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ईद मिलन समारोह
Updated Thu, 29 Jun 2017 09:35 PM IST
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पढ़े-लिखे संत्री, गुंडे बन गए मंत्री...
क्रासर-
बदली पीजी कॉलेज अमरेथू डंड़िया में हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कादीपुर (सुल्तानपुर)। तहसील क्षेत्र के बदली पीजी कॉलेज अमरेथू डंडिया परिसर में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक भगेलूराम ने कहा कि त्योहार हमारी सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। त्योहारों से भाईचारा बढ़ता है। समारोह में कवियों औऊर शायरों ने अपनी रचनाएं भी प्रस्तुत कीं। ईद मिलन समारोह के दौरान रवींद्र पांडेय निर्झर लखनवी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। निर्झर के ‘बंद आंखों से तुमको सजन चूम कर, इश्क कैसे कहूंगा इबादत नहीं, भूल जाने की मुझको आदत नहीं ’ गीत ने लोगों की खूब तालिया बटोरीं। राजनीतिज्ञों पर व्यंग्य करते हुए शायर इश्तियाक ने ‘अगर ये मेरे रहबर नशे में न होते, तो ये वतन मैला न होता’’ रचना प्रस्तुत की। हास्य कवि ज्ञानप्रकाश विक्टर ने ‘पढ़े लिखे सब संत्री बन गए, गुंडे-माफिया सब मंत्री बन गए..’ हास्य व्यंग्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अजाउद्दीन ने ईद मिलन नज्म पेश किया। कार्यक्रम में बसपा जिलाध्यक्ष ओपी गौतम, शकील अहमद, राकेश रंजन, गुड्डू मलिक मौजूद रहे।
क्रासर-
बदली पीजी कॉलेज अमरेथू डंड़िया में हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कादीपुर (सुल्तानपुर)। तहसील क्षेत्र के बदली पीजी कॉलेज अमरेथू डंडिया परिसर में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक भगेलूराम ने कहा कि त्योहार हमारी सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। त्योहारों से भाईचारा बढ़ता है। समारोह में कवियों औऊर शायरों ने अपनी रचनाएं भी प्रस्तुत कीं। ईद मिलन समारोह के दौरान रवींद्र पांडेय निर्झर लखनवी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। निर्झर के ‘बंद आंखों से तुमको सजन चूम कर, इश्क कैसे कहूंगा इबादत नहीं, भूल जाने की मुझको आदत नहीं ’ गीत ने लोगों की खूब तालिया बटोरीं। राजनीतिज्ञों पर व्यंग्य करते हुए शायर इश्तियाक ने ‘अगर ये मेरे रहबर नशे में न होते, तो ये वतन मैला न होता’’ रचना प्रस्तुत की। हास्य कवि ज्ञानप्रकाश विक्टर ने ‘पढ़े लिखे सब संत्री बन गए, गुंडे-माफिया सब मंत्री बन गए..’ हास्य व्यंग्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अजाउद्दीन ने ईद मिलन नज्म पेश किया। कार्यक्रम में बसपा जिलाध्यक्ष ओपी गौतम, शकील अहमद, राकेश रंजन, गुड्डू मलिक मौजूद रहे।