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जनसुविधा केंद्र में डंप पड़े 20 हजार आवेदन
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:32 PM IST
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सुल्तानपुर। आवेदनों की भरमार से जनसुविधा केंद्र में करीब 20 हजार आवेदन डंप हो गए हैं। आवेदनों की अधिकता के कारण समय से आवेदन लेखपालों के खाते में ऑनलाइन नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी फीडिंग में ही एक से दो दिन का समय लग रहा है।
इससे जाति, निवास व आय प्रमाण पत्रों को जारी होने में पखवारे भर से अधिक का समय लग रहा है। जुलाई से चल रही यह समस्या अभी कम नहीं हो सकी है। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के लिए जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ने इस बार फिर समस्या खड़ी कर दी है।
जुलाई से विद्यालयों के खुलते ही जाति, आय व निवास प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए छात्रों की बढ़ी भीड़ से जनसुविधा केंद्र में आवेदनों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। सभी तहसीलों को मिलाकर मौजूदा समय में करीब 20 हजार आवेदन जनसुविधा केंद्र में डंप हो गए हैं।
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रोजाना करीब तीन से चार हजार आ रहे आवेदनों से संख्या घट नहीं रही है। आवेदनों की भरमार से जनसुविधा केंद्र के ऑपरेटरों को इसकी फीडिंग व संबंधित लेखपालों के खाते में डालने में एक से दो दिन का समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो जनसुविधा केंद्रों में आवेदनों की अधिकता से सप्ताह भर में आवेदन ट्रांसफर हो पा रहे हैं।
सप्ताह भर बाद आवेदन लेखपालों के खाते में जाने व उसके बाद लेखपालों की रिपोर्ट लगने व जारी होने में भी सप्ताह भर का समय लग रहा है। इससे आवेदकों को पखवारे भर से अधिक समय में जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र जारी हो पा रहे हैं। पखवारे भर में प्रमाण पत्रों के मिलने पर खासकर छात्रों को छात्रवृत्ति के आवेदन में परेशानी हो रही है।
कार्य के बोझ ने बढ़ाई दिक्कत
शासन की ओर से संचालित कृषि ऋण मोचन योजना में लेखपालों के सत्यापन में ड्यूटी लगने से उनके ऊपर से कार्य का बोझ बढ़ गया है। सत्यापन के साथ अन्य राजस्व संबंधी कार्यों से उनके खाते में पहुंचे आवेदनों पर रिपोर्ट लगने में भी समय लग रहा है। यही हाल अधिकारियों का भी है।
स्थिति में जल्द होगा सुधार
अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीडी सिंह का कहना है कि आवेदनों की संख्या बढ़ने से दिक्कत आ रही है। इस माह स्थिति ठीक हो जाएगी। लेखपालों को रोजाना शाम को रिपोर्ट लगाने का निर्देश दिया गया है।
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इससे जाति, निवास व आय प्रमाण पत्रों को जारी होने में पखवारे भर से अधिक का समय लग रहा है। जुलाई से चल रही यह समस्या अभी कम नहीं हो सकी है। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के लिए जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ने इस बार फिर समस्या खड़ी कर दी है।
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जुलाई से विद्यालयों के खुलते ही जाति, आय व निवास प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए छात्रों की बढ़ी भीड़ से जनसुविधा केंद्र में आवेदनों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। सभी तहसीलों को मिलाकर मौजूदा समय में करीब 20 हजार आवेदन जनसुविधा केंद्र में डंप हो गए हैं।
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रोजाना करीब तीन से चार हजार आ रहे आवेदनों से संख्या घट नहीं रही है। आवेदनों की भरमार से जनसुविधा केंद्र के ऑपरेटरों को इसकी फीडिंग व संबंधित लेखपालों के खाते में डालने में एक से दो दिन का समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो जनसुविधा केंद्रों में आवेदनों की अधिकता से सप्ताह भर में आवेदन ट्रांसफर हो पा रहे हैं।
सप्ताह भर बाद आवेदन लेखपालों के खाते में जाने व उसके बाद लेखपालों की रिपोर्ट लगने व जारी होने में भी सप्ताह भर का समय लग रहा है। इससे आवेदकों को पखवारे भर से अधिक समय में जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र जारी हो पा रहे हैं। पखवारे भर में प्रमाण पत्रों के मिलने पर खासकर छात्रों को छात्रवृत्ति के आवेदन में परेशानी हो रही है।
कार्य के बोझ ने बढ़ाई दिक्कत
शासन की ओर से संचालित कृषि ऋण मोचन योजना में लेखपालों के सत्यापन में ड्यूटी लगने से उनके ऊपर से कार्य का बोझ बढ़ गया है। सत्यापन के साथ अन्य राजस्व संबंधी कार्यों से उनके खाते में पहुंचे आवेदनों पर रिपोर्ट लगने में भी समय लग रहा है। यही हाल अधिकारियों का भी है।
स्थिति में जल्द होगा सुधार
अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीडी सिंह का कहना है कि आवेदनों की संख्या बढ़ने से दिक्कत आ रही है। इस माह स्थिति ठीक हो जाएगी। लेखपालों को रोजाना शाम को रिपोर्ट लगाने का निर्देश दिया गया है।