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Sonebhadra News: खाली नहीं हुआ डूब क्षेत्र, अबकी बारिश में भरेगा पानी
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दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना के मुख्य बांध का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। ऐसे परिस्थितियों में डूब क्षेत्र में रह रहे विस्थापित परिवारों को निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बनी है। निकाय चुनाव की वजह से पुलिस बल न मिलने से यह कार्य प्रभावित हुआ था। अब एक माह के अंदर ही शेष कार्य पूरा करने के लिए विशेष जोर लगाना होगा।
कनहर बांध जल्द अपने मूल स्वरूप में आने वाला है। इस बार बारिश में बांध के डूब क्षेत्र में पानी भरने लगेगा। इससे पहले ही उसे खाली कराना जरूरी है। करीब तीन माह पहले ही प्रशासन ने विस्थापन पैकेज पाने के बाद भी डूब क्षेत्र में रह रहे लोगों को नोटिस देकर मकान खाली करने की हिदायत दी थी। कोई असर न होने पर जेसीबी से निर्माण ढहाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई, लेकिन चार घरों को गिराने के बाद मामला ठंडा पड़ गया। पुलिस बल और प्रशासनिक अफसरों के चुनाव में लग जाने से डूब क्षेत्र खाली करने की प्रक्रिया रुक गई थी। अब बारिश का मौसम शुरू होने में एक महीने का ही वक्त है। इसी अवधि में बांध को पूरा करने के साथ ही डूब क्षेत्र खाली करने की चुनौती बनी है।
भिसुर, सुगवामान, सुंदरी और कोरची गांव सबसे पहले डूबेंगे। इन चारों गांवों के करीब तीन सौ परिवारों को मुआवजा भी दिया जा चुका है, जबकि दो सौ परिवार अभी भी दावा कर रहे हैं। बारिश से पहले विस्थापन की प्रक्रिया पूरी न होने पर प्रशासन के साथ कार्यदाई संस्था के लिए भी मुश्किल बढ़ जाएगी।
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डूब क्षेत्र के गांवों का सर्वे कराया जा रहा है। जिन्हें मुआवजा मिल चुका है, उन्हें खाली करने को कहा जा चुका है। जो विस्थापित सूची में नहीं हैं उन्हें मुआवजा नहीं मिलना है। समय से खाली कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डूब क्षेत्र में बुलडोजर का उपयोग किया जाएगा। - हर प्रसाद, मुख्य अभियंता।
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कनहर बांध जल्द अपने मूल स्वरूप में आने वाला है। इस बार बारिश में बांध के डूब क्षेत्र में पानी भरने लगेगा। इससे पहले ही उसे खाली कराना जरूरी है। करीब तीन माह पहले ही प्रशासन ने विस्थापन पैकेज पाने के बाद भी डूब क्षेत्र में रह रहे लोगों को नोटिस देकर मकान खाली करने की हिदायत दी थी। कोई असर न होने पर जेसीबी से निर्माण ढहाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई, लेकिन चार घरों को गिराने के बाद मामला ठंडा पड़ गया। पुलिस बल और प्रशासनिक अफसरों के चुनाव में लग जाने से डूब क्षेत्र खाली करने की प्रक्रिया रुक गई थी। अब बारिश का मौसम शुरू होने में एक महीने का ही वक्त है। इसी अवधि में बांध को पूरा करने के साथ ही डूब क्षेत्र खाली करने की चुनौती बनी है।
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भिसुर, सुगवामान, सुंदरी और कोरची गांव सबसे पहले डूबेंगे। इन चारों गांवों के करीब तीन सौ परिवारों को मुआवजा भी दिया जा चुका है, जबकि दो सौ परिवार अभी भी दावा कर रहे हैं। बारिश से पहले विस्थापन की प्रक्रिया पूरी न होने पर प्रशासन के साथ कार्यदाई संस्था के लिए भी मुश्किल बढ़ जाएगी।
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डूब क्षेत्र के गांवों का सर्वे कराया जा रहा है। जिन्हें मुआवजा मिल चुका है, उन्हें खाली करने को कहा जा चुका है। जो विस्थापित सूची में नहीं हैं उन्हें मुआवजा नहीं मिलना है। समय से खाली कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डूब क्षेत्र में बुलडोजर का उपयोग किया जाएगा। - हर प्रसाद, मुख्य अभियंता।