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उफनाई माइनर से 150 बीघा फसल जलमग्न
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सुल्तानपुर। चांदपुर व बखरा गांव के पास माइनरों के पानी में उफान आने से करीब 150 बीघा से अधिक खेत जलमग्न हो गए। खेतों में लगी गेहूं, आलू, चना, मटर समेत अन्य फसलें पानी में डूब गईं।
कूरेभार रजबहा में चांदपुर गांव के पास एक सप्ताह से पानी का रिसाव हो रहा था। शुक्रवार की रात उफान व कुलाबे की कटान से आसपास के किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई। शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस पर शनिवार की देर शाम किसानों ने कड़ी मशक्कत कर कटान को किसी तरह बंद किया। चांदपुर के राम नारायण, विपिन दूबे, उमापति, रमापति, विजय कुमार, ठाकुर दीन, राजेश कनौजिया, स्वामीनाथ, सुरेश, अनंतू समेत कई अन्य किसानों के गेहूं, मटर, सरसों व गन्ने की फसलों में पानी भरा हुआ है। किसानों ने बताया कि करीब 50 बीघे से अधिक खेतों में पानी जमा होने से फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। सूचना के बाद भी विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसानों में रोष रहा।
वहीं, शारदा सहायक खंड- 16 के अंतर्गत भवानीपुर गांव से निकली खड़सरा-मलिकपुर बखरा माइनर में तीन दिन पहले पानी छोड़ा गया था। टेल के पास आधी-अधूरी सफाई की वजह से शनिवार की रात को बखरा गांव के पास माइनर के पानी में उफान से पटरी कट गई। कटान और तेज बहाव के चलते आस-पास के खेतों में बोए गई गेहूं, सरसों व मटर की फसल डूब गई। प्रभावित किसानों में श्रीराम, मुख्तार, सूर्य नारायण, स्वामी नारायण, संतराम, राम सूरत, जगलाल, रामजीत, वीरेंद्र, रमेश समेत करीब 100 लोग शामिल हैं। रविवार को राजस्व निरीक्षक अनिल यादव ने टीम के साथ नुकसान का जायजा लिया। शारदा सहायक खंड-16 के अधिशासी अभियंता शरद कुमार ने बताया कि बखरा गांव के पास कटान स्थल को रविवार को बंधवा दिया गया है। चांदपुर के पास अभियंताओं की टीम भेजी गई है।
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कूरेभार रजबहा में चांदपुर गांव के पास एक सप्ताह से पानी का रिसाव हो रहा था। शुक्रवार की रात उफान व कुलाबे की कटान से आसपास के किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई। शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस पर शनिवार की देर शाम किसानों ने कड़ी मशक्कत कर कटान को किसी तरह बंद किया। चांदपुर के राम नारायण, विपिन दूबे, उमापति, रमापति, विजय कुमार, ठाकुर दीन, राजेश कनौजिया, स्वामीनाथ, सुरेश, अनंतू समेत कई अन्य किसानों के गेहूं, मटर, सरसों व गन्ने की फसलों में पानी भरा हुआ है। किसानों ने बताया कि करीब 50 बीघे से अधिक खेतों में पानी जमा होने से फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। सूचना के बाद भी विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसानों में रोष रहा।
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वहीं, शारदा सहायक खंड- 16 के अंतर्गत भवानीपुर गांव से निकली खड़सरा-मलिकपुर बखरा माइनर में तीन दिन पहले पानी छोड़ा गया था। टेल के पास आधी-अधूरी सफाई की वजह से शनिवार की रात को बखरा गांव के पास माइनर के पानी में उफान से पटरी कट गई। कटान और तेज बहाव के चलते आस-पास के खेतों में बोए गई गेहूं, सरसों व मटर की फसल डूब गई। प्रभावित किसानों में श्रीराम, मुख्तार, सूर्य नारायण, स्वामी नारायण, संतराम, राम सूरत, जगलाल, रामजीत, वीरेंद्र, रमेश समेत करीब 100 लोग शामिल हैं। रविवार को राजस्व निरीक्षक अनिल यादव ने टीम के साथ नुकसान का जायजा लिया। शारदा सहायक खंड-16 के अधिशासी अभियंता शरद कुमार ने बताया कि बखरा गांव के पास कटान स्थल को रविवार को बंधवा दिया गया है। चांदपुर के पास अभियंताओं की टीम भेजी गई है।
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