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Sultanpur News: सात सीट के वाहन में ढोई जा रहीं 15 सवारियां
Sun, 07 May 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 07 May 2023 12:06 AM IST
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अलीगंज क्षेत्र में हाईवे से गुजरता ओवरलोडेड डग्गामार वाहन। (संवाद)
सुल्तानपुर। सवारियों से ओवरलोडेड वाहन हर स्टैंड पर देखे जा सकते हैं। अधिक कमाई के चक्कर टेंपो व मैजिक चालक क्षमता से दोगुडी व उससे भी ज्यादा सवारियों को वाहन में ठूंस लेते हैं। बहराइच में बीते दिन डंपर की टक्कर से ऑटो में सवार 15 लोगों में से पांच की मौत हो गई थी जबकि 10 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस बड़ी समस्या की ओर विभागीय जिम्मेदार नजर डालने से बच रहे हैं।
जिले में बिना परमिट के ही सैकड़ों वाहन सवारियां ढो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित सरकारी परिवहन की व्यवस्था न होने के चलते ये डग्गामार वाहन लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। दर्जनों जीप, पिकअप व मैजिक नियमों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं जो प्रतिदिन क्षमता से दो से तीन गुना अधिक सवारियों को लाते ले जाते हैं।
स्थिति यह है कि सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहे ये वाहन भूसे की तरह सवारियां तो भरते ही हैं, साथ ही मनमाना किराया वसूलने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इससे आए दिन मार्ग दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। स्थानीय पुलिस प्रशासन सहित अन्य अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं।
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अधिकृत स्टैंड तीन, संचालित 12
जिले में अधिकृत रूप से तीन वाहन स्टैंड संचालित हैं जिनमें कोतवाली के पीछे, पयागीपुर ओवरब्रिज के नीचे व गोलाघाट स्टैंड शामिल हैं। हकीकत में जिले में वाहन स्टैंडों की संख्या 12 से भी ज्यादा है। क्षेत्र के सुल्तानपुर-कूरेभार गोसांईगंज, बरौंसा, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर, कटका, कूरेभार, सेमरीबाजार, सुदनापुर, धनपतगंज, कुड़वार, हलियापुर, बल्दीराय, भदैंया, लंभुआ, चांदा, कोइरीपुर, बंधुआकलां, सहाबागंज, अलीगंज, धम्मौर मार्ग पर रोज बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन रफ्तार भरते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन कम
सरकारी संसाधनों का जिक्र करें तो लाखों की आबादी के लिए महज इक्का-दुक्का ही सरकारी संसाधन हैं, जो नाकाफी हैं। तीन प्रमुख राजमार्गों को छोड़कर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन कम ही होता है। इस संबंध में रोडवेज के एआरएम एनपी पांडेय ने बताया कि निकाय चुनाव की ड्यूटी में बसें लगने की वजह से भी ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन कम हो रहा है। जल्द ही इन क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू होगा।
समय-समय पर होती है कार्रवाई
जिले में करीब 1800 टेंपो व मैजिक वाहन का परमिट है। एआरटीओ नंद कुमार ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलकर कार्रवाई की जाती है। बीते माह अलग-अलग स्थानों पर जांच में ओवरलोडेड व अनधिकृत रूप से संचालित 50 वाहनों पर कार्रवाई की गई व 10,000 रुपये ओवरलोडिंग का चालान प्रत्येक वाहन का किया गया।
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जिले में बिना परमिट के ही सैकड़ों वाहन सवारियां ढो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित सरकारी परिवहन की व्यवस्था न होने के चलते ये डग्गामार वाहन लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। दर्जनों जीप, पिकअप व मैजिक नियमों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं जो प्रतिदिन क्षमता से दो से तीन गुना अधिक सवारियों को लाते ले जाते हैं।
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स्थिति यह है कि सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहे ये वाहन भूसे की तरह सवारियां तो भरते ही हैं, साथ ही मनमाना किराया वसूलने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इससे आए दिन मार्ग दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। स्थानीय पुलिस प्रशासन सहित अन्य अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं।
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अधिकृत स्टैंड तीन, संचालित 12
जिले में अधिकृत रूप से तीन वाहन स्टैंड संचालित हैं जिनमें कोतवाली के पीछे, पयागीपुर ओवरब्रिज के नीचे व गोलाघाट स्टैंड शामिल हैं। हकीकत में जिले में वाहन स्टैंडों की संख्या 12 से भी ज्यादा है। क्षेत्र के सुल्तानपुर-कूरेभार गोसांईगंज, बरौंसा, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर, कटका, कूरेभार, सेमरीबाजार, सुदनापुर, धनपतगंज, कुड़वार, हलियापुर, बल्दीराय, भदैंया, लंभुआ, चांदा, कोइरीपुर, बंधुआकलां, सहाबागंज, अलीगंज, धम्मौर मार्ग पर रोज बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन रफ्तार भरते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन कम
सरकारी संसाधनों का जिक्र करें तो लाखों की आबादी के लिए महज इक्का-दुक्का ही सरकारी संसाधन हैं, जो नाकाफी हैं। तीन प्रमुख राजमार्गों को छोड़कर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन कम ही होता है। इस संबंध में रोडवेज के एआरएम एनपी पांडेय ने बताया कि निकाय चुनाव की ड्यूटी में बसें लगने की वजह से भी ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन कम हो रहा है। जल्द ही इन क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू होगा।
समय-समय पर होती है कार्रवाई
जिले में करीब 1800 टेंपो व मैजिक वाहन का परमिट है। एआरटीओ नंद कुमार ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलकर कार्रवाई की जाती है। बीते माह अलग-अलग स्थानों पर जांच में ओवरलोडेड व अनधिकृत रूप से संचालित 50 वाहनों पर कार्रवाई की गई व 10,000 रुपये ओवरलोडिंग का चालान प्रत्येक वाहन का किया गया।