{"_id":"127-89751","slug":"Sultanpur-89751-127","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे हो गेहूं की बोआई, खेत में खड़ा गन्ना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसे हो गेहूं की बोआई, खेत में खड़ा गन्ना
Sultanpur
Updated Sat, 06 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। रबी की फसलों की बोआई के लिए कृषि विभाग ने लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसानों को मुफ्त बीज तक दिया जा रहा है। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में समय से गन्ना पेराई शुरू न होने से सरकार व कृषि विभाग की कवायद धरी की धरी रह जाएगी। किसानों के सामने गन्ने का खेत खाली कर गेहूं की बोआई करने का संकट खड़ा हो गया है। गेहूं की बोआई पिछड़ने से इसके उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
कृषि विभाग ने जिले में 104.894 हेक्टेअर में गेहूं की बोआई करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 89.160 हेक्टेअर में गेहूं की बोआई हुई है। जौ 1.076, चना 3.903, मटर 6.164, मसूर 8.816, तोरिया 1.994, राई/सरसों 3.235, रबी मक्का 0.079 व अलसी 0.066 हेक्टेयर में बोने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत बोआई की गई है। गेहूं की बोआई के लिए निर्धारित किया गया लक्ष्य हासिल करना किसानों के साथ ही कृषि विभाग के लिए भी चुनौती बन गया है। सबसे बड़ी वजह चीनी मिल में गन्ना पेराई शुरू होने में विलंब बताई जा रही है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने 15 नवंबर से चीनी मिल में गन्ना की पेराई शुरू करने का निर्देश जारी किया था। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद बीते 28 नवंबर को जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना पेराई का शुभारंभ हुआ था। गन्ना की उपलब्धता न होने से चीनी मिल में पेराई शुरू नहीं हो सकी थी। बीते बुधवार की रात में गन्ना की पेराई शुरू हुई। तकरीबन आठ घंटे के बाद ही चीनी मिल में पेराई ठप हो गई। चीनी मिल में पेराई शुरू होने में विलंब होने से गन्ना का उत्पादन करने वाले किसान परेशान हैं। गन्ने का खेत खाली कर गेहूं की बोआई करने की किसानों की योजना पर पानी फिरता जा रहा है।
विज्ञापन
कृषि विभाग ने जिले में 104.894 हेक्टेअर में गेहूं की बोआई करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 89.160 हेक्टेअर में गेहूं की बोआई हुई है। जौ 1.076, चना 3.903, मटर 6.164, मसूर 8.816, तोरिया 1.994, राई/सरसों 3.235, रबी मक्का 0.079 व अलसी 0.066 हेक्टेयर में बोने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत बोआई की गई है। गेहूं की बोआई के लिए निर्धारित किया गया लक्ष्य हासिल करना किसानों के साथ ही कृषि विभाग के लिए भी चुनौती बन गया है। सबसे बड़ी वजह चीनी मिल में गन्ना पेराई शुरू होने में विलंब बताई जा रही है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने 15 नवंबर से चीनी मिल में गन्ना की पेराई शुरू करने का निर्देश जारी किया था। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद बीते 28 नवंबर को जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना पेराई का शुभारंभ हुआ था। गन्ना की उपलब्धता न होने से चीनी मिल में पेराई शुरू नहीं हो सकी थी। बीते बुधवार की रात में गन्ना की पेराई शुरू हुई। तकरीबन आठ घंटे के बाद ही चीनी मिल में पेराई ठप हो गई। चीनी मिल में पेराई शुरू होने में विलंब होने से गन्ना का उत्पादन करने वाले किसान परेशान हैं। गन्ने का खेत खाली कर गेहूं की बोआई करने की किसानों की योजना पर पानी फिरता जा रहा है।
विज्ञापन