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Sultanpur News: भूगोल और करेंट अफेयर्स के प्रश्नों में उलझे परीक्षार्थी, कम पड़ा दो घंटे का समय
Mon, 23 Dec 2024 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:27 AM IST
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परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा में परीक्षार्थियों के लिए भूगोल और करेंट अफेयर्स के प्रश्न काफी कठिन रहे। यहां तक कुछ को निर्धारित दो घंटे का समय कम पड़ गया। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार का पेपर पिछले पांच साल में सबसे कठिन था, अधिकतर सवालों के ऑप्शन घुमावदार थे।
जिले के 20 केंद्रों पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा हुई, जिसमें 9024 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 4563 व दूसरी पाली में 4577 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। शहर के जीआईसी केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा देकर निकले रोहित गंगवार ने बताया कि भूगोल के प्रश्न बेहद कठिन थे। करेंट अफेयर्स के प्रश्नों के विकल्प भी असमंजस में थे। जीजीआईसी में पहली पाली की परीक्षा देकर निकली खुशबू सिंह ने बताया कि तैयारी अच्छी थी, लेकिन सवालों को समझने में ही समय कम पड़ गया।
अयोध्या के यशवंत राणा ने बताया कि परीक्षा जितनी उम्मीद की थी, उससे ज्यादा मुश्किल थी। जियोग्राफी और गणित से जुड़े कई सवाल पूछे गए। राजनीति, कला और संस्कृति से जुड़े सवाल पूछे गए। लंभुआ के सर्वोदय इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा देकर निकले गोंडा के रामजीत विश्वकर्मा ने बताया कि सैंपल पेपर और पिछले साल का पेपर हल करने से काफी मदद मिली, लेकिन प्रश्नपत्र काफी टफ था।
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जीजीआईसी से पहली पाली की परीक्षा देकर निकली अंबेडकरनगर की रुचि शर्मा ने बताया कि उन्हें तो सबसे ज्यादा इतिहास के प्रश्नों ने उलझाया। जीजीआईसी केंद्र पर अंबेडकरनगर की अर्चना दूबे ने बताया कि पेपर अच्छा था, पहले पेपर में जीएस काफी कठिन था। रिया चौबे ने बताया पेपर काफी अच्छा था, जो पढ़ा था, वही आया। जिससे ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
अर्चना यादव ने बताया कि छोटे शहर में पहली बार परीक्षा हुई, जो काफी अच्छा था। परीक्षा में पेपर थोड़ा कठिन था। प्रिया ने बताया कि इतिहास, करेंट अफेयर्स के प्रश्न उलझाने वाले थे, बाकी परीक्षा अच्छी रही।
प्रशासन ने किया रैन बसेरे का इंतजाम, नहीं रुके अभ्यर्थी
भीषण ठंड को देखते हुए प्रशासन ने पहले से बनाए रैन बसेरों में अभ्यर्थियों के ठहरने का इंतजाम किया था। हालांकि रैन बसेरे खाली ही रहे। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने होटलों में रात गुजारी। अभ्यर्थी राम निवाज यादव ने बताया कि वह शहर के एक निजी होटल में रुके थे। जहां उससे 1500 रुपये लिए गए। हालांकि सुविधाएं अच्छी थीं, सेंटर पास में था, इसलिए काफी सहूलियत भी हुई।
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जिले के 20 केंद्रों पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा हुई, जिसमें 9024 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 4563 व दूसरी पाली में 4577 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। शहर के जीआईसी केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा देकर निकले रोहित गंगवार ने बताया कि भूगोल के प्रश्न बेहद कठिन थे। करेंट अफेयर्स के प्रश्नों के विकल्प भी असमंजस में थे। जीजीआईसी में पहली पाली की परीक्षा देकर निकली खुशबू सिंह ने बताया कि तैयारी अच्छी थी, लेकिन सवालों को समझने में ही समय कम पड़ गया।
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अयोध्या के यशवंत राणा ने बताया कि परीक्षा जितनी उम्मीद की थी, उससे ज्यादा मुश्किल थी। जियोग्राफी और गणित से जुड़े कई सवाल पूछे गए। राजनीति, कला और संस्कृति से जुड़े सवाल पूछे गए। लंभुआ के सर्वोदय इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा देकर निकले गोंडा के रामजीत विश्वकर्मा ने बताया कि सैंपल पेपर और पिछले साल का पेपर हल करने से काफी मदद मिली, लेकिन प्रश्नपत्र काफी टफ था।
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जीजीआईसी से पहली पाली की परीक्षा देकर निकली अंबेडकरनगर की रुचि शर्मा ने बताया कि उन्हें तो सबसे ज्यादा इतिहास के प्रश्नों ने उलझाया। जीजीआईसी केंद्र पर अंबेडकरनगर की अर्चना दूबे ने बताया कि पेपर अच्छा था, पहले पेपर में जीएस काफी कठिन था। रिया चौबे ने बताया पेपर काफी अच्छा था, जो पढ़ा था, वही आया। जिससे ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
अर्चना यादव ने बताया कि छोटे शहर में पहली बार परीक्षा हुई, जो काफी अच्छा था। परीक्षा में पेपर थोड़ा कठिन था। प्रिया ने बताया कि इतिहास, करेंट अफेयर्स के प्रश्न उलझाने वाले थे, बाकी परीक्षा अच्छी रही।
प्रशासन ने किया रैन बसेरे का इंतजाम, नहीं रुके अभ्यर्थी
भीषण ठंड को देखते हुए प्रशासन ने पहले से बनाए रैन बसेरों में अभ्यर्थियों के ठहरने का इंतजाम किया था। हालांकि रैन बसेरे खाली ही रहे। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने होटलों में रात गुजारी। अभ्यर्थी राम निवाज यादव ने बताया कि वह शहर के एक निजी होटल में रुके थे। जहां उससे 1500 रुपये लिए गए। हालांकि सुविधाएं अच्छी थीं, सेंटर पास में था, इसलिए काफी सहूलियत भी हुई।