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कोर्ट में पेश हुए मंत्री मयंकेश्वर शरण, 500 रुपये जुर्माना, केस खत्म
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न्यायालय में पेश होने पहुंचे स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह।
- फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। आचार संहिता का उल्लंघन करने के केस में हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने मंत्री को पांच सौ रुपये जुर्माना से दंडित कर उनके खिलाफ विचाराधीन मुकदमा समाप्त करने का आदेश दिया है। मामला अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र का है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में तीन फरवरी को अमेठी के तिलोई क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी मयंकेश्वर शरण सिंह समर्थकों की भीड़ के साथ नारेबाजी करते हुए गौरीगंज तहसील की ओर जा रहे थे। गौरीगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी आरपी शाही ने मयंकेश्वर शरण सिंह व 100-150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर मयंकेश्वर शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। एसीजेएम तृतीय की कोर्ट ने मयंकेश्वर के खिलाफ 18 मार्च 2019 को समन जारी किया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मामला रद्द करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने गत 17 अगस्त को प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला रद्द कर निर्देश दिया था कि वे ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (धारा 171 एच) के मामले में जुर्माना जमा करें।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को मयंकेश्वर शरण अपने अधिवक्ता रविवंश सिंह के साथ एसीजेएम तृतीय सिद्दीकी साइमा जर्रार आलम की कोर्ट में पेश हुए। उनकी ओर से हाईकोर्ट की नकल दाखिल करके मामला समाप्त करने की मांग की गई। कोर्ट ने मंत्री को पांच सौ रुपये जुर्माना से दंडित कर उनके खिलाफ विचाराधीन मामला समाप्त करने का आदेश दिया है। उधर, दीवानी न्यायालय स्थित अधिवक्ता संघ भवन में पहुंचे मंत्री का वकीलों ने स्वागत किया। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद शुक्ल, रविवंश सिंह, अशोक शुक्ल समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में तीन फरवरी को अमेठी के तिलोई क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी मयंकेश्वर शरण सिंह समर्थकों की भीड़ के साथ नारेबाजी करते हुए गौरीगंज तहसील की ओर जा रहे थे। गौरीगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी आरपी शाही ने मयंकेश्वर शरण सिंह व 100-150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर मयंकेश्वर शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। एसीजेएम तृतीय की कोर्ट ने मयंकेश्वर के खिलाफ 18 मार्च 2019 को समन जारी किया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मामला रद्द करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने गत 17 अगस्त को प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला रद्द कर निर्देश दिया था कि वे ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (धारा 171 एच) के मामले में जुर्माना जमा करें।
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हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को मयंकेश्वर शरण अपने अधिवक्ता रविवंश सिंह के साथ एसीजेएम तृतीय सिद्दीकी साइमा जर्रार आलम की कोर्ट में पेश हुए। उनकी ओर से हाईकोर्ट की नकल दाखिल करके मामला समाप्त करने की मांग की गई। कोर्ट ने मंत्री को पांच सौ रुपये जुर्माना से दंडित कर उनके खिलाफ विचाराधीन मामला समाप्त करने का आदेश दिया है। उधर, दीवानी न्यायालय स्थित अधिवक्ता संघ भवन में पहुंचे मंत्री का वकीलों ने स्वागत किया। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद शुक्ल, रविवंश सिंह, अशोक शुक्ल समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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