कागजों की छीनाझपटी के बीच 40.48 करोड़ का बजट पास
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जिला पंचायत की सामान्य बैठक में शुक्रवार को फिर पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने रहा। विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जैसी नौबत रही। अध्यक्ष पक्ष के सभी प्रस्तावों का विपक्ष की ओर से विरोध किए जाने पर प्रत्येक बिंदु पर वोटिंग करानी पड़ी। वोटिंग के बाद चालू वित्तीय वर्ष का 40.48 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो सका। वोटिंग में अध्यक्ष पक्ष एक मतों से जीत गया। इसके बाद वोटिंग के कागजातों की छीना-झपटी मच गई। बाद में एक विधायक के समझाने के बाद वोटिंग के कागजात जिला पंचायत को वापस मिले। साढ़े चार घंटे चली बैठक के दौरान गहमागहमी रही।
चालू वित्तीय वर्ष के बजट समेत तीन बिंदुओं को लेकर शुक्रवार को जिला पंचायत की बैठक हुई। करीब 11 बजे सुबह से बैठक शुरू होते ही पुरानी कार्यवाही की पुष्टि को लेकर अध्यक्ष पक्ष व विपक्षी सदस्यों में काफी देर तक बहस चलती रही। इसके बाद वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट की स्वीकृति को लेकर भी काफी देर तक दोनों पक्षों में नोकझोंक चलती रही। विपक्ष की ओर से जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल, यशभद्र सिंह मोनू, श्याम बहादुर पांडेय मोर्चा संभाले रहे। अंत में चालू वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर भी घंटे भर आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। पिछली कार्यवाही की पुष्टि, बीते वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट की मंजूरी, गड्ढामुक्त सड़क के बजट की मंजूरी के साथ चालू वित्तीय वर्ष के बजट की स्वीकृति पर अध्यक्ष पक्ष एवं विपक्ष में एक राय नहीं बनने पर सभी बिंदुओं पर अध्यक्ष को वोटिंग करानी पड़ी।
पिछली कार्यवाही की पुष्टि के लिए हुई वोटिंग में अध्यक्ष पक्ष में 27 व विपक्ष में 21 मत पड़े। द्वितीय बिंदु सड़कों को गड्ढामुक्त के बजट प्रस्ताव के पक्ष में 26 एवं विपक्ष में 25 मत पड़े। अंत में चालू वित्तीय वर्ष के बजट व बीते वित्तीय वर्ष किे पुनरीक्षित बजट की स्वीकृति के पक्ष व विपक्ष में बराबर 26 वोट पड़े। अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह के निर्णायक वोट से जिला पंचायत का चालू वित्तीय वर्ष का 40.48 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो गया। वोटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विपक्ष के कुछ सदस्यों ने वोटिंग वाले कागजातों को ही छीन लिया।
बाद में सदर विधायक सीताराम वर्मा समेत कुछ अन्य लोगों के समझाने के बाद विपक्ष ने वोटिंग वाले कागजातों को वापस किया। साढ़े चार घंटे चली बैठक में अंत तक विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा होता रहा। जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल ने वोटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह का कहना है कि सभी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से वोटिंग के जरिए हुई। इस दौरान विधायक लंभुआ देवमणि दूबे समेत सभी जिला पंचायत सदस्य, कुछ ब्लॉक प्रमुख व विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिला पंचायत के कार्याधिकारी राम निहोर ने किया।