फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Ubbha incident: Villagers were prevented from going to the site of the incident, anniversary was celebrated in homes

उभ्भा कांड : घटनास्थल पर जाने से रोके गए ग्रामीण, घरों में मनाई गई बरसी

Thu, 17 Jul 2025 11:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
Ubbha incident: Villagers were prevented from going to the site of the incident, anniversary was celebrated in homes
घोरावल। उभ्भा कांड की छठवीं बरसी पर प्रशासन अलर्ट रहा। बृहस्पतिवार को बरसी मनाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने घटनास्थल पर जाने से रोक दिया। अपने दिवंगत परिजनों की तस्वीर लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने घरों में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान एसडीएम को छह सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए गांव में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
विज्ञापन

उभ्भा कांड की बरसी को लेकर बुधवार की शाम से ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुबह होते ही गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया और चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। उभ्भा-कन्हारी मार्ग, प्राथमिक विद्यालय, और घटनास्थल के आसपास सख्त नाकेबंदी रही। तीन जगह बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। गांव में सुबह से ही आला अधिकारी डटे रहे। एसडीएम प्रदीप यादव, एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उभ्भा चौकी प्रभारी नवनीत चौरसिया और घोरावल चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव मौके पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करते रहे। शाहगंज, करमा समेत कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस और पीएसी के जवान गांव में मुस्तैद रहे। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12:15 बजे मृतकों के परिजन कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के आवास पर एकत्र हुए। करीब 40 लोग अपने परिजनों की तस्वीरें और पुष्पमाला लेकर घटनास्थल की ओर बढ़े। एसडीएम और एएसपी ने उन्हें प्राथमिक विद्यालय के पास रोक दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बरसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बाद परिजनों ने अपने-अपने घरों में ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया।
विज्ञापन

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। इसमें गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा, अधूरे विद्युतीकरण को पूर्ण करने, वनाधिकार कानून के तहत भूमि पट्टे देने, सिंचाई नहर की पुलिया व गुलाबा की मरम्मत, निर्माणाधीन आश्रम पद्धति विद्यालय को शीघ्र पूर्ण कर संचालन शुरू करने, घटना से पूर्व आदिवासियों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग शामिल रही। इस मौके पर कांग्रेस के पीसीसी सदस्य आशुतोष दुबे, ब्लॉक अध्यक्ष लल्लूराम पांडेय, बसंत लाल, बबुन्दर, रामराजी, मुकुंद लाल, नंदलाल और रामजी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

11 आदिवासियों की गई थी जान
बता दें कि 17 जुलाई 2019 को उभ्भा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें गोंड समुदाय के 4 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 अन्य घायल हुए थे। यह घटना देशभर में लंबे समय तक सुर्खियों में बनी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed