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30 सितंबर तक ध्वस्त किए जाएंगे 50 फीसदी जर्जर भवन

Fri, 27 Aug 2021 10:47 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 10:47 PM IST
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50 percent damaged school buildings will be demolished till 30th september
सुल्तानपुर। जीर्ण-शीर्ण परिषदीय विद्यालयों को ध्वस्त कर नया भवन बनवाया जाएगा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने 30 सितंबर तक 50 फीसदी जर्जर भवनों का पुनर्मूल्यांकन कर ध्वस्तीकरण प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्देश दिया है।
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जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1450 प्राथमिक विद्यालय, 343 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 271 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। 2064 विद्यालयों में से 532 में जर्जर भवन चिह्नित किए गए हैं। जर्जर भवनों से खतरा बना रहता है।
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इसके साथ ही नवनिर्माण में भी बाधा उत्पन्न होती है। पिछले दिनों जिलाधिकारी के निर्देश पर एक मूल्यांकन कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की ओर से विद्यालयों की स्थिति को देखते हुए धनराशि मूल्यांकित की गई थी। डेढ़ सौ साल पुराने विद्यालय भवनों का मूल्यांकन चार से पांच लाख रुपये कर दिया गया था। इस वजह से नीलामी प्रक्रिया ही संपन्न नहीं हो पाई और जर्जर भवन जस के तस खड़े रह गए।
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शासन ने अब इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 30 सितंबर तक 50 फीसदी जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक अनामिका सिंह ने जिला शिक्षा परियोजना समिति के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। बीएसए दीवान सिंह यादव के मुताबिक जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके पहले आयु के हिसाब से भवनों का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। नीलामी प्रक्रिया के बाद ध्वस्तीकरण करवाया जाएगा।
आयु के हिसाब से तय होगा मूल्य
जर्जर विद्यालय भवनों की मूल्यांकन प्रक्रिया फिर से कराई जाएगी। इसमें सौ साल से अधिक आयु वाले विद्यालय भवनों का एक लाख रुपये, 75 साल वाले भवनों का 1.30 लाख रुपये, 50 साल वाले भवनों का दो लाख रुपये, 25 साल वाले भवनों का चार लाख रुपये व 20 साल वाले भवनों का पांच लाख रुपये पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा।

मूल्यांकन के लिए तकनीकी समिति गठित की जाएगी। ध्वस्तीकरण के योग्य/निष्प्रयोज्य विद्यालय भवनों के मलबे के निस्तारण के लिए नीलामी से पूर्व विज्ञापन के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। भवन ध्वस्तीकरण के लिए किसी भी प्रकार का विस्फोटक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
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