बीजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार की रात नाबालिग (किशोरी) की शादी की तैयारी चल रही थी। शादी के लिए राजस्थान से बरात भी आ गई थी। इसकी सूचना पर पुलिस के साथ पहुंची बाल संरक्षण इकाई की टीम ने किशोरी की शादी रोकवा दी। परामर्श के बाद भी घरवालों के न मानने पर टीम ने किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के लिए अपने साथ ले गई।
बीजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी की शादी करने की तैयारी चल रही थी। राजस्थान से लोग बरात लेकर आए थे। रात में नाबालिग की शादी किए जाने की सूचना को संज्ञान लेते हुए तत्काल जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टंडन ने जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, ओआरडब्लू शेषमणि दुबे, महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा की टीम को मौके पर भेजा। टीम बीजपुर थाने की पुलिस से समन्वय स्थापित करते हुए विवाह स्थल पर पहुंची। बरात दरवाजे पर आ गई थी और शादी करने की तैयारी चल रही थी। तभी टीम ने बालिका के माता-पिता से बालिका के उम्र के संबंध में साक्ष्य जानना चाहा। बालिका के उम्र के संबंध में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर बालिका की उम्र 16 साल पाई गई। इस पर किशोरी को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के लिए ले आया गया। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।