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Sonebhadra News: 12 बेड के एसएनसीयू में सिर्फ एक डॉक्टर और स्टॉफ नर्स

Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
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There is only one doctor and staff nurse in the 12-bed SNCU
आदिवासी बहुल दक्षिणांचल में नवजात की मृत्यु दर को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसएनसीयू की स्थापना की गई है। म्योरपुर सीएचसी में 12 बेड के वार्ड का उद्घाटन तो हो गया, मगर डॉक्टर-कर्मचारियों की तैनाती नहीं हुई है। सीएचसी के एक चिकित्सक और एक स्टॉफ नर्स के भरोसे इस वार्ड को छोड़ दिया गया है।
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यहां रखे जाने वाले बच्चों को 24 घंटे गहन निगरानी की जरूरत है। ऐसे में डॉक्टर-कर्मचारी की कमी से उपचार प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित बभनी, म्योरपुर ब्लॉक में आदिवासी आबादी की बहुलता है।
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जिला मुख्यालय से इनकी दूरी भी करीब 100 किमी है। वहां के अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन न होने के कारण कई बार गंभीर रूप से मरीज जिला अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। प्रसव के मामलों में स्थिति गंभीर हो जाती है। समय से पूर्व प्रसव या जन्म के समय कमजोर बच्चों की सही देखभाल नहीं हो पाती।
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उन्हें जिला अस्पताल में नवजातों के निर्मित स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में रखना पड़ता था। लंबी दूरी होने के कारण जच्चा-बच्चा को अलग-अलग रखने में दिक्कत आती थी तो कई बार वह समय से पहुंच भी नहीं पाते थे।
इन समस्याओं के समाधान के लिए ही म्योरपुर सीएचसी में भी आधुनिक सुविधाओं से लैस एसएनसीयू की स्थापना की गई है। इसमें सभी जरूरी उपकरण मुहैया कराए गए हैं, मगर डॉक्टर-कर्मचारी की ही पर्याप्त तैनाती है।
कायदे से 24 घंटे निगरानी वाले इस वार्ड में तीन बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के अलावा छह स्टॉफ नर्स की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में सीएचसी के एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव बिंद को ही इसका चार्ज दिया गया है।
इसके अलावा तीन वार्ड ब्वाय, दो वार्ड आया, एक स्वीपर और एक नर्स की तैनाती है। इन्हीं की आठ-आठ घंटे के तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जा रही है। तीन दिन पहले ही डीएम ने इस इकाई का उद्घाटन किया था। तब यहां दो बच्चे भी थे। जानकारों का कहना है कि अगर पर्याप्त स्टाफ नहीं मिलेगा तो संचालन में दिक्कतें आएंगी।

28 दिन से कम के बच्चों को मिलेगा उपचार
सीएचसी म्योरपुर में स्थापित एसएनसीयू में 28 दिन से कम आयु के बच्चों को बेहतर देखभाल के लिए रखा जाएगा। म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लाॅक के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। जन्म के बाद बुखार, स्तनपान न करने, श्वास संबंधी एवं अन्य संक्रमण से ग्रसिम बच्चों के लिए बने इस वार्ड में ऑक्सीजन, वार्मर, फोटोथेरेपी व सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


एसएनसीयू की स्थापना से नवजात बच्चों की बेहतर तरीके से देखभाल व उपचार में मदद मिलेगी। इसे चालू कर दिया गया है। डॉक्टर-कर्मचारियों की कमी भी जल्द पूरी कर दी जाएगी। इसके लिए पत्राचार किया गया है। -डॉ. पीएन सिंह, अधीक्षक, सीएचसी म्योरपुर।
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