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वैदिक मंत्रों के साथ पूजे गए भगवान धनवंतरि
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 09 Nov 2015 11:41 PM IST
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धनतेरस के अवसर पर सोमवार को राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय पर धूमधाम से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान धनवंतरि की पूजा अर्चना की गई। मंत्रोच्चार से आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया।
धनतेरस के अवसर पर सोमवार को लगभग हर प्रतिष्ठानों में भगवान धनवंतरि की पूजा की गई। लेकिन गुरुद्वारा स्थित कानोडिया औषधालय पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से भगवान धनवंतरि की पूजा पाठ करने की व्यवस्था की गई।
आचार्य पंडित कृपाशंकर पांडेय और अश्वनी पांडेय ने यजमानों से मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरि का पूजन-अर्चन कराया। पूजन-अर्चन के पश्चात वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन काल में देवता एवं दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के फल स्वरूप देवी लक्ष्मी के साथ अमृत कलश हाथों में लिए जनमानस को अरोग्य प्रदान करने हेतु भगवान धनवंतरि प्रकट हुए।
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धनतेरस के पावन अवसर पर सुख, समृद्धि एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी लक्ष्मी की पूजा के साथ ही निरोगी जीवन देने वाले भगवान धनवंतरि एवं औषधियों के पूजन की परंपरा रही है।
कहा कि भगवान धनवंतरि का पूजन-अर्चन करने वाला व्यक्ति सभी दुखों से मुक्त रहता है। इस मौके पर वैद्य डा. कौशल कुमार, ओंकारनाथ मिश्र, कृपाशंकर दूबे, राधेश्याम मालवीय, डा. आरएस, रमेश कुमार कानोडिया, विनोद झुनझुनवाला, संजय जैन, इंद्र कुमार दूबे, अजय शेखर, विजय कानोडिया, विनोद कानोडिया, पंकज, नीरज, आयुष आदि मौजूद रहे।
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धनतेरस के अवसर पर सोमवार को लगभग हर प्रतिष्ठानों में भगवान धनवंतरि की पूजा की गई। लेकिन गुरुद्वारा स्थित कानोडिया औषधालय पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से भगवान धनवंतरि की पूजा पाठ करने की व्यवस्था की गई।
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आचार्य पंडित कृपाशंकर पांडेय और अश्वनी पांडेय ने यजमानों से मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरि का पूजन-अर्चन कराया। पूजन-अर्चन के पश्चात वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन काल में देवता एवं दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के फल स्वरूप देवी लक्ष्मी के साथ अमृत कलश हाथों में लिए जनमानस को अरोग्य प्रदान करने हेतु भगवान धनवंतरि प्रकट हुए।
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धनतेरस के पावन अवसर पर सुख, समृद्धि एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी लक्ष्मी की पूजा के साथ ही निरोगी जीवन देने वाले भगवान धनवंतरि एवं औषधियों के पूजन की परंपरा रही है।
कहा कि भगवान धनवंतरि का पूजन-अर्चन करने वाला व्यक्ति सभी दुखों से मुक्त रहता है। इस मौके पर वैद्य डा. कौशल कुमार, ओंकारनाथ मिश्र, कृपाशंकर दूबे, राधेश्याम मालवीय, डा. आरएस, रमेश कुमार कानोडिया, विनोद झुनझुनवाला, संजय जैन, इंद्र कुमार दूबे, अजय शेखर, विजय कानोडिया, विनोद कानोडिया, पंकज, नीरज, आयुष आदि मौजूद रहे।