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56 हजार परिवारों को नहीं मिल सकी इलाज की सुविधा
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सुल्तानपुर। केंद्र की आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत करीब 56 हजार परिवारों को अभी तक इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी है। स्वास्थ्य महकमे के प्रयासों के बावजूद अभी तक इन परिवारों का गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है।
योजना के तहत चयनित 24 अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने में निजी अस्पताल आगे निकल गए हैं। चयनित दो सरकारी अस्पतालों में जिला महिला व जिला अस्पताल शामिल है। विभाग सभी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारकों के इलाज का दावा कर रहा है।
केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना जिले में गति पकड़ना शुरू कर दी है। योजना के तहत चयनित परिवारों में अभी तक स्वास्थ्य विभाग करीब 1300 मरीजों के इलाज का दावा विभिन्न अस्पतालों में कर रहा है।
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चयनित परिवारों के इलाज में सरकारी अस्पताल की तुलना में निजी अस्पताल आगे निकल गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में सर्वाधिक आंख के ऑपरेशन सनबीम अस्पताल में योजना के तहत किए गए हैं।
निजी चिकित्सालयों में सुमन हॉस्पिटल, श्री विनायक, जीवन ज्योति, सुल्तानपुर ऑर्थो अस्पताल समेत कुछ अन्य में काफी संख्या में मरीजों का इलाज हुआ है। योजना के नियमों को देखते हुए मानकों को पूरा करने वाले भी जिले के कई निजी अस्पताल अपना पंजीयन कराने से कतरा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को मानें तो आयुष्मान योजना के तहत जिले में 1,26,044 परिवार चयनित किए गए हैं। इन परिवारों को वर्ष 2011 की आर्थिक, सामाजिक व जातीय जनगणना के आधार पर चयन किया गया है।
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योजना के तहत चयनित 24 अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने में निजी अस्पताल आगे निकल गए हैं। चयनित दो सरकारी अस्पतालों में जिला महिला व जिला अस्पताल शामिल है। विभाग सभी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारकों के इलाज का दावा कर रहा है।
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केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना जिले में गति पकड़ना शुरू कर दी है। योजना के तहत चयनित परिवारों में अभी तक स्वास्थ्य विभाग करीब 1300 मरीजों के इलाज का दावा विभिन्न अस्पतालों में कर रहा है।
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चयनित परिवारों के इलाज में सरकारी अस्पताल की तुलना में निजी अस्पताल आगे निकल गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में सर्वाधिक आंख के ऑपरेशन सनबीम अस्पताल में योजना के तहत किए गए हैं।
निजी चिकित्सालयों में सुमन हॉस्पिटल, श्री विनायक, जीवन ज्योति, सुल्तानपुर ऑर्थो अस्पताल समेत कुछ अन्य में काफी संख्या में मरीजों का इलाज हुआ है। योजना के नियमों को देखते हुए मानकों को पूरा करने वाले भी जिले के कई निजी अस्पताल अपना पंजीयन कराने से कतरा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को मानें तो आयुष्मान योजना के तहत जिले में 1,26,044 परिवार चयनित किए गए हैं। इन परिवारों को वर्ष 2011 की आर्थिक, सामाजिक व जातीय जनगणना के आधार पर चयन किया गया है।