{"_id":"678d38d3e86c7fea150cf54d","slug":"the-name-of-the-project-has-been-raised-on-the-ground-but-the-workers-are-not-getting-housing-sonbhadra-news-c-194-1-son1003-123305-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: जमीन पर चढ़ा परियोजना का नाम श्रमिकों को नहीं मिला रहा आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: जमीन पर चढ़ा परियोजना का नाम श्रमिकों को नहीं मिला रहा आवास
विज्ञापन
अनपरा। शासन की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धन वर्ग के लोगों को पक्की छत मुहैया कराई जा रही है। अनपरा नगर पंचायत के लोग सरकार की इस योजना से वंचित हैं। पात्रता पूरी करते हुए भी उन्हें पक्का छत नहीं मिल पा रही है। जमीन की समस्या का हल न होने से लोग परेशान है।
अनपरा नगर पंचायत में कई औद्यौगिक ईकाईयां स्थापित हैं। नगर पंचायत की ज्यादातर आबादी इन्ही परियोजनाओं में नौकरी करती है। लेकिन मजदूरों के पास अभी भी अपना पक्का आवास नही बन पाया है। नगर का मजदूर वर्ग जिस जमीनों पर निवास करता है, उस जमीन को उन लोगों ने खरीदा, लेकिन जमीन पर तापीय परियोजना का नाम चढ़ जाने के कारण इन लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। नगरवासी नगर बनने के पूर्व से आवास के लिए आवेदन कर रहें हैं। लेकिन आज तक आवास योजना का लाभ नही मिल पाया है और न ही जमीन की समस्या का हल ही निकल पा रही है।
मजदूर वर्ग आज भी कच्चे व घास की झोपड़ी मे रहने को विवश है।
कुछ ऐसे भी हैं, जिनके कच्चे मकान रजिस्ट्री या फिर पुर्नवास बस्तियों में बने थे। बारिश में आवास टूट गए। वे पटीदारों या फिर किराये के मकान में जीवन यापन कर रहें हैं। आवास के लिए कार्यालय पर फाॅर्म भरकर दे रहें हैं, लेकिन पात्रता सूची में नाम ही नही जुड़ पा रहा है। बीते माह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में अपात्रों को आवास देने की शिकायतें भी आई थीं। अभी तक अपात्रों को सूची से बाहर नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अनपरा नगर पंचायत में कई औद्यौगिक ईकाईयां स्थापित हैं। नगर पंचायत की ज्यादातर आबादी इन्ही परियोजनाओं में नौकरी करती है। लेकिन मजदूरों के पास अभी भी अपना पक्का आवास नही बन पाया है। नगर का मजदूर वर्ग जिस जमीनों पर निवास करता है, उस जमीन को उन लोगों ने खरीदा, लेकिन जमीन पर तापीय परियोजना का नाम चढ़ जाने के कारण इन लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। नगरवासी नगर बनने के पूर्व से आवास के लिए आवेदन कर रहें हैं। लेकिन आज तक आवास योजना का लाभ नही मिल पाया है और न ही जमीन की समस्या का हल ही निकल पा रही है।
विज्ञापन
मजदूर वर्ग आज भी कच्चे व घास की झोपड़ी मे रहने को विवश है।
कुछ ऐसे भी हैं, जिनके कच्चे मकान रजिस्ट्री या फिर पुर्नवास बस्तियों में बने थे। बारिश में आवास टूट गए। वे पटीदारों या फिर किराये के मकान में जीवन यापन कर रहें हैं। आवास के लिए कार्यालय पर फाॅर्म भरकर दे रहें हैं, लेकिन पात्रता सूची में नाम ही नही जुड़ पा रहा है। बीते माह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में अपात्रों को आवास देने की शिकायतें भी आई थीं। अभी तक अपात्रों को सूची से बाहर नहीं किया गया।
विज्ञापन