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लेखपालों के कार्य बहिष्कार से आय, जाति, निवास के
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सुल्तानपुर। पखवारे भर से अधिक समय से चल रहे राजस्व लेखपालों के कार्य बहिष्कार से व्यवस्था चरमराती जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र को लेकर खड़ी हो गई है। करीब 813 आवेदन पत्र लंबित हैं।
दिसंबर में तहसील दिवस, जनसुनवाई व विभिन्न पोर्टलों से आईं सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं। प्रशासन की ओर से वार्ता का प्रयास विफल होने के बाद अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो को मैदान में उतार दिया है।
तहसील अफसरों को मैदान में उतारकर प्रशासन व्यवस्था को काबू में बनाए रखने में जुटा है। इसके बाद भी विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। वे लेखपालों की खोज में तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को तहसीलों में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग लेखपालों के बारे में जानकारी करते दिखे।
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लंभुआ। तहसील में मिले क्षेत्र के गरवा निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि वे हिस्सा प्रमाण पत्र के लिए वे लेखपाल से मिलने की कोशिश पिछले एक पखवारे से कर रहे हैं। हड़ताल की वजह से क्षेत्रीय लेखपाल हिस्सा प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। इसकी वजह से उनके ट्यूबवेल की बोरिंग नहीं हो पा रही है।
लंभुआ तहसील के ही शेरपुर परसरामपुर निवासी संतोष तिवारी ने बताया कि जमानत के लिए खतौनी की समस्या हो रही है। मजबूरन लोगों को या तो अप्रमाणित खतौनी लगानी पड़ रही है। या फिर ऑनलाइन आवेदन करके तहसील से जारी होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के इसूर गांव निवासी भभूति प्रसाद दूबे का कहना है कि खतौनी पर वरासत में गलत नाम चढ़ गया है। इसे ठीक कराने के लिए पखवारे भर से अधिक समय से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से काम नहीं हो पा रहा है।
लेखपालों की 10 दिसंबर से चले आ रहे कार्य बहिष्कार से शिकायतों के निस्तारण समेत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बाधित हो गएं हैं। जिले में करीब 813 आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं। लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लगने से वे जारी नहीं हो पा रहे हैं।
कार्य बहिष्कार का असर यह हुआ कि इन दिनों ऑनलाइन आवेदन ही कम हो गए हैं। इसके साथ ही तहसील दिवस, जनसुनवाई, आईजीआरएस पोर्टल की करीब 600 राजस्व संबंधी शिकायतें लंबित हैं। लंबित शिकायतों का तेजी से निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
लेखपालों की पखवारे भर से अधिक समय से चले आ रहे कार्य बहिष्कार से निपटने के लिए प्रशासन ने अब राजस्व की शिकायतें, पैमाइश आदि के निस्तारण के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो को उतार दिया है। डीएम सी. इंदुमती ने तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व कानूनगो को शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी है। प्रशासन ने इन अधिकारियों को लगाकर समस्याओें पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी है।
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दिसंबर में तहसील दिवस, जनसुनवाई व विभिन्न पोर्टलों से आईं सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं। प्रशासन की ओर से वार्ता का प्रयास विफल होने के बाद अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो को मैदान में उतार दिया है।
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तहसील अफसरों को मैदान में उतारकर प्रशासन व्यवस्था को काबू में बनाए रखने में जुटा है। इसके बाद भी विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। वे लेखपालों की खोज में तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को तहसीलों में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग लेखपालों के बारे में जानकारी करते दिखे।
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लंभुआ। तहसील में मिले क्षेत्र के गरवा निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि वे हिस्सा प्रमाण पत्र के लिए वे लेखपाल से मिलने की कोशिश पिछले एक पखवारे से कर रहे हैं। हड़ताल की वजह से क्षेत्रीय लेखपाल हिस्सा प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। इसकी वजह से उनके ट्यूबवेल की बोरिंग नहीं हो पा रही है।
लंभुआ तहसील के ही शेरपुर परसरामपुर निवासी संतोष तिवारी ने बताया कि जमानत के लिए खतौनी की समस्या हो रही है। मजबूरन लोगों को या तो अप्रमाणित खतौनी लगानी पड़ रही है। या फिर ऑनलाइन आवेदन करके तहसील से जारी होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के इसूर गांव निवासी भभूति प्रसाद दूबे का कहना है कि खतौनी पर वरासत में गलत नाम चढ़ गया है। इसे ठीक कराने के लिए पखवारे भर से अधिक समय से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से काम नहीं हो पा रहा है।
लेखपालों की 10 दिसंबर से चले आ रहे कार्य बहिष्कार से शिकायतों के निस्तारण समेत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बाधित हो गएं हैं। जिले में करीब 813 आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं। लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लगने से वे जारी नहीं हो पा रहे हैं।
कार्य बहिष्कार का असर यह हुआ कि इन दिनों ऑनलाइन आवेदन ही कम हो गए हैं। इसके साथ ही तहसील दिवस, जनसुनवाई, आईजीआरएस पोर्टल की करीब 600 राजस्व संबंधी शिकायतें लंबित हैं। लंबित शिकायतों का तेजी से निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
लेखपालों की पखवारे भर से अधिक समय से चले आ रहे कार्य बहिष्कार से निपटने के लिए प्रशासन ने अब राजस्व की शिकायतें, पैमाइश आदि के निस्तारण के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो को उतार दिया है। डीएम सी. इंदुमती ने तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व कानूनगो को शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी है। प्रशासन ने इन अधिकारियों को लगाकर समस्याओें पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी है।