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बिजली की मांग बढ़ी तो हरदुआगंज डी की इकाइयों से भी शुरू हुआ उत्पादन
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बिजली की मांग में वृद्धि होते ही एक-एक कर बंद इकाइयों को लोड पर लाया जा रहा है। सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पारीछा के बाद हरदुआगंज डी की इकाइयों से भी विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है।
नये साल के प्रारंभ से ही प्रदेश में हो रही बूंदाबांदी से बिजली की मांग भी कम हो गई थी। परिणामस्वरूप सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर अधिक वैरिएबल कॉस्ट वाली पारीछा व हरदुआगंज की इकाइयों को शट डाउन किया गया था। पिछले पांच दिनों से शीतलहर का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में इजाफा होना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए पारीछा बी व सी के बाद हरदुआगंज डी की इकाइयों से जहां उत्पादन शुरू कराया गया है, वहीं अनपरा के बिजली घरों को भी लगातार फुल लोड पर चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी बिजली की मांग 19 हजार मेगावाट के पार रही। इसे देखते हुए दिन में भी अनपरा स्थित सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से चलाया जा रहा है। शुक्रवार को अनपरा ए से 315, बी से 897, डी से 869 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 1113 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। जबकि तकनीकी खराबी के कारण अनपरा की 210 मेगावाट की पहली इकाई बुधवार रात से ही बंद चल रही है।
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नये साल के प्रारंभ से ही प्रदेश में हो रही बूंदाबांदी से बिजली की मांग भी कम हो गई थी। परिणामस्वरूप सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर अधिक वैरिएबल कॉस्ट वाली पारीछा व हरदुआगंज की इकाइयों को शट डाउन किया गया था। पिछले पांच दिनों से शीतलहर का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में इजाफा होना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए पारीछा बी व सी के बाद हरदुआगंज डी की इकाइयों से जहां उत्पादन शुरू कराया गया है, वहीं अनपरा के बिजली घरों को भी लगातार फुल लोड पर चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी बिजली की मांग 19 हजार मेगावाट के पार रही। इसे देखते हुए दिन में भी अनपरा स्थित सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से चलाया जा रहा है। शुक्रवार को अनपरा ए से 315, बी से 897, डी से 869 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 1113 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। जबकि तकनीकी खराबी के कारण अनपरा की 210 मेगावाट की पहली इकाई बुधवार रात से ही बंद चल रही है।
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