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विकास कार्य पर खर्च होने वाले धन का पाई-पाई देना होगा हिसाब
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सोनभद्र। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करना आसान नहीं होगा। ग्राम प्रधानों को विकास कार्य पर खर्च होने वाले धन का पाई-पाई का हिसाब देना होगा। सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने सभी ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरी को कार्य कराने में होने वाले खर्च को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है।
हर वर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार जिले के ग्राम पंचायतों में नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग आदि विकास कार्य कराने के लिए करोड़ों रुपये धन देती है। सरकार की ओर से जिला प्रशासन को आदेशित किया गया है कि 629 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन से कराए जाने वाले विकास कार्यों पर पैनी नजर रखते हुए कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराएं। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ग्राम प्रधान समेत अन्य के खिलाफ सुसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बीडीओ और एडीओ पंचायतों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और सचिवों को सूचित करें कि गांवों में नाली, हैंडपंपों की मरम्मत समेत अन्य कार्य कराने में खर्च होने वाले धनराशि की ऑनलाइन फीडिंग कराएं और अभिलेखों को दुरुस्त रखें। अगर किसी ग्राम पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग और खर्च हुए धनराशि की फीडिंग न होने की शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बता देें कि पूर्व में हैंडपंपों की मरम्मत आदि में खर्च होने वाली धनराशि की फीडिंग अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब हर हाल में फीडिंग करनी होगी।
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इनसेट
आवंटित धनराशि और विकास कार्यों का होगा मिलान
सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में दिए जाने वाले धन का शत प्रतिशत काम हो, इस दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर ब्लॉकवार आहरित धनराशि की जांच की जाएगी। साथ ही धनराशि से कराए जा रहे कार्यों का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा। डीपीआरओ कार्यालय में भी किन-किन ग्राम प्रधानों को किस-किस मद में धनराशि भेजी गई है, उसके मिलान का कार्य किया जाएगा। ताकि जिला स्तरीय टीम को भौतिक सत्यापन में किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।
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इनसेट
अनियमितता पर होगी कार्रवाई
ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों को आवंटित और निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए जिला पंचायती राज अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप कर यह निर्देशित किया गया है कि वे टीम बनाकर ग्राम प्रधानों को कितनी धनराशि आवंटित की गई है और कितनी धनराशि निकालकर उनसे कितना विकास कार्य कराया गया है इसका सत्यापन करें। फिलहाल पूर्व में ग्राम पंचायतों के खाते में बचे धन से ही कई ग्राम प्रधान कार्य करवा रहे हैं।
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वर्जन...
ग्राम प्रधानों को विकास कार्य पर खर्च होने वाले धन का पाई-पाई का हिसाब देना होगा। सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को कार्य कराने में खर्च हहोने वाली धनराशि को ऑनलाइन फिंडिग करने का निर्देश दिया गया है। गांवों में चहुंमुखी विकास कार्य कराने की कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। - डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी
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हर वर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार जिले के ग्राम पंचायतों में नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग आदि विकास कार्य कराने के लिए करोड़ों रुपये धन देती है। सरकार की ओर से जिला प्रशासन को आदेशित किया गया है कि 629 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन से कराए जाने वाले विकास कार्यों पर पैनी नजर रखते हुए कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराएं। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ग्राम प्रधान समेत अन्य के खिलाफ सुसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बीडीओ और एडीओ पंचायतों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और सचिवों को सूचित करें कि गांवों में नाली, हैंडपंपों की मरम्मत समेत अन्य कार्य कराने में खर्च होने वाले धनराशि की ऑनलाइन फीडिंग कराएं और अभिलेखों को दुरुस्त रखें। अगर किसी ग्राम पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग और खर्च हुए धनराशि की फीडिंग न होने की शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बता देें कि पूर्व में हैंडपंपों की मरम्मत आदि में खर्च होने वाली धनराशि की फीडिंग अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब हर हाल में फीडिंग करनी होगी।
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आवंटित धनराशि और विकास कार्यों का होगा मिलान
सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में दिए जाने वाले धन का शत प्रतिशत काम हो, इस दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर ब्लॉकवार आहरित धनराशि की जांच की जाएगी। साथ ही धनराशि से कराए जा रहे कार्यों का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा। डीपीआरओ कार्यालय में भी किन-किन ग्राम प्रधानों को किस-किस मद में धनराशि भेजी गई है, उसके मिलान का कार्य किया जाएगा। ताकि जिला स्तरीय टीम को भौतिक सत्यापन में किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।
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अनियमितता पर होगी कार्रवाई
ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों को आवंटित और निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए जिला पंचायती राज अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप कर यह निर्देशित किया गया है कि वे टीम बनाकर ग्राम प्रधानों को कितनी धनराशि आवंटित की गई है और कितनी धनराशि निकालकर उनसे कितना विकास कार्य कराया गया है इसका सत्यापन करें। फिलहाल पूर्व में ग्राम पंचायतों के खाते में बचे धन से ही कई ग्राम प्रधान कार्य करवा रहे हैं।
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वर्जन...
ग्राम प्रधानों को विकास कार्य पर खर्च होने वाले धन का पाई-पाई का हिसाब देना होगा। सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को कार्य कराने में खर्च हहोने वाली धनराशि को ऑनलाइन फिंडिग करने का निर्देश दिया गया है। गांवों में चहुंमुखी विकास कार्य कराने की कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। - डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी