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सोनभद्र में दो सचिव निलंबित, लेखाकार को हटाया गया
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खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज के प्रभार के दौरान राजकीय धन के गबन के प्रयास और मनमानी के आरोप में उपायुक्त मनरेगा तेजभान सिंह को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया था। उसी मामले में विस्तृत जांच के बाद अब दो सचिवों को भी निलंबित किया गया है। राबर्ट्सगंज ब्लाक के लेखाकार को वहां से हटा दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई शासन के निर्देश पर की गई।
उपायुक्त श्रम रोजगार तेजभान सिंह कुछ माह तक खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज के भी प्रभार में थे। आरोप है कि उस दौरान क्षेत्र पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों में डुप्लीकेसी करके राजकीय धन का दुरुपयोग/गबन का प्रयास किए। मनमानी तरीके से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किए। इसकी शिकायत हुई तो जिले स्तर पर मामले की जांच कराई गई। सूत्र बताते हैं कि राबर्ट्सगंज ब्लॉक क्षेत्र की एक सड़क को पहले एक कार्यदायी संस्था ने किसी दूसरी निधि से बनवा दिया था। उसी सड़क को दोबारा बनाने के लिए क्षेत्र पंचायत से प्रस्तावित कर दिया गया। इतना ही नहीं मामला संज्ञान में आने के बाद तत्काल बीडीओ रहते हुए कार्रवाई न करके मामले को लटका दिया गया था। करीब ढाई-तीन माह के बाद जब डीसी मनरेगा के चार्ज में हुए तो कार्रवाई करते हुए एक फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इन सभी मामलों की जांच कराई गई तो तेजभान सिंह दोषी पाए गए और उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उसी मामले में सचिव प्रीति पाठक और अब्दुल रहमान को भी निलंबित किया गया है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि दो सचिवों को निलंबित किया गया है और लेखाकार को हटाया गया है।
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उपायुक्त श्रम रोजगार तेजभान सिंह कुछ माह तक खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज के भी प्रभार में थे। आरोप है कि उस दौरान क्षेत्र पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों में डुप्लीकेसी करके राजकीय धन का दुरुपयोग/गबन का प्रयास किए। मनमानी तरीके से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किए। इसकी शिकायत हुई तो जिले स्तर पर मामले की जांच कराई गई। सूत्र बताते हैं कि राबर्ट्सगंज ब्लॉक क्षेत्र की एक सड़क को पहले एक कार्यदायी संस्था ने किसी दूसरी निधि से बनवा दिया था। उसी सड़क को दोबारा बनाने के लिए क्षेत्र पंचायत से प्रस्तावित कर दिया गया। इतना ही नहीं मामला संज्ञान में आने के बाद तत्काल बीडीओ रहते हुए कार्रवाई न करके मामले को लटका दिया गया था। करीब ढाई-तीन माह के बाद जब डीसी मनरेगा के चार्ज में हुए तो कार्रवाई करते हुए एक फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इन सभी मामलों की जांच कराई गई तो तेजभान सिंह दोषी पाए गए और उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उसी मामले में सचिव प्रीति पाठक और अब्दुल रहमान को भी निलंबित किया गया है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि दो सचिवों को निलंबित किया गया है और लेखाकार को हटाया गया है।
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