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Sonebhadra News: डराने वाले हैं खुदकुशी के आंकड़े, 56 महीने में 925 ने दे दी जान

Wed, 10 Sep 2025 02:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:03 AM IST
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The statistics of suicide are frightening, 925 people committed suicide in 56 months
सोनभद्र। औद्योगिक विकास के मामले में गाजियाबाद के बाद दूसरा स्थान रखने वाले सोनभद्र में आत्महत्या के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। महज 56 माह में किसी न किसी बात से क्षुब्ध होकर 925 ने अपना जीवन समाप्त कर लिया। दहेज को लेकर ससुरालियों के ताने-पारिवारिक कलह से महिलाओं में खुदकुशी के मामले तो सामने आ ही रहे हैं, किशोरों-बुजुर्गों में बढ़ती खुदकुशी की प्रवृत्ति चौंका देने वाली है। खासकर प्रदूषण प्रभावित इलाकों में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शोध की जरूरत जताई जा रही है। (संवाद)
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केस एक :
पिछले मई माह में महज 15 दिन के भीतर पिपरी थाना क्षेत्र के पाटी, चोपन थाना क्षेत्र के गढ़वानी ओर रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के मुरैला गांव में तीन प्रेमी जोड़ों के खुदकुशी के मामले ने हड़कंप मचा दिया था। मुरैला में प्रेमी युगल नाबालिग थे। 2023 में चोपन थाना क्षेत्र के सलखन में नाबालिग जोड़े ने मंदिर प्रांगण में फंदे से लटककर जान दे दी थी। पिछले माह बभनी थाना क्षेत्र में सनकी प्रेमी के करतूत से आजिज छात्रा ने खुदकुशी कर ली थी।
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केस दो
दो माह पूर्व जुगैल थाना क्षेत्र के सेमिया गांव में प्रेम विवाह के चंद माह बाद ही विवाहिता के फंदे से लटकने के मामले ने चौंका दिया था। इसी तरह ओबरा में भी, प्रेम विवाह के छह माह बाद ही विवाहिता के खुदकुशी क प्रकरण सामने आया था। दोनों में दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप है।
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केस तीन
सितंबर 2024 में स्कूल से लौटते समय छात्रा को रोककर फाइनेंस कंपनी के कर्मियों ने किश्त बकाए को लेकर स्कूटी छिन ली। सरेबाजार हुए वाकये से वह इतनी क्षुब्ध हुई कि घर पहुंचकर फांसी लगा ली। वहीं जनवरी 2025 में बीजपुर थाना क्षेत्र के डोड़हर और म्योरपुर थाना क्षेत्र के बलियरी गांव में दो किशोरों ने इसलिए फंदे से लटककर जान दे दी थी, क्योंकि घर में बताए बिना बाइक लेकर जाने पर डांट पड़ी थी।
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केस चार
दिसंबर 2018 में राॅबटर्सगंज कोतवाली में तैनात प्रयागराज निवासी दारोगा सुजीत मिश्रा, फरवरी 2023 में हाथीनाला थाने में तैनात गाजीपुर जनपद निवासी अनुभव यादव, अगस्त 2025 में दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के अमवार पीएसी पोस्ट पर तैनात बलिया जिला निवासी संदीप सिंह ने सर्विस रिवाल्वर/रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों मामलों में तनाव और आर्थिक दबाव का मामला सामने आया था।
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केस पांच : मई 2022 में दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाड़ू गांव में 66 वर्षीय, मई 2025 में चोपन थाना क्षेत्र के गोसारी गांव में 65 वर्षीय वृद्धा, इसी तरह दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के इच्छितापुरम कालोनी में 65 वर्षीय बुजुर्ग, कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा में 72 वर्षीय बुजुर्ग ने फंदे से लटकककर जीवन समाप्त कर लिया था।
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केस छह :
दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किए जाने से क्षुब्ध होकर घोरावल कोतवाली क्षेत्र में विवाहिता ने जहर खाकर और बीजपुर थाना क्षेत्र में आग लगाकर जान दे दी थी। गत अप्रैल माह में दोनों मामलों में न्यायालय ने पति सहित अन्य दोषियों को सजा भी सुनाई।
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हर दूसरे दिन खुदकुशी, फंदे पर लटकने के ज्यादा मामले :
आंकड़े बता रहे हैं कि वर्ष 2021 में 163, 2022 में 206, 2023 में 217, 2024 में 202, पहली जनवरी से आठ सितंबर तक 137 कुल 925 खुदकुशी के मामले सामने आए हैं। यह वह प्रकरण हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई है। कई ऐसे भी मामले हैं जिन्हें लोकलाज, पीएम-पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दबा दिया गया। इसमें 80 फीसद मामले 15 से 40 वर्ष की उम्र के और 20 फीसदी प्रकरण बुजुर्गों-अधेड़ों के बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा खुदकुशी फांसी के रूप में सामने आई है। विंढमगंज थाना क्षेत्र में एक किशोर की ओर से यू-ट्यूब पर आत्महत्या का तरीका खोजने के मामले ने लोगों को चौंका दिया था।
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वर्जन :
बदलती जीवनशैली, बेतरतीब खान, पर्यावरण का बिगड़ता स्वरूप लोगों की सहन शक्ति घटा रहा है। खासकर सोनभद्र के प्रदूषण प्रभावित इलाकों, उसमें भी किशोरों-बुजर्गाें में जिस तरह आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है, वह चौंकाने वाली है। इस पर विस्तृत अध्ययन के साथ ही, स्कूलों, गांवों में जागरूकता कार्यशाला, अवसाद में जी रहे लोगों की काउंसलिंग कराते रहने की जरूरत है। - एके गौतम वरिष्ठ शोधकर्ता, पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट, देहरादून।

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जीवन अनमोल है। विद्यालयों एवं अन्य स्थलों में समय-समय पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में इस बात को समझाया जाता है। पारिवारिक प्रकरणों, खासकर महिलाओं के मामले में त्वरित कार्रवाई के साथ काउंसिलिंग का भी तरीका अपनाया जाता है ताकि अवसाद और खुदकुशी की तरफ जाने से लोगों को रोका जा सके। - अशोक कुमार मीणा, एसपी सोनभद्र।
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