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बिजली
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:31 PM IST
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ढाई घंटे बंद रहे 10 विद्युत उपकेंद्र
उमस भरी गर्मी से परेशानी रही तीन लाख आबादी
कराया गया पारेषण का मरम्मत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। बिजली की अघोषित कटौती के बीच गुरुवार को मरम्मत के लिए पारेषण का 220 केवी उपकेंद्र बंद कर दिया। इससे वितरण के 10 सब स्टेशन ढाई घंटे तक बंद रहे। इस दौरान करीब तीन लाख आबादी उमस भरी गर्मी में परेशान रही।
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे बिजली संकट के बीच बृहस्पतिवार की सुबह पयागीपुर स्थित पारेषण का 220 केवी उपकेंद्र मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया। पारेषण का सब स्टेशन बंद कर दिए जाने से वितरण के 10 उपकेंद्र सुबह आठ बजे से ढाई घंटे तक बंद रहे। शहर का डाकखाना, दरियापुर, टीपीनगर, केएनआई समेत ग्रामीण का फरीदीपुर, धनपतगंज, कूरेभार, असरोगा, रामगंज व लंभुआ सब स्टेशन बंद रहने से करीब तीन लाख आबादी बिजली के लिए परेशान रही। पारेेषण के अधिशाषी अभियंता त्यागी ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद साढ़े 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली।
शासन के दावे की निकली हवा
शासन की ओर से शहर में 24, तहसील मुख्यालय पर 20 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने के दावे की हवा निकल गई है। शहर में रोजाना तीन घंटे की आपात कटौती की जा रही रही है। ज्यादातर सुबह आठ से 11 बजे तक कटौती की जा रही है। इसके साथ ही रात में भी रोजाना अघोषित कटौती चल रही है। इससे शहरी लोगों को मुश्किल से 18 घंटे बिजली मिल पा रही है। तहसील क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तहसील मुख्यालयों पर करीब 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। खरीफ के मौसम में बिजली कम मिलने से किसान परेशान हैं। किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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लो वोल्टेज की बढ़ी समस्या
निर्धारित से कम आपूर्ति के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। सरकारी व प्राइवेट नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। मोतिगरपुर क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा है। नलकूपों के नहीं चलने से कृषि कार्य बाधित हो रहा है।
पटरी पर जल्द आएगी व्यवस्था
अधिशाषी अभियंता बालकृष्ण का कहना है कि इन दिनों बिजली आपूर्ति ऊपर से ही कम मिल रही है। इसकी वजह से मुख्यालय से ही इमरजेंसी कटौती की जा रही है। जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
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उमस भरी गर्मी से परेशानी रही तीन लाख आबादी
कराया गया पारेषण का मरम्मत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। बिजली की अघोषित कटौती के बीच गुरुवार को मरम्मत के लिए पारेषण का 220 केवी उपकेंद्र बंद कर दिया। इससे वितरण के 10 सब स्टेशन ढाई घंटे तक बंद रहे। इस दौरान करीब तीन लाख आबादी उमस भरी गर्मी में परेशान रही।
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे बिजली संकट के बीच बृहस्पतिवार की सुबह पयागीपुर स्थित पारेषण का 220 केवी उपकेंद्र मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया। पारेषण का सब स्टेशन बंद कर दिए जाने से वितरण के 10 उपकेंद्र सुबह आठ बजे से ढाई घंटे तक बंद रहे। शहर का डाकखाना, दरियापुर, टीपीनगर, केएनआई समेत ग्रामीण का फरीदीपुर, धनपतगंज, कूरेभार, असरोगा, रामगंज व लंभुआ सब स्टेशन बंद रहने से करीब तीन लाख आबादी बिजली के लिए परेशान रही। पारेेषण के अधिशाषी अभियंता त्यागी ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद साढ़े 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली।
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शासन के दावे की निकली हवा
शासन की ओर से शहर में 24, तहसील मुख्यालय पर 20 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने के दावे की हवा निकल गई है। शहर में रोजाना तीन घंटे की आपात कटौती की जा रही रही है। ज्यादातर सुबह आठ से 11 बजे तक कटौती की जा रही है। इसके साथ ही रात में भी रोजाना अघोषित कटौती चल रही है। इससे शहरी लोगों को मुश्किल से 18 घंटे बिजली मिल पा रही है। तहसील क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तहसील मुख्यालयों पर करीब 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। खरीफ के मौसम में बिजली कम मिलने से किसान परेशान हैं। किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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लो वोल्टेज की बढ़ी समस्या
निर्धारित से कम आपूर्ति के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। सरकारी व प्राइवेट नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। मोतिगरपुर क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा है। नलकूपों के नहीं चलने से कृषि कार्य बाधित हो रहा है।
पटरी पर जल्द आएगी व्यवस्था
अधिशाषी अभियंता बालकृष्ण का कहना है कि इन दिनों बिजली आपूर्ति ऊपर से ही कम मिल रही है। इसकी वजह से मुख्यालय से ही इमरजेंसी कटौती की जा रही है। जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।