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Sultanpur News: 38 करोड़ खर्च, फिर भी 50 हजार लोगों को जलापूर्ति नहीं
Sat, 28 Dec 2024 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 28 Dec 2024 12:16 AM IST
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दीवानी चौराहे स्थित पानी की टंकी
सुल्तानपुर। शहर में अमृत योजना के तहत निर्बाध जलापूर्ति के लिए जल निगम ने 38 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक बनाकर पाइप लाइन का विस्तार किया। प्रोजेक्ट को पांच साल बीत चुके हैं। फाइलों में प्रोजेक्ट तो पूरा कर लिया गया, लेकिन करीब 50 हजार की आबादी को अब तक निर्बाध जलापूर्ति नहीं मिल सकी है। विभिन्न वार्डों में अभी भी पुरानी पाइपलाइन से ही जलापूर्ति हो रही है।
जल निगम ने शहर में अमृत योजना प्रोजेक्ट की शुरूआत 2019 में की। पांच जोन में शहर को बांटकर करीब दो लाख की आबादी को निर्बाध जलापूर्ति की जानी थी। 38 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट जल निगम ने पूरा कराया। दीवानी न्यायालय के निकट 1700 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई।
इस टंकी से सीताकुंड, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, गंदानाला, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, लाल डिग्गी समेत अन्य स्थानों पर करीब 50 हजार की आबादी कोे निर्बाध जलापूर्ति दी जानी थी। इस ओवरहेड टैंक का संचालन अभी तक नहीं कराया जा सका है। अमृत योजना के अंतर्गत अभी भी जलापूर्ति के लिए स्थापित इस टंकी को जल निगम ने अभी तक नगर पालिका को हस्तांतरित भी नहीं किया है।
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नलकूप व सबमर्सिबल पंप से हो रही आपूर्ति
पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पालिका की ओर से चार नए नलकूपों की स्थापना कराई गई। इसके लिए विवेकनगर, जलकल परिसर, ऑफिसर्स कॉलोनी व रामलीला मैदान में 20 हार्सपावर के चार नए नलकूप लगवाए गए हैं। कुछ क्षेेत्रों में 20 मिनी सबमर्सिबल पंप की स्थापना की गई है। छह स्थानों पर नए मिनी सबमर्सिबल पंप लगवाए जा चुके हैं।
नगर पालिका कर रही जलापूर्ति की व्यवस्था
शहर में अभी भी पूरी तरह से नगर पालिका निर्बाध जलापूर्ति का काम कर रही है। जल निगम का इसमें कोई योगदान नहीं है। कई बार लिखापढ़ी भी की गई लेकिन जलकल परिसर के ओवरहेड टैंकों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
-प्रवीन अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष
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जल निगम ने शहर में अमृत योजना प्रोजेक्ट की शुरूआत 2019 में की। पांच जोन में शहर को बांटकर करीब दो लाख की आबादी को निर्बाध जलापूर्ति की जानी थी। 38 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट जल निगम ने पूरा कराया। दीवानी न्यायालय के निकट 1700 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई।
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इस टंकी से सीताकुंड, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, गंदानाला, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, लाल डिग्गी समेत अन्य स्थानों पर करीब 50 हजार की आबादी कोे निर्बाध जलापूर्ति दी जानी थी। इस ओवरहेड टैंक का संचालन अभी तक नहीं कराया जा सका है। अमृत योजना के अंतर्गत अभी भी जलापूर्ति के लिए स्थापित इस टंकी को जल निगम ने अभी तक नगर पालिका को हस्तांतरित भी नहीं किया है।
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नलकूप व सबमर्सिबल पंप से हो रही आपूर्ति
पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पालिका की ओर से चार नए नलकूपों की स्थापना कराई गई। इसके लिए विवेकनगर, जलकल परिसर, ऑफिसर्स कॉलोनी व रामलीला मैदान में 20 हार्सपावर के चार नए नलकूप लगवाए गए हैं। कुछ क्षेेत्रों में 20 मिनी सबमर्सिबल पंप की स्थापना की गई है। छह स्थानों पर नए मिनी सबमर्सिबल पंप लगवाए जा चुके हैं।
नगर पालिका कर रही जलापूर्ति की व्यवस्था
शहर में अभी भी पूरी तरह से नगर पालिका निर्बाध जलापूर्ति का काम कर रही है। जल निगम का इसमें कोई योगदान नहीं है। कई बार लिखापढ़ी भी की गई लेकिन जलकल परिसर के ओवरहेड टैंकों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
-प्रवीन अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष