{"_id":"6054e1838ebc3e76a0312bfe","slug":"cow-shelter-home-will-be-made-from-waste-plastic-sultanpur-news-lko57039108","type":"story","status":"publish","title_hn":"निष्प्रयोज्य पाइपों से तैयार होगा गोवंश आश्रय स्थलों का शेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निष्प्रयोज्य पाइपों से तैयार होगा गोवंश आश्रय स्थलों का शेड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। ग्राम पंचायतों में बने गोवंश आश्रय स्थल में अब हैंडपंप की निष्प्रयोज्य पाइपों से बड़े शेड बनाए जाएंगे। शेड में गभर्वती, बीमार गोवंशों को अलग रखे जाने की व्यवस्था होगी।
इस व्यवस्था से हैंडपंप की निष्प्रयोज्य पाइपें काम में आ जाएंगी और ग्राम पंचायत को नए शेड निर्माण में धनराशि की बचत होगी। डीपीआरओ का प्रयोग एक जगह सफल होने पर डीएम व सीडीओ ने दूसरी जगह भी शेड बनाने की जिम्मेदारी दी है।
पिछले माह भदैंया विकास खंड के सौंराई ग्राम पंचायत में स्थित गोवंश आश्रय स्थल के निरीक्षण में पहुंचे डीएम व सीडीओ ने गोवंशों की संख्या को देखते हुए शेड का निर्माण कराने का निर्देश दिया था। निरीक्षण में जिला पंचायतराज अधिकारी भी साथ रहे।
विज्ञापन
डीएम व सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ आरके भारती ने नया शेड बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में निष्प्रयोज्य पड़ी हैंडपंप की पाइपों के इस्तेमाल की योजना बनाई। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से हैंडपंप के रिबोर में निकली निष्प्रयोज्य पाइपों को एकत्र करवाया।
इसके बाद उसी पाइपों पर तीन अलग साइजों का शेड बनवा डाला। इसमें सामान्य गोवंश, बीमार व गर्भवती गोवंश को अलग-अलग रखने के साथ ही भूसा रखने की व्यवस्था की गई। इसकी सूचना डीपीआरओ ने डीएम व सीडीओ को दी।
सूचना पर डीएम रवीश गुप्ता व मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने सौंराई गोवंश आश्रय स्थल का जायजा लिया। गोवंशों की व्यवस्था अच्छी पाए जाने पर दोनों अधिकारियों ने यह प्रयोग दूसरी बड़े गोवंश आश्रय स्थलों में करने की जिम्मेदारी डीपीआरओ को दी।
ग्राम पंचायत को होगी पैसे की बचत
हैंडपंप की निष्प्रयोज्य पाइप से शेड बनाने में ग्राम पंचायत का केवल मजदूरी व टिन शेड खरीदने में ही पैसा लगता है। पाइप के पैसे की बचत हो जाती है। इससे पंचायत की कम धनराशि से शेड तैयार हो जाएगा और निष्प्रयोज्य पाइप भी उपयोग में आ जाएगी।
मोतिगरपुर विकास खंड के मलिकपुर बखरा ग्राम पंचायत में स्थित बड़े गोवंश आश्रय स्थल में भी यह प्रयोग किया जाएगा। गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण करने के बाद पंचायत सचिव को ग्राम पंचायतों की निष्प्रयोज्य पाइपों को एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। पाइप एकत्र होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।-आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी।
विज्ञापन
इस व्यवस्था से हैंडपंप की निष्प्रयोज्य पाइपें काम में आ जाएंगी और ग्राम पंचायत को नए शेड निर्माण में धनराशि की बचत होगी। डीपीआरओ का प्रयोग एक जगह सफल होने पर डीएम व सीडीओ ने दूसरी जगह भी शेड बनाने की जिम्मेदारी दी है।
विज्ञापन
पिछले माह भदैंया विकास खंड के सौंराई ग्राम पंचायत में स्थित गोवंश आश्रय स्थल के निरीक्षण में पहुंचे डीएम व सीडीओ ने गोवंशों की संख्या को देखते हुए शेड का निर्माण कराने का निर्देश दिया था। निरीक्षण में जिला पंचायतराज अधिकारी भी साथ रहे।
विज्ञापन
डीएम व सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ आरके भारती ने नया शेड बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में निष्प्रयोज्य पड़ी हैंडपंप की पाइपों के इस्तेमाल की योजना बनाई। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से हैंडपंप के रिबोर में निकली निष्प्रयोज्य पाइपों को एकत्र करवाया।
इसके बाद उसी पाइपों पर तीन अलग साइजों का शेड बनवा डाला। इसमें सामान्य गोवंश, बीमार व गर्भवती गोवंश को अलग-अलग रखने के साथ ही भूसा रखने की व्यवस्था की गई। इसकी सूचना डीपीआरओ ने डीएम व सीडीओ को दी।
सूचना पर डीएम रवीश गुप्ता व मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने सौंराई गोवंश आश्रय स्थल का जायजा लिया। गोवंशों की व्यवस्था अच्छी पाए जाने पर दोनों अधिकारियों ने यह प्रयोग दूसरी बड़े गोवंश आश्रय स्थलों में करने की जिम्मेदारी डीपीआरओ को दी।
ग्राम पंचायत को होगी पैसे की बचत
हैंडपंप की निष्प्रयोज्य पाइप से शेड बनाने में ग्राम पंचायत का केवल मजदूरी व टिन शेड खरीदने में ही पैसा लगता है। पाइप के पैसे की बचत हो जाती है। इससे पंचायत की कम धनराशि से शेड तैयार हो जाएगा और निष्प्रयोज्य पाइप भी उपयोग में आ जाएगी।
मोतिगरपुर विकास खंड के मलिकपुर बखरा ग्राम पंचायत में स्थित बड़े गोवंश आश्रय स्थल में भी यह प्रयोग किया जाएगा। गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण करने के बाद पंचायत सचिव को ग्राम पंचायतों की निष्प्रयोज्य पाइपों को एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। पाइप एकत्र होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।-आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी।