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नमो की सुनामी में उड़े विरोधी प्रत्याशी
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मेनका ने कांटे के संघर्ष में गठबंधन प्रत्याशी को हराया
सुल्तानपुर। लोकसभा चुनाव में देश भर में चली नमो की सुनामी में विरोधी दलों के प्रत्याशी उड़ गए। मोदी के सुनामी का ही असर है कि जिले में लगातार दूसरी बार भगवा लहराया है।
कड़े संघर्ष के बाद केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी ने करीब 13,859 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांटे की टक्कर में गठबंधन प्रत्याशी को हराया है। दोनों दलों की आमने-सामने की लड़ाई में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह अपनी जमानत तक गवां बैठे।
देश में चली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुनामी जिले में भी मतदाताओं के सिर चढ़कर बोली। मोदी का ही असर रहा कि कड़े संघर्ष के बाद भी भाजपा प्रत्याशी मेनका संजय गांधी को बेटे की सीट पर जीत मिली है।
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सुबह करीब साढे़ आठ बजे से अमहट स्थित मंडी परिषद में मतगणना शुरू हुई तो सभी की धड़कनें तेज हो गईं। पहले राउंड सें गठबंधन प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह सोनू की बढ़त शुरू होते ही भाजपा खेमे में खलबली मच गई।
करीब 16 राउंड की गणना तक बीच-बीच में मेनका गांधी आगे होती रहीं लेकिन बाद में फिर पिछड़ जा रही थीं। नतीजे से भाजपा खेमे में मायूसी छाती रही। 16वें राउंड से जब मेनका ने बढ़त बनाना शुरू किया तो तकरीबन वह अंतिम राउंड की मतगणना तक चला।
हालांकि इस दौरान भी जीत का अंतर कम ही रहा लेकिन गठबंधन प्रत्याशी पर बढ़त कायम रही। अंत में मतगणना की समाप्ति पर भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी ने 4,58,281 वोट पाकर जीत दर्ज की।
उन्हें कुल पडे़ 9,99,192 में 4,58,281 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह को करीब 13,859 मतों के अंतर से हराया।
गठबंधन प्रत्याशी को 4,44,422 मत मिले। तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा। वे अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। चुनाव में उन्हें 41,588 वोट मिले।
रात करीब आठ बजे जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने विजयी भाजपा प्रत्याशी मेनका संजय गांधी के निजी सचिव आनंद चौधरी को प्रमाण पत्र दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह छंगू समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सुल्तानपुर। लोकसभा चुनाव में देश भर में चली नमो की सुनामी में विरोधी दलों के प्रत्याशी उड़ गए। मोदी के सुनामी का ही असर है कि जिले में लगातार दूसरी बार भगवा लहराया है।
कड़े संघर्ष के बाद केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी ने करीब 13,859 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांटे की टक्कर में गठबंधन प्रत्याशी को हराया है। दोनों दलों की आमने-सामने की लड़ाई में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह अपनी जमानत तक गवां बैठे।
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देश में चली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुनामी जिले में भी मतदाताओं के सिर चढ़कर बोली। मोदी का ही असर रहा कि कड़े संघर्ष के बाद भी भाजपा प्रत्याशी मेनका संजय गांधी को बेटे की सीट पर जीत मिली है।
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सुबह करीब साढे़ आठ बजे से अमहट स्थित मंडी परिषद में मतगणना शुरू हुई तो सभी की धड़कनें तेज हो गईं। पहले राउंड सें गठबंधन प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह सोनू की बढ़त शुरू होते ही भाजपा खेमे में खलबली मच गई।
करीब 16 राउंड की गणना तक बीच-बीच में मेनका गांधी आगे होती रहीं लेकिन बाद में फिर पिछड़ जा रही थीं। नतीजे से भाजपा खेमे में मायूसी छाती रही। 16वें राउंड से जब मेनका ने बढ़त बनाना शुरू किया तो तकरीबन वह अंतिम राउंड की मतगणना तक चला।
हालांकि इस दौरान भी जीत का अंतर कम ही रहा लेकिन गठबंधन प्रत्याशी पर बढ़त कायम रही। अंत में मतगणना की समाप्ति पर भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी ने 4,58,281 वोट पाकर जीत दर्ज की।
उन्हें कुल पडे़ 9,99,192 में 4,58,281 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी चंद्रभद्र सिंह को करीब 13,859 मतों के अंतर से हराया।
गठबंधन प्रत्याशी को 4,44,422 मत मिले। तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा। वे अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। चुनाव में उन्हें 41,588 वोट मिले।
रात करीब आठ बजे जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने विजयी भाजपा प्रत्याशी मेनका संजय गांधी के निजी सचिव आनंद चौधरी को प्रमाण पत्र दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह छंगू समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।