फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Water man Rajendra Singh comment new agricultural laws

जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने नए कृषि कानूनों पर कही बड़ी बात, बोले- गुलाम बन जाएंगे किसान 

Sun, 28 Feb 2021 12:22 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 28 Feb 2021 12:22 AM IST
विज्ञापन
Water man Rajendra Singh comment new agricultural laws
जल पुरुष राजेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

हाल में बने तीन कृषि कानून किसानों को गरीब नहीं बल्कि गुलाम बनाएंगे। इसमें जो प्रावधान हैं उस हिसाब से किसानों का भला होने वाला नहीं है। इसे किसानों पर जबरन थोपा जा रहा है। इसे हर हाल में रद्द होना चाहिए। जनता इन कानूनों को नहीं चाहती। यह आंदोलन अब गांवों से भी शुरू होगा।

विज्ञापन


ये बातें शुक्रवार को बनवासी सेवा आश्रम गोविंदपुर में दो दिवसीय महिला शिविर में मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहीं। उन्होंने नदियों से बालू खनन और दोहन को लेकर भी चिंता जतायी। कहा कि इससे नदियां बीमार हो जाती हैं। 
विज्ञापन


आश्रम परिवार व महिला शिविर में खेती-किसानी पर चर्चा करते जल पुरुष ने कृषि कानूनों के बारे में विस्तार से बताया। उसकी खामियों को भी गिनाया। कहा कि इस कानून में एक इंस्पेक्टर नियुक्त होने का प्रावधान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर मान लिया जाए कि एक इंस्पेक्टर नियुक्त होगा और वही खेती की निगरानी करेगा तो इससे किसानों का भला नहीं होने वाला। इसी तरह कुछ अन्य अधिकारियों को भी विशेष अधिकार देने की बात है। कुल मिलाकर इससे किसानों को फायदा नहीं नुकसान है।
 

नदियों की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि नदियों से बालू के खनन और  दोहन से नदी का फेफड़ा सूख जाता है और नदी बीमार हो जाती है। जिसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इस चक्र को समझना जरूरी है। नदी की हत्या कर खनन करने वालों के खिलाफ स्थानीय जनता को आगे आने की जरूरत है।

उन्होंने सोन, कनहर और पांगन नदी में होने वाले खनन को लेकर चिंता जताया। महिलाओं का आह्वान किया कि वे नदियों को बचाने के लिए आगे जाएं। यह आप की नैतिक जिम्मेदारी है कि धरती पर हरियाली लाने का प्रयास करें और प्राकृतिक संसाधनों को लूटने वालों के खिलाफ अहिंसात्मक लड़ाई लड़े। सोनभद्र की मिट्टी हवा,पानी सब प्रदूषित हो गया है। यह  पूंजीपतियों का ही देन है।

आज हमारा अधिकार छीना जा रहा है। हम विवश किए जा रहे है, लेकिन हमें चुप नहीं बैठना है हमारे पास ताकत है वह है लोक की ताकत, जिससे तंत्र को ठीक किया जा सकता है। कहा कि नदियों, पहाड़ों और जंगलों को बचाने के लिए युवाओं, छात्रों, आमजनों और तंत्र सबको आगे आना चाहिए। जो लोग इसके लिए संघर्ष कर रहे है उंन्हे निराश नही होना चाहिए। आजादी की लड़ाई 1857 से शुरू होकर 1947 तक  90 साल चली। हमे अहिंसात्मक तरीके से संघर्ष करते रहना है। कार्यक्रम मैं बड़ी संख्या में आश्रम कार्यकर्ता और महिलाएं मौजूद रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed