{"_id":"67797a394e59d7901b0c6e79","slug":"bail-application-of-inter-district-thug-rejected-sultanpur-news-c-13-1-lko1039-1021664-2025-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: अंतरजनपदीय ठग की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: अंतरजनपदीय ठग की जमानत अर्जी खारिज
Sat, 04 Jan 2025 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। अनी बुलियन समेत कई फर्जी कंपनियों के सहारे धोखाधड़ी कर निवेशकों के करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में जेल में निरुद्ध अंतरजनपदीय ठग को कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है। एडीजे प्रथम संतोष कुमार ने शनिवार को आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के मिश्रौली गांव निवासी राममूर्ति त्रिपाठी ने 31 अगस्त, 2020 को जगदीशपुर थाने में अयोध्या जिले के कुमारगंज निवासी अजीत कुमार गुप्ता, मंजू कौशल, मिश्रौली गांव के अरुण कुमार त्रिपाठी, विमलेश मिश्र, राजेश कुमार विश्वकर्मा समेत 11 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना कर निवेशकों का धन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
जेल में निरुद्ध आरोपी अजीत कुमार गुप्ता की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए एडीजीसी क्रिमिनल ने पुलिस की ओर से दाखिल 107 मुकदमों की क्रिमिनल हिस्ट्री कोर्ट में पेश की। कहा कि आरोपी अंतरजनपदीय ठग है। उसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
बचाव पक्ष ने फर्जी केस दर्ज होने की बात कहते हुए आरोपी को जमानत देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के मिश्रौली गांव निवासी राममूर्ति त्रिपाठी ने 31 अगस्त, 2020 को जगदीशपुर थाने में अयोध्या जिले के कुमारगंज निवासी अजीत कुमार गुप्ता, मंजू कौशल, मिश्रौली गांव के अरुण कुमार त्रिपाठी, विमलेश मिश्र, राजेश कुमार विश्वकर्मा समेत 11 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना कर निवेशकों का धन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
जेल में निरुद्ध आरोपी अजीत कुमार गुप्ता की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए एडीजीसी क्रिमिनल ने पुलिस की ओर से दाखिल 107 मुकदमों की क्रिमिनल हिस्ट्री कोर्ट में पेश की। कहा कि आरोपी अंतरजनपदीय ठग है। उसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
बचाव पक्ष ने फर्जी केस दर्ज होने की बात कहते हुए आरोपी को जमानत देने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।