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वेंडिंग जोन में नहीं शिफ्ट हो सके शहर के पटरी-गुमटी दुकानदार
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सुल्तानपुर। शहर में फेरी नीति लागू करने को लेकर जिला प्रशासन सुस्त पड़ा है। शहर के पटरी-गुमटी दुकानदारों को को 12 नॉन वेंडिंग जोन से 11 वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की योजना पर अभी काम शुरू नहीं हो सका है। इससे शहर के व्यस्ततम इलाकों में लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
शहर के व्यस्ततम इलाकों में जाम की समस्या का प्रमुख कारण ठेला, खोमचा, पटरी-गुमटी दुकानदारों को माना जाता है। शहर के गोलाघाट, बस स्टेशन, जिला अस्पताल तिराहा, सब्जी मंडी, नमक मंडी, शाहगंज चौराहा, चौक, घंटाघर समेत अन्य व्यस्ततम इलाकों में ठेला व पटरी दुकानदार बड़ी संख्या में व्यवसाय करते हैं।
सड़क की पटरी पर व्यवसाय करने वाले इन दुकानदारों की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। नगर पालिका व पुलिस प्रशासन की ओर से कई जाम की समस्या से निजात पाने के लिए शहर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है।
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अभियान के कुछ दिनों बाद ही पटरी-गुमटी दुकानदार दोबारा उसी स्थान पर काबिज हो जाते हैं। पटरी-गुमटी दुकानदारों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आए दिन जाम की नौबत आ जाती है।
जाम से निजात पाने के लिए फेरी नीति के तहत दुकानदारों को 12 नॉन वेंडिग जोन से 11 वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने का खाका तैयार किया गया लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा सका है।
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार शहर में कोई एक स्थान ऐसा नहीं है, जहां सभी दुकानदारों को शिफ्ट किया जा सके। इसलिए 11 अलग-अलग स्थलों पर व्यवसाय करने की अनुमति दी गई है। अभी पटरी-गुमटी दुकानदारों को नॉन वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इससे शहर में जाम की समस्या बनी हुई है।
शहर में वेंडिंग जोन के लिए लखनऊ नाका ओवरब्रिज के नीचे, दरियापुर फ्लाईओवर रेलवे क्रॉसिंग के पार, कुड़वार नाका फ्लाईओवर के नीचे, करौंदिया फ्लाईओवर के नीचे, रुद्रनगर (मालगोदाम से रेलवे स्टेशन तक), सीताकुंड वार्ड (हनुमान मंदिर से एमजीएस चौराहा रोड), गोलाघाट पुल के दोनों तरफ, अमहट सब्जी मंडी से लखनऊ रोड, शास्त्रीनगर पुलिस चौकी से तालाब के पास, विवेकनगर चौराहे से एजुकेशन कॉलोनी चौराहा, जीआईसी के पीछे गंदानाला के किनारे का स्थान वेंडिंग जोन के लिए चिह्नित किया गया है।
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शहर के व्यस्ततम इलाकों में जाम की समस्या का प्रमुख कारण ठेला, खोमचा, पटरी-गुमटी दुकानदारों को माना जाता है। शहर के गोलाघाट, बस स्टेशन, जिला अस्पताल तिराहा, सब्जी मंडी, नमक मंडी, शाहगंज चौराहा, चौक, घंटाघर समेत अन्य व्यस्ततम इलाकों में ठेला व पटरी दुकानदार बड़ी संख्या में व्यवसाय करते हैं।
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सड़क की पटरी पर व्यवसाय करने वाले इन दुकानदारों की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। नगर पालिका व पुलिस प्रशासन की ओर से कई जाम की समस्या से निजात पाने के लिए शहर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है।
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अभियान के कुछ दिनों बाद ही पटरी-गुमटी दुकानदार दोबारा उसी स्थान पर काबिज हो जाते हैं। पटरी-गुमटी दुकानदारों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आए दिन जाम की नौबत आ जाती है।
जाम से निजात पाने के लिए फेरी नीति के तहत दुकानदारों को 12 नॉन वेंडिग जोन से 11 वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने का खाका तैयार किया गया लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा सका है।
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार शहर में कोई एक स्थान ऐसा नहीं है, जहां सभी दुकानदारों को शिफ्ट किया जा सके। इसलिए 11 अलग-अलग स्थलों पर व्यवसाय करने की अनुमति दी गई है। अभी पटरी-गुमटी दुकानदारों को नॉन वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इससे शहर में जाम की समस्या बनी हुई है।
शहर में वेंडिंग जोन के लिए लखनऊ नाका ओवरब्रिज के नीचे, दरियापुर फ्लाईओवर रेलवे क्रॉसिंग के पार, कुड़वार नाका फ्लाईओवर के नीचे, करौंदिया फ्लाईओवर के नीचे, रुद्रनगर (मालगोदाम से रेलवे स्टेशन तक), सीताकुंड वार्ड (हनुमान मंदिर से एमजीएस चौराहा रोड), गोलाघाट पुल के दोनों तरफ, अमहट सब्जी मंडी से लखनऊ रोड, शास्त्रीनगर पुलिस चौकी से तालाब के पास, विवेकनगर चौराहे से एजुकेशन कॉलोनी चौराहा, जीआईसी के पीछे गंदानाला के किनारे का स्थान वेंडिंग जोन के लिए चिह्नित किया गया है।