र के लोगों को नवजात के इलाज के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। बताया कि चिकित्सक के उपलब्ध होने से बच्चों को जरूरत पड़ने पर भर्ती भी किया जा सकेगा। मालूम हो कि अब तक जिले में नवजात रोगी इकाई नहीं होने से शिशुओं के इलाज के लिए लोगों को पड़ोसी जनपदों में जाना पड़ता था।
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गौरीगंज। अमेठी सीएचसी में जल्द ही नवजात के बेहतर इलाज की व्यवस्था होगी। डॉक्टर के अभाव में बंद पड़ी नवजात शिशु इकाई (न्यू बॉर्न सिक यूनिट) का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती करते हुए इकाई शुरू करने का निर्देश दिया है। इकाई शुरू होने से नवजात के इलाज के लिए लोगों को गैर जनपदों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
सीएचसी अमेठी में पिछले दिनों शिशुओं (नवजात) के इलाज के लिए एक वार्ड आरक्षित कर उसे न्यू बार्न सिक यूनिट बनाया गया था। यूनिट में नवजात के इलाज के लिए कई जरूरी उपकरण लगाने के साथ स्टॉफ नर्स व वार्ड आया की अलग से तैनाती की गई। बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो सका था। सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीकांत की पोस्टिंग करते हुए उन्हें यूनिट का संचालन शुरू कराने का निर्देश दिया है।
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सीएमओ ने बताया कि यूनिट का संचालन शुरू हो जाने से क्षेत्र के लोगों को नवजात के इलाज के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। बताया कि चिकित्सक के उपलब्ध होने से बच्चों को जरूरत पड़ने पर भर्ती भी किया जा सकेगा। मालूम हो कि अब तक जिले में नवजात रोगी इकाई नहीं होने से शिशुओं के इलाज के लिए लोगों को पड़ोसी जनपदों में जाना पड़ता था।
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