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Sonebhadra News: चार साल पहले खाली कर चुकी आवास, फिर भी आ रहा बिजली बिल
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सोनभद्र। साहब, चार साल पहले जिस आवास को खाली कराकर दूसरे को आवंटित कर दिया गया, उस पर अब भी मेरे नाम से बिजली का बिल आ रहा है। मजदूरी कर किसी तरह का खुद का पेट भरती हूं, अब दूसरे का बिजली बिल कैसे भरूं। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में नगर के वार्ड नंबर एक निवासी राजकुमारी ने यह पीड़ा सुनाई तो अफसर भी सकते में आ गए। प्रभारी अधिकारी एडीएम आशुतोष दुबे ने बिजली विभाग के अफसरों को बुलाकर तत्काल टीम भेजकर जांच कराते हुए समस्या दूर कराने के निर्देश दिए।
सदर तहसील सभागार में साल के पहले संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भीड़ रही। कुल 92 फरियादी पहुंचे। इसमें 12 मामलों का निस्तारण किया गया। मझगांव चौबे के संतोष चतुर्वेदी ने सरकारी चक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की। वहीं नौगांव खुर्द की तारा देवी ने पीएम आवास योजना के तहत दूसरी किश्त न मिलने की समस्या रखी।
विजय कुमार ने मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। तत्काल संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए गए। इस मौके पर एएसपी कालू सिंह, एसडीएम निखिल यादव, सीओ सदर संजीव कटियार आदि अफसर मौजूद रहे।
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उधर, ओबरा में डीएम चंद्र विजय सिंह व एसपी डाॅ. यशवीर सिंह की मौजूदगी में 44 शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें से सात का निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसडीएम प्यारे लाल मौर्य, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, डीआईओएस आरपी यादव आदि मौजूद रहे। घोरावल में एसडीएम अजय की अध्यक्षता में 57 मामलों पर सुनवाई करते हुए 5 का निस्तारण किया गया। इस मौके पर सीओ अमित कुमार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
तीन अफसरों को जारी हुई नोटिस
ओबरा। डीएम चंद्र विजय सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित पंजिका का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता सिंचाई बंधी प्रखंड, परियोजना अधिकारी डूडा अनुपस्थित रहे। उनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
बिना सुने दाखिल-खारिज पर हो रहा आदेश
दुद्धी। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 31 मामले आए। इसमें तीन का निस्तारण किया गया। सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुकांत तिवारी ने ज्ञापन देकर तहसील कार्यालय में जिम्मेदारों पर दाखिल-खारिज में अधिवक्ताओं को बिना सुने फैसले देने का आरोप लगाया।
एडीएम सहदेव मिश्रा ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभिन्न हिंदू संगठन के सदस्यों ने मलदेवा जाने वाले मार्ग पर मीट-मुर्गा की दुकानें बंद कराने की मांग रखी। एडीएम ने सभी अफसरों को शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम सुरेश राय, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल आदि मौजूद रहे।
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सदर तहसील सभागार में साल के पहले संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भीड़ रही। कुल 92 फरियादी पहुंचे। इसमें 12 मामलों का निस्तारण किया गया। मझगांव चौबे के संतोष चतुर्वेदी ने सरकारी चक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की। वहीं नौगांव खुर्द की तारा देवी ने पीएम आवास योजना के तहत दूसरी किश्त न मिलने की समस्या रखी।
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विजय कुमार ने मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। तत्काल संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए गए। इस मौके पर एएसपी कालू सिंह, एसडीएम निखिल यादव, सीओ सदर संजीव कटियार आदि अफसर मौजूद रहे।
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उधर, ओबरा में डीएम चंद्र विजय सिंह व एसपी डाॅ. यशवीर सिंह की मौजूदगी में 44 शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें से सात का निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसडीएम प्यारे लाल मौर्य, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, डीआईओएस आरपी यादव आदि मौजूद रहे। घोरावल में एसडीएम अजय की अध्यक्षता में 57 मामलों पर सुनवाई करते हुए 5 का निस्तारण किया गया। इस मौके पर सीओ अमित कुमार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
तीन अफसरों को जारी हुई नोटिस
ओबरा। डीएम चंद्र विजय सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित पंजिका का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता सिंचाई बंधी प्रखंड, परियोजना अधिकारी डूडा अनुपस्थित रहे। उनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
बिना सुने दाखिल-खारिज पर हो रहा आदेश
दुद्धी। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 31 मामले आए। इसमें तीन का निस्तारण किया गया। सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुकांत तिवारी ने ज्ञापन देकर तहसील कार्यालय में जिम्मेदारों पर दाखिल-खारिज में अधिवक्ताओं को बिना सुने फैसले देने का आरोप लगाया।
एडीएम सहदेव मिश्रा ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभिन्न हिंदू संगठन के सदस्यों ने मलदेवा जाने वाले मार्ग पर मीट-मुर्गा की दुकानें बंद कराने की मांग रखी। एडीएम ने सभी अफसरों को शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम सुरेश राय, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल आदि मौजूद रहे।