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निलंबित एसओ समेत तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या की तहरीर
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कुड़वार (सुल्तानपुर)। कुड़वार थाने के हवालात में अनुसूचित जाति के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने मॉर्च्युरी से शव को बाहर निकालकर उसकी जांच की।
युवक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मृतक की मां ने निलंबित थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस कर्मियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
परिवारीजनों का कहना है कि जब तक मुकदमा नहीं दर्ज होगा, शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवारीजनों को समझाने-बुझाने के लिए एसडीएम और सीओ गांव में कैंप कर रहे हैं।
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जगदीशपुर गांव निवासी राजेश कोरी (25) गांव की एक किशोरी के साथ 31 मई को फरार हो गया था। किशोरी की मां ने राजेश के खिलाफ 31 मई की रात में ही थाने में बेटी को बहलाकर भगा ले जाने की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया था।
एक जून को कुड़वार थाने की पुलिस ने राजेश की मां आशा और उसकी पत्नी ज्योति को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई थी। इसकी जानकारी जब राजेश को हुई तो वह किशोरी को लेकर दो जून की दोपहर खुद ही कुड़वार थाने में पहुंचा था।
बृहस्पतिवार को राजेश की लॉकअप के अंदर संदिग्ध परि स्थितियों में मौत हो गई थी। इसे पुलिस आत्महत्या बता रही थी। दलित युवक की मौत ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया।
कई संगठनों के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। इसकी जानकारी जब प्रशासन को हुई तो मौके पर एसडीएम सदर रामजी लाल, सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी, सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल, तहसीलदार जितेंद्र गौतम भी पहुंच गए।
सभी अधिकारियों ने जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी से शव को पोस्टमॉर्टम कराने से पहले बाहर निकाला और उसका कपड़ा हटाकर शरीर की जांच की। जांच में पाया गया कि शरीर पर पिटाई के निशान हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव जगदीशपुर गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों ने निलंबित थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय, एसआई संजय यादव और सिपाही बृजेश के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मृतक की मां आशा देवी ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी।
एसओ कुड़वार श्रीराम ने बताया कि उनकी तहरीर पर केस दर्ज किया जाएगा। बावजूद इसके परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए।
परिवारीजनों ने कहा कि राजेश का बड़ा भाई महेश बाहर नौकरी करता है। जब तक वह नहीं पहुंचेगा अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
तीन चिकित्सकों के पैनल ने किया शव का पोस्टमॉर्टम
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि डीएम के आदेश पर तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमॉर्टम किया है।
पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों के पैनल में डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. डीपी सिंह और डॉ. राम धीरेंद्र शामिल थे। पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
दोषी पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग
आजाद समाज पार्टी की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय कुमार ने अभिरक्षा में राजेश कोरी की हुई मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को जेल भेजे जाने, पीड़ित परिवार को नौकरी व आर्थिक सहायता दिए जाने के साथ ही हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
पार्टी ने घटना की मजिस्ट्रेटी/न्यायिक जांच की मांग उठाई है। उधर राष्ट्रीय अंबेडकर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप कोरी उर्फ उदल ने मृतक के गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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युवक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मृतक की मां ने निलंबित थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस कर्मियों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
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परिवारीजनों का कहना है कि जब तक मुकदमा नहीं दर्ज होगा, शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवारीजनों को समझाने-बुझाने के लिए एसडीएम और सीओ गांव में कैंप कर रहे हैं।
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जगदीशपुर गांव निवासी राजेश कोरी (25) गांव की एक किशोरी के साथ 31 मई को फरार हो गया था। किशोरी की मां ने राजेश के खिलाफ 31 मई की रात में ही थाने में बेटी को बहलाकर भगा ले जाने की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया था।
एक जून को कुड़वार थाने की पुलिस ने राजेश की मां आशा और उसकी पत्नी ज्योति को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई थी। इसकी जानकारी जब राजेश को हुई तो वह किशोरी को लेकर दो जून की दोपहर खुद ही कुड़वार थाने में पहुंचा था।
बृहस्पतिवार को राजेश की लॉकअप के अंदर संदिग्ध परि स्थितियों में मौत हो गई थी। इसे पुलिस आत्महत्या बता रही थी। दलित युवक की मौत ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया।
कई संगठनों के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। इसकी जानकारी जब प्रशासन को हुई तो मौके पर एसडीएम सदर रामजी लाल, सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी, सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल, तहसीलदार जितेंद्र गौतम भी पहुंच गए।
सभी अधिकारियों ने जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी से शव को पोस्टमॉर्टम कराने से पहले बाहर निकाला और उसका कपड़ा हटाकर शरीर की जांच की। जांच में पाया गया कि शरीर पर पिटाई के निशान हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद शव जगदीशपुर गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों ने निलंबित थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय, एसआई संजय यादव और सिपाही बृजेश के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। मृतक की मां आशा देवी ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी।
एसओ कुड़वार श्रीराम ने बताया कि उनकी तहरीर पर केस दर्ज किया जाएगा। बावजूद इसके परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए।
परिवारीजनों ने कहा कि राजेश का बड़ा भाई महेश बाहर नौकरी करता है। जब तक वह नहीं पहुंचेगा अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
तीन चिकित्सकों के पैनल ने किया शव का पोस्टमॉर्टम
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि डीएम के आदेश पर तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमॉर्टम किया है।
पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों के पैनल में डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. डीपी सिंह और डॉ. राम धीरेंद्र शामिल थे। पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
दोषी पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग
आजाद समाज पार्टी की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय कुमार ने अभिरक्षा में राजेश कोरी की हुई मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को जेल भेजे जाने, पीड़ित परिवार को नौकरी व आर्थिक सहायता दिए जाने के साथ ही हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
पार्टी ने घटना की मजिस्ट्रेटी/न्यायिक जांच की मांग उठाई है। उधर राष्ट्रीय अंबेडकर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप कोरी उर्फ उदल ने मृतक के गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।