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आग से दंपती की मौत, दुधमुंही बच्ची झुलसी
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:32 PM IST
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आग से दंपती की मौत, बच्ची झुलसी
सुल्तानपुर। घर में सोते समय आग की चपेट में आने से दंपती और मासूम बच्ची झुलस गए। गंभीर हालत में तीनों को ग्रामीणों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान शनिवार की सुबह दंपती की मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो चारपाई पर दंपती जले पड़े थे। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव कब्जे में ले लिया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के बैजापुर निवासी रामकीरत (28) पुत्र रघई मुंबई में नौकरी करता था। एक माह पहले वह मुंबई से लौटा। शुक्रवार रात रामकीरत, पत्नी देवमती (26) व एक वर्षीय बेटी मीनाक्षी घर में चारपाई पर लेटे थे। उसके दो बच्चे मालती (3) व उदयराज (8) घर के बाहर चारपाई पर सोए थे। रात करीब 12 बजे आसपास के लोगों ने रामकीरत के घर से धुंआ उठता देखा तो वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने दरवाजा खटकटाया तो अंदर से बंद था। एक खिड़की तोड़कर ग्रामीण अंदर पहुंचे तो रामकीरत और देवमती बिस्तर पर झुलसे पड़े थे।
उसकी दुधमंही बच्ची भी आग से जली थी। तीनों को ग्रामीणों ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां शनिवार सुबह रामकीरत और देवमती की मौत हो गई। मीनाक्षी का उपचार अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रामकीरत को रविवार को मुंबई जाना था। घर से ट्रेन का टिकट भी पुलिस ने बरामद किया है। थानाध्यक्ष कोतवाली देहात भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दंपती चारपाई पर जले मिले थे। उपचार के दौरान मौत हुई है। संभवत: आग बिस्तर में लगी थी। जांच की जा रही है।
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सुल्तानपुर। घर में सोते समय आग की चपेट में आने से दंपती और मासूम बच्ची झुलस गए। गंभीर हालत में तीनों को ग्रामीणों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान शनिवार की सुबह दंपती की मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो चारपाई पर दंपती जले पड़े थे। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव कब्जे में ले लिया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के बैजापुर निवासी रामकीरत (28) पुत्र रघई मुंबई में नौकरी करता था। एक माह पहले वह मुंबई से लौटा। शुक्रवार रात रामकीरत, पत्नी देवमती (26) व एक वर्षीय बेटी मीनाक्षी घर में चारपाई पर लेटे थे। उसके दो बच्चे मालती (3) व उदयराज (8) घर के बाहर चारपाई पर सोए थे। रात करीब 12 बजे आसपास के लोगों ने रामकीरत के घर से धुंआ उठता देखा तो वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने दरवाजा खटकटाया तो अंदर से बंद था। एक खिड़की तोड़कर ग्रामीण अंदर पहुंचे तो रामकीरत और देवमती बिस्तर पर झुलसे पड़े थे।
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उसकी दुधमंही बच्ची भी आग से जली थी। तीनों को ग्रामीणों ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां शनिवार सुबह रामकीरत और देवमती की मौत हो गई। मीनाक्षी का उपचार अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रामकीरत को रविवार को मुंबई जाना था। घर से ट्रेन का टिकट भी पुलिस ने बरामद किया है। थानाध्यक्ष कोतवाली देहात भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दंपती चारपाई पर जले मिले थे। उपचार के दौरान मौत हुई है। संभवत: आग बिस्तर में लगी थी। जांच की जा रही है।
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