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वेदांता पाॅवर प्लांट हादसा: सोनभद्र में एक साथ उठीं तीन अर्थियां, गांव में मातम; बिलख रहा था पूरा परिवार

Thu, 16 Apr 2026 09:07 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 16 Apr 2026 09:07 PM IST
सार

Sonbhadra News: अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और नम आंखों से तीनों को अंतिम विदाई दी। इस हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधा रहे हैं।

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Vedanta Power Plant Tragedy Three Funeral Pyres Lit Simultaneously in Sonbhadra
मजदूरों के घर के बाहर भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

UP News: छत्तीसगढ़ स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले सोनभद्र के तीन श्रमिकों के शव गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ गांव में जैसे ही तीन अलग-अलग एंबुलेंस से शव पहुंचे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।

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मृतकों में पिपरखाड़ निवासी पंकज कुमार (30), उनके बड़े भाई बृजेश भारती (35) और गांव के ही राजू भारती (39) शामिल हैं। तीनों करीब तीन माह पहले ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने छत्तीसगढ़ गए थे। बीते 14 अप्रैल को दोपहर करीब ढाई बजे वेदांता पावर प्लांट के यूनिट नंबर-1 में हुए जोरदार विस्फोट में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

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परिजनों में मचा कोहराम

हादसे के बाद शवों की पहचान कर छत्तीसगढ़ प्रशासन ने उन्हें उनके गांव भिजवाया। एक साथ तीन शव गांव पहुंचने से मातम पसर गया। परिजन बेसुध होकर बिलखते रहे, वहीं ग्रामीणों की भारी भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।

इस दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। राजू भारती की बेटी की शादी अगले महीने तय थी और घर में खुशियों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। उनके दो नाबालिग बेटे हैं। वहीं बृजेश भारती अपने पीछे दो पुत्र और पंकज कुमार दो बेटियां छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।

तीनों का अंतिम संस्कार कचनरवा स्थित पांडु नदी के तट पर एक साथ किया गया। जब एक साथ तीन अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

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